तैयारी गाइड
UPPSC GS 5 और GS 6: किस पेपर में क्या पढ़ें
UPPSC GS 5 में उत्तर प्रदेश का इतिहास, संस्कृति, समाज, राजव्यवस्था, शासन और लोक सेवाएं आती हैं। GS 6 में राज्य की अर्थव्यवस्था, कृषि, भूगोल, पर्यावरण, विज्ञान, बुनियादी ढांचा, विकास सूचकांक और सार्वजनिक-निजी भागीदारी आते हैं, इसलिए दोनों के अलग मुख्य नोट्स बनाएं और केवल सचमुच जुड़े मुद्दों को साथ पढ़ें।
UPPSC GS 5 और GS 6 में मुख्य फर्क क्या है?
सबसे साफ फर्क यह है कि GS 5 संस्थाओं और समाज पर केंद्रित है, जबकि GS 6 अर्थव्यवस्था और भौगोलिक पहलुओं पर केंद्रित है। GS 5 पूछता है कि उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक विकास कैसे हुआ, उसका समाज और संस्थाएं कैसे काम करती हैं और शासन लोगों तक कैसे पहुंचता है। GS 6 पूछता है कि राज्य में उत्पादन, व्यापार और खेती कैसे होती है, संसाधनों का उपयोग और बुनियादी ढांचे का विकास कैसे किया जाता है, और भूगोल व पर्यावरण से जुड़े मुद्दों का प्रबंधन कैसे होता है।
| पेपर | आधिकारिक सिलेबस का केंद्र | नोट्स की सही इकाई |
|---|---|---|
| GS 5 | इतिहास, संस्कृति, समाज, राजव्यवस्था, शासन, सेवाएं और सुरक्षा | संस्था या सामाजिक मुद्दा |
| GS 6 | अर्थव्यवस्था, कृषि, भूगोल, पर्यावरण, विज्ञान और बुनियादी ढांचा | क्षेत्र, संसाधन या इलाका |
जुलाई 2026 तक, आयोग के आधिकारिक संग्रह में 2025 मुख्य परीक्षा के लिए सामान्य अध्ययन 5 और सामान्य अध्ययन 6 अलग-अलग दर्ज हैं। इन्हें अलग पेपर मानें; दोनों को एक ही पेपर समझकर तैयारी न करें। पूरी परीक्षा योजना के लिए [UPPSC पेज](/uppsc) देखें।
आधिकारिक GS 5 सिलेबस में क्या लिखा है?
आधिकारिक GS 5 सिलेबस में उत्तर प्रदेश का इतिहास, सभ्यता, संस्कृति और प्राचीन नगर; वास्तुकला, संग्रहालय, अभिलेखागार और पुरातत्व; स्वतंत्रता संग्राम में उत्तर प्रदेश का योगदान; प्रमुख व्यक्तित्व; और ग्रामीण, शहरी तथा जनजातीय मुद्दे शामिल हैं। इसके बाद राजनीतिक व्यवस्था, लोक सेवाएं, ऑडिट, महाधिवक्ता, उच्च न्यायालय, राज्य निधियां, राजनीतिक दल, राज्य निर्वाचन आयोग, स्थानीय स्वशासन, सुशासन और भ्रष्टाचार रोकने के विषय आते हैं। बाकी हिस्से में भूमि सुधार, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा, चिकित्सा और स्वास्थ्य, शिक्षा, भारत के विकास में उत्तर प्रदेश का योगदान, राज्य के करेंट अफेयर्स, जल शक्ति मिशन और दूसरी केंद्रीय कल्याण योजनाएं, गैर-सरकारी संगठन, पर्यटन और नवाचार शामिल हैं। इतिहास-संस्कृति, समाज, राजव्यवस्था-शासन, सामाजिक क्षेत्र, सुरक्षा और समकालीन उत्तर प्रदेश के अलग फोल्डर बनाएं। इससे पेपर की आधिकारिक सीमा भी बनी रहती है और रिवीजन भी संभलता है।
आधिकारिक GS 6 सिलेबस में क्या लिखा है?
