MCQ
गुप्तोत्तर काल और वर्धन वंश MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए गुप्तोत्तर काल और वर्धन वंश के 7 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1निम्नलिखित घटनाओं को आरंभ से अंत तक सही कालक्रम में रखिए: 1. पुष्यभूति वंश का उदय 2. गुप्तों के साम्राज्यवादी नियंत्रण का क्षय 3. वर्धन वंश को कन्नौज से जोड़ने वाला मौखरि गठबंधन 4. हर्षवर्धन के सत्ता में आने से पहले का गौड़ संकट नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
विकल्प A सही क्रम देता है। गुप्तों के साम्राज्यवादी नियंत्रण के क्षय के बाद पुष्यभूति वंश उभरा; फिर मौखरि गठबंधन ने वर्धन वंश को कन्नौज से जोड़ा और गौड़ संकट हर्षवर्धन के सत्ता में आने की तत्काल पृष्ठभूमि बना।
प्र.2हर्षवर्धन की राजनीतिक पहुंच के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसके पूरे शासनकाल में समूचे बंगाल पर सीधा अधिकार माना जा सकता है। 2. वल्लभी के साथ बाद के संबंधों को केवल विजय के बजाय कूटनीतिक या वैवाहिक भी माना जाता है। 3. अधीन शासक स्थानीय नियंत्रण बनाए रखते हुए हर्षवर्धन का अधिपत्य स्वीकार कर सकते थे। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कथन 2 और 3 सही हैं। वल्लभी के साथ बाद के संबंधों को केवल विजय नहीं माना जाता और सामंत स्थानीय अधिकार रख सकते थे। पूरे शासनकाल में समूचे बंगाल पर सीधे शासन का दावा सही नहीं है।
प्र.3हर्षवर्धन के शासन से जुड़े स्रोतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षचरित एक निष्पक्ष प्रशासनिक विवरण है। 2. ह्वेनसांग के विवरण में बौद्ध यात्री की रुचि दिखाई देती है। 3. प्रत्येक बड़ी राजकीय उपाधि समान नौकरशाही नियंत्रण को सिद्ध करती है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
केवल कथन 2 सही है। ह्वेनसांग ने बौद्ध यात्री की दृष्टि से लिखा। हर्षचरित प्रशस्तिपरक दरबारी जीवनी है, निष्पक्ष प्रशासनिक विवरण नहीं। बड़ी उपाधियां प्रतिष्ठा और दावे को दिखा सकती हैं; उनसे समान नौकरशाही नियंत्रण अपने-आप सिद्ध नहीं होता।
प्र.4हर्षवर्धन के काल के भूमि-अनुदानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दूतक अक्सर राजकीय अनुदान आदेश को लागू या संप्रेषित करता था। 2. प्रत्येक अनुदान प्राप्तकर्ता को पूर्ण राजनीतिक संप्रभुता देता था। 3. महत्तर और अन्य स्थानीय साक्षी राजकीय आदेश को जमीन पर मान्यता दिलाने में सहायक होते थे। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कथन 1 और 3 सही हैं। दूतक अनुदान आदेश को पहुंचाता या लागू करता था और स्थानीय साक्षी उसकी मान्यता में महत्त्वपूर्ण थे। अनुदान की भाषा विशेष अधिकार और छूट देती थी; हर अनुदान में पूर्ण संप्रभुता का हस्तांतरण नहीं होता था।
प्र.5सूची 1 को सूची 2 से सुमेलित कीजिए: सूची 1 (व्यक्ति) क. प्रभाकरवर्धन ख. राज्यवर्धन ग. राज्यश्री घ. ग्रहवर्मन सूची 2 (संबंध या पहचान) 1. हर्षवर्धन का बड़ा भाई 2. राज्यश्री का पति, जो मौखरि वंश से था 3. हर्षवर्धन का पिता 4. हर्षवर्धन की बहन नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
विकल्प D सही है। प्रभाकरवर्धन हर्षवर्धन का पिता, राज्यवर्धन उसका बड़ा भाई और राज्यश्री उसकी बहन थी। ग्रहवर्मन राज्यश्री का पति था और मौखरि वंश से था।
आपने 7 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6ऐहोल अभिलेख के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे रविकीर्ति ने चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय के लिए लिखा और इसकी तिथि 634 ईस्वी मानी जाती है। 2. चालुक्य प्रशस्ति होने पर भी यह नर्मदा के पास हर्षवर्धन को रोके जाने का चालुक्य पक्ष से मिला अहम स्रोत है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
7सूची 1 को सूची 2 से सुमेलित कीजिए: सूची 1 (केंद्र) क. स्थानेश्वर ख. कन्नौज ग. प्रयाग घ. नालंदा सूची 2 (हर्षवर्धन के काल में प्रमुख पहचान) 1. मठ और शिक्षाकेंद्र 2. राजवंश का मूल केंद्र 3. सार्वजनिक-धार्मिक दान का स्थल 4. प्रमुख राजनीतिक केंद्र नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
