RAS प्रश्न
बैरन द्वीप, भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी, कहाँ स्थित है?
सही उत्तर: (A) अंडमान द्वीप।
बैरन द्वीप अंडमान सागर के अंडमान द्वीप समूह में स्थित है। यह भारत और दक्षिण एशिया का एकमात्र पुष्ट सक्रिय ज्वालामुखी है।
व्याख्या
बैरन द्वीप अंडमान सागर में पोर्ट ब्लेयर से लगभग 138 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह निकोबार समूह या भारत के पश्चिमी द्वीप-समूहों में नहीं, बल्कि अंडमान समूह में आता है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का शैल-बनावट एटलस इसे पूर्वी अंडमान सागर में बर्मा-अंडमान-जावा अधोगमन तंत्र की आंतरिक चाप का हिस्सा बताता है और दक्षिण एशिया के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी के रूप में पहचानता है। अंडमान द्वीप समुद्र में डूबी अराकान योमा पर्वत-शृंखला के विस्तार की उभरी चोटियाँ हैं; इसी कारण उनका स्वरूप ज्वालामुखीय और विवर्तनिक है। इसके विपरीत लक्षद्वीप की प्रकृति प्रवाली है। अंडमान समूह का नारकोंडम भी एक ज्वालामुखी है, लेकिन वह सुप्त है और इसलिए बैरन द्वीप की विशिष्ट स्थिति नहीं बदलता।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) निकोबार द्वीप समूह विकल्प गलत है, क्योंकि बैरन द्वीप पूर्वी अंडमान सागर के अंडमान समूह में है, निकोबार समूह में नहीं।
- (C) गुजरात तट के पास विकल्प गलत है, क्योंकि बैरन द्वीप अंडमान सागर में पोर्ट ब्लेयर के पास स्थित है; इस संदर्भ में गुजरात केवल निष्क्रिय ज्वालामुखीय निक्षेपों से जुड़ता है।
- (D) लक्षद्वीप विकल्प गलत है, क्योंकि उसकी प्रकृति प्रवाली है, जबकि बैरन द्वीप अंडमान क्षेत्र के ज्वालामुखीय और विवर्तनिक परिवेश में स्थित है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारत के द्वीप-समूहों की भू-आकृति और उत्पत्ति की समझ जाँचता है। अंडमान-निकोबार समूह का परिवेश विवर्तनिक और ज्वालामुखीय है, जबकि लक्षद्वीप की प्रकृति प्रवाली है। बैरन द्वीप स्थान-आधारित एक प्रमुख अपवाद है, क्योंकि यह भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है; इसी कारण RAS में इससे जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