आधिकारिक GS 6 सिलेबस की शुरुआत उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के परिचय, राज्य बजट, बुनियादी ढांचे और भौतिक संसाधनों से होती है। इसमें व्यापार, वाणिज्य और उद्योग; सरकारी योजनाएं और नियोजित विकास; मानव संसाधन और कौशल विकास; निवेश; लोक वित्त और राजकोषीय नीति; कर और आर्थिक सुधार; एक जिला एक उत्पाद; ऊर्जा नियोजन; और जनसंख्या तथा जनगणना शामिल हैं। कृषि वाले हिस्से में व्यावसायीकरण और फसल उत्पादन, नई वन नीति, कृषि वानिकी और सामाजिक वानिकी, कृषि विविधता, समस्याएं और समाधान आते हैं। भूगोल में स्थिति, स्थलरूप, जलवायु, सिंचाई, खनिज, अपवाह, वनस्पति, राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य और परिवहन शामिल हैं। आगे विकास सूचकांक, बिजली संसाधन, बुनियादी ढांचा, प्रदूषण, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्राकृतिक संसाधन, जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी तंत्र, विज्ञान और तकनीक, मछली पालन, अंगूर की खेती, रेशम पालन, फूलों की खेती, बागवानी, वृक्ष संवर्धन और सार्वजनिक-निजी भागीदारी आते हैं। नोट्स को अर्थव्यवस्था, कृषि, भूगोल, पर्यावरण, विज्ञान-तकनीक और बुनियादी ढांचा-विकास में बांटें, उन्हें GS 5 के शासन वाले नोट्स में न मिलाएं।
GS 5 और GS 6 कहां जुड़ते हैं, पर एक-दूसरे की जगह क्यों नहीं लेते?
दोनों पेपर किसी समस्या के स्तर पर जुड़ते हैं, पेपर की पहचान के स्तर पर नहीं। GS 5 में पर्यटन के उत्तर का केंद्र संस्कृति, सामाजिक असर, प्रशासन और नीति लागू करना होना चाहिए; उससे जुड़े GS 6 उत्तर का केंद्र बुनियादी ढांचा, निवेश, रोजगार, क्षेत्रीय विकास और पर्यावरण पर दबाव होना चाहिए। GS 5 में स्वास्थ्य को सेवाओं, पहुंच और शासन के नजरिए से पढ़ें, जबकि GS 6 में उसका जुड़ाव विकास सूचकांक, बुनियादी ढांचे या लोक वित्त से हो सकता है। भूमि सुधार साफ तौर पर GS 5 में है, जबकि कृषि का व्यावसायीकरण, फसल उत्पादन, कृषि विविधता, कृषि वानिकी और सामाजिक वानिकी GS 6 में आते हैं। जिलों, योजनाओं, नक्शों और मौजूदा घटनाओं के लिए तथ्यों की एक साझा सूची रखें, लेकिन हर बिंदु के नीचे दोनों पेपर के अलग नजरिए लिखें। तथ्य अपडेट करने के लिए [करेंट अफेयर्स](/current-affairs) और सवाल का सही नजरिया जांचने के लिए [पिछले पेपर](/pyq) इस्तेमाल करें।
हर पेपर के लिए किस तरह के स्रोत इस्तेमाल करें?
दोनों पेपर की शुरुआत आयोग के सिलेबस और आधिकारिक प्रश्नपत्रों से करें। GS 5 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के विभागीय पेज, कानून और नियम, संवैधानिक सामग्री, संस्कृति और पुरातत्व संस्थानों की सामग्री, सामाजिक क्षेत्र की रिपोर्ट और जिला स्तर के प्रशासनिक उदाहरण जोड़ें। GS 6 के लिए राज्य बजट और आर्थिक प्रकाशन, कृषि और उद्योग विभाग, आधिकारिक सांख्यिकीय तालिकाएं, भूगोल के नक्शे, पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण की सामग्री, ऊर्जा और बुनियादी ढांचा एजेंसियां तथा योजना डैशबोर्ड जोड़ें। किसी आंकड़े को उसकी रिपोर्टिंग अवधि और जारी करने वाली संस्था के बिना स्थायी नोट्स में न लिखें। हर नोट के नीचे स्रोत का छोटा विवरण रखें: दावा, अवधि, उत्तर प्रदेश की संस्था और लिंक। हिंदी नोट्स में समझाने वाली भाषा स्वाभाविक रखें, लेकिन अर्थ और शर्त बिल्कुल वही रखें। कोई स्रोत तभी उपयोगी है जब वह उत्तर बेहतर करे; तर्क, सबूत और उनकी सीमाएं निकाले बिना रिपोर्ट जमा करना रिवीजन नहीं है।
आधिकारिक पेपर से उत्तर लिखने की प्रैक्टिस कैसे करें?
