RAS प्रश्न
बेंगलुरु-मुंबई औद्योगिक गलियारा (BMIC) किसका भाग है:
सही उत्तर: (D) राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP)।
बेंगलुरु-मुंबई औद्योगिक गलियारा (BMIC) राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) के 11 औद्योगिक गलियारों में से एक है। यह मेक इन इंडिया, राष्ट्रीय विनिर्माण नीति या सागरमाला की कोई अलग परियोजना नहीं है।
व्याख्या
बेंगलुरु-मुंबई औद्योगिक गलियारा (BMIC) राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) का हिस्सा है। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) ने इसे कार्यक्रम के 11 गलियारों में रखा है। इसी कार्यक्रम में दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC), अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा (AKIC) और चेन्नई-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा (CBIC) भी शामिल हैं। इस बड़ी बुनियादी ढांचा पहल के तहत नए औद्योगिक शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाता है। अलग-अलग गलियारों को अलग-अलग प्रमुख परिवहन मार्गों का सहारा मिलता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 4 (NH-4), CBIC और BMIC जैसे गलियारों को प्रमुख सड़क संपर्क देता है। BMIC का प्रबंधन NICDC के ढांचे में होता है। यह बेंगलुरु और मुंबई के बीच लगभग 1,000 किमी तक फैला है और DMIC से अलग गलियारा है। इसलिए इसे किसी सामान्य नीति या बंदरगाह-आधारित योजना के बजाय औद्योगिक गलियारा कार्यक्रम का हिस्सा मानना चाहिए।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) मेक इन इंडिया विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली व्यापक पहल है, जबकि BMIC राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के 11 औद्योगिक गलियारों में शामिल है।
- (B) राष्ट्रीय विनिर्माण नीति एक अलग नीतिगत ढांचा है, जबकि BMIC राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के औद्योगिक गलियारों में शामिल है।
- (C) सागरमाला बंदरगाह-केंद्रित विकास से जुड़ा कार्यक्रम है, जबकि BMIC राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम के ढांचे में आता है और इसे देश के भीतर के प्रमुख परिवहन मार्गों का सहारा मिलता है।
अवधारणा
औद्योगिक गलियारे भारत की बुनियादी ढांचा योजना और आर्थिक भूगोल का अहम हिस्सा हैं। RAS में इनसे जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, क्योंकि गलियारों के नाम, माल ढुलाई के प्रमुख मार्ग, क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्र, संबंधित नीतियों और प्रशासनिक ढांचों के बीच अंतर करना आसान नहीं होता।
