RAS प्रश्न
जैव-पूर्वेक्षण से तात्पर्य है:
सही उत्तर: (A) वाणिज्यिक क्षमता वाले जैविक संसाधनों की खोज।
जैव-पूर्वेक्षण वाणिज्यिक क्षमता वाले जैविक संसाधनों और उनसे मिलने वाले आनुवंशिक या जैव-रासायनिक यौगिकों की व्यवस्थित खोज है।
व्याख्या
जैव-पूर्वेक्षण का अर्थ तेल, खनिज या मौसम से जुड़ी खोज नहीं है, बल्कि जैव विविधता में मौजूद उपयोगी संसाधनों की खोज है। यह संभावित औषधीय, कृषि या औद्योगिक उपयोग वाले जैविक यौगिकों की व्यवस्थित तलाश है। जैव विविधता अभिसमय के दस्तावेज में भी जैव-पूर्वेक्षण को ऐसे आनुवंशिक और जैव-रासायनिक संसाधनों के लिए जैव विविधता की खोज बताया गया है जिनका वाणिज्यिक मूल्य हो सकता है। इसी कारण विकल्प A ठीक है: बात जैविक संसाधनों की खोज की है, उनके संभावित उपयोग और आर्थिक मूल्य की है। नागोया प्रोटोकॉल ऐसी खोजों से होने वाले लाभ के बंटवारे को सुनिश्चित करने से जुड़ा है, इसलिए यह अवधारणा पर्यावरण शासन से भी जुड़ती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) तेल अन्वेषण जीवित जैविक संसाधनों या जैव-रासायनिक यौगिकों की खोज नहीं है, इसलिए यह जैव-पूर्वेक्षण की परिभाषा से बाहर है।
- (C) सोना खनन खनिज संसाधन निकालने की गतिविधि है, जबकि जैव-पूर्वेक्षण जैव विविधता में वाणिज्यिक उपयोग वाले जैविक संसाधनों की खोज से संबंधित है।
- (D) मौसम पूर्वानुमान वायुमंडलीय स्थितियों का अनुमान है; इसमें औषधीय, कृषि या औद्योगिक उपयोग वाले जैविक यौगिकों की तलाश शामिल नहीं होती।
अवधारणा
यह प्रश्न जैव विविधता, जैव संसाधन और लाभ-साझाकरण से जुड़े पर्यावरण शासन की बुनियादी समझ जांचता है। RAS में यह अवधारणा इसलिए बार-बार आती है क्योंकि जैव विविधता संरक्षण, वाणिज्यिक उपयोग और नागोया प्रोटोकॉल जैसे नियम एक ही विषय-समूह में पूछे जाते हैं।