आधिकारिक ढांचे को ही प्रैक्टिस का आधार बनाएं। 2025 के GS 6 पेपर में 20 अनिवार्य सवाल बताए गए हैं: 125 शब्द सीमा वाले 10 छोटे उत्तर और 200 शब्द सीमा वाले 10 लंबे उत्तर; पेपर यह भी कहता है कि सवाल हिंदी और अंग्रेजी में छपे हैं। आधिकारिक GS 5 पेपर में भी यही ढांचा दिया गया है। छोटे उत्तर में परिभाषा या संदर्भ, उत्तर प्रदेश से जुड़े मुख्य बिंदु, एक सीमा और आखिरी पंक्ति रखें। लंबे उत्तर में अधिक साफ शुरुआत, व्यवस्थित पहलू, राज्य से जुड़े सबूत, संतुलित आलोचना और व्यावहारिक सुझाव रखें। दोनों पेपर के लिए एक जैसी शुरुआतें न रटें। हर कोशिश के बाद सिलेबस के उस बिंदु को चिन्हित करें जिस पर सवाल पूछा गया है, जांचें कि उत्तर सही पेपर के दायरे में रहा या नहीं, और केवल सबसे कमजोर पैरा दोबारा लिखें। इससे [पिछले सवालों की प्रैक्टिस](/pyq) नकल की जगह कमजोरी पहचानने का साधन बनेगी।
कौन-सा रिवीजन मैट्रिक्स दोनों पेपर को अलग भी रखता है और जोड़ता भी है?
ऐसा मैट्रिक्स इस्तेमाल करें जो याददाश्त, सबूत और सही पेपर की पहचान को साथ जांचे।
| रिवीजन हिस्सा | GS 5 का काम | GS 6 का काम | जांच |
|---|---|---|---|
| आधार | एक संस्था या सामाजिक विषय याद करें | एक क्षेत्र या संसाधन विषय याद करें | सिलेबस में उसकी सही जगह बताएं |
| सबूत | उत्तर प्रदेश का एक आधिकारिक उदाहरण जोड़ें | उत्तर प्रदेश का एक आधिकारिक आंकड़ा, नक्शा या कार्यक्रम जोड़ें | स्रोत और अवधि लिखें |
| जोड़ | GS 6 से एक सीधा जुड़ाव लिखें | GS 5 से एक सीधा जुड़ाव लिखें | उत्तर का नजरिया अलग रखें |
| लेखन | शासन-समाज पर एक उत्तर-खाका बनाएं | अर्थव्यवस्था-भूगोल पर एक उत्तर-खाका बनाएं | प्रासंगिकता और संतुलन जांचें |
हर फोल्डर को बराबर समय देने के बजाय कमजोरी के हिसाब से मैट्रिक्स दोहराएं। जब आप नोट्स खोले बिना किसी विषय को सही पेपर में न रख पाएं, उत्तर प्रदेश का सबूत याद न कर पाएं या साफ उत्तर-ढांचा न बना पाएं, तो उस विषय को रिवीजन सूची में वापस डालें।
आधिकारिक स्रोत
इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या UPPSC GS 5 मुख्य रूप से इतिहास और राजव्यवस्था है?
नहीं। इतिहास, संस्कृति, राजव्यवस्था और शासन इसके बड़े हिस्से हैं, लेकिन GS 5 में समाज, भूमि सुधार, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, नवाचार और उत्तर प्रदेश के करेंट अफेयर्स भी शामिल हैं।
क्या UPPSC GS 6 केवल अर्थव्यवस्था का पेपर है?
नहीं। अर्थव्यवस्था और कृषि इसके मुख्य हिस्से हैं, लेकिन आधिकारिक सिलेबस में भूगोल, संसाधन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी तंत्र, विज्ञान और तकनीक, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक-निजी भागीदारी भी शामिल हैं।
क्या उत्तर प्रदेश के वही नोट्स GS 5 और GS 6 में इस्तेमाल हो सकते हैं?
जांचे हुए तथ्य साझा रखें, पूरा उत्तर-ढांचा नहीं। जिलों, योजनाओं और करेंट अफेयर्स के साझा तथ्य एक पन्ने पर रखें, फिर GS 5 के शासन-समाज और GS 6 के अर्थव्यवस्था-भूगोल वाले अलग नजरिए जोड़ें।
क्या UPPSC GS 5 और GS 6 की तैयारी हिंदी नोट्स से करनी चाहिए?
हां, अगर आप उत्तर हिंदी में लिखते हैं, लेकिन राज्य से जुड़े हर तथ्य को उत्तर प्रदेश के आधिकारिक स्रोत से जांचें। तकनीकी शब्द एक जैसे रखें, स्रोत की अवधि लिखें और आधिकारिक शब्द सीमाओं में प्रैक्टिस करें।
