Aspirant Academy

RAS प्रश्न

राजस्थान में पाई जाने वाली शुष्क (मरुस्थलीय) मिट्टी की कौन सी विशेषता है?

सही उत्तर: (A) लवण की अधिक मात्रा (लवणीय), रेतीली बनावट और कम ह्यूमस।

राजस्थान की शुष्क मरुस्थलीय मिट्टी सामान्यतः लवणीय, रेतीली बनावट वाली और ह्यूमस तथा नमी में कम होती है।

  1. (A)

    लवण की अधिक मात्रा (लवणीय), रेतीली बनावट और कम ह्यूमस

  2. (B)

    ह्यूमस की अधिक मात्रा और मृत्तिका से समृद्ध

  3. (C)

    नाइट्रोजन और फॉस्फोरस में समृद्ध

  4. (D)

    नमी धारण करने की अधिक क्षमता और अम्लीय प्रकृति

व्याख्या

शुष्क मिट्टी का मूल संकेत पानी की कमी और तेज वाष्पीकरण से जुड़ा है। NCERT के अनुसार ऐसी मिट्टी लाल से भूरी हो सकती है, पर उसकी पहचान सामान्यतः रेतीली बनावट और लवणीय प्रकृति से होती है। कुछ क्षेत्रों में नमक की मात्रा इतनी अधिक होती है कि पानी वाष्पित कर सामान्य नमक प्राप्त किया जाता है। सूखी जलवायु और अधिक तापमान के कारण वाष्पीकरण तेज रहता है, इसलिए मिट्टी में ह्यूमस और नमी कम मिलती है। यह पश्चिमी राजस्थान, गुजरात और हरियाणा के कुछ भागों में पाई जाती है तथा उचित सिंचाई, जैसे इंदिरा गांधी नहर, के बाद उत्पादक बन सकती है। इसलिए विकल्प A इसकी मुख्य विशेषताओं को ठीक पकड़ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) उच्च ह्यूमस और मृत्तिका-समृद्ध बनावट शुष्क मरुस्थलीय मिट्टी की पहचान नहीं है, क्योंकि NCERT इसे रेतीली और ह्यूमस में कम बताता है।
  • (C) यह विकल्प नाइट्रोजन और फॉस्फोरस दोनों में समृद्धि कहता है, जबकि केवल फॉस्फेट अधिक बताया गया है और मुख्य पहचान लवणीय, रेतीली तथा कम ह्यूमस वाली मिट्टी है।
  • (D) अम्लीय प्रकृति और अधिक नमी धारण शुष्क मिट्टी से मेल नहीं खाते, क्योंकि सूखी जलवायु, तेज वाष्पीकरण और नमी की कमी इसकी विशेषता हैं।

अवधारणा

यह प्रश्न भारत की मिट्टियों में शुष्क या मरुस्थलीय मिट्टी की पहचान परखता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि राजस्थान की भौतिक भूगोल, कृषि और सिंचाई से इसका सीधा संबंध है।

स्रोत

संबंधित प्रश्न