Aspirant Academy

तैयारी गाइड

RPSC सेकंड ग्रेड चयन प्रक्रिया: इंटरव्यू होता है क्या?

नहीं, RPSC सेकंड ग्रेड यानी वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में इंटरव्यू नहीं होता। RPSC ने वरिष्ठ अध्यापक को केवल लिखित प्रतियोगी परीक्षा से होने वाली भर्ती की श्रेणी में रखा है और आधिकारिक परीक्षा योजना में पेपर 1 और पेपर 2 हैं। मेरिट लिखित परीक्षा के मार्क्स से बनती है, लेकिन नियुक्ति से पहले दस्तावेज और पात्रता की जांच, मेडिकल फिटनेस और नियुक्ति अधिकारी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई भी पूरी होनी ज़रूरी है।

क्या RPSC सेकंड ग्रेड चयन में इंटरव्यू होता है?

नहीं। RPSC की सूचना पुस्तिका में वरिष्ठ अध्यापक पद को केवल लिखित प्रतियोगी परीक्षा से होने वाली भर्ती की श्रेणी में रखा गया है। यहां केवल का सीधा मतलब है कि वरिष्ठ अध्यापक चयन में इंटरव्यू के मार्क्स नहीं जुड़ते। यह जवाब राजस्थान शिक्षा राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 2021 के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अध्यापक पद पर ही लागू है। इसे किसी दूसरी शिक्षक भर्ती पर लागू न करें, क्योंकि उसके नियम अलग हो सकते हैं। इस भर्ती में लिखित पेपर और अस्थायी चयन के बाद होने वाली जांच की तैयारी करें; इंटरव्यू बुलावे का इंतजार न करें।

वरिष्ठ अध्यापक का नतीजा किन लिखित पेपरों से तय होता है?

लागू आधिकारिक परीक्षा योजना में लिखित प्रतियोगी परीक्षा कुल 500 मार्क्स की है। यह स्कोर दो पेपरों में बंटा है और इसके बाद इंटरव्यू का कोई चरण या उसके मार्क्स नहीं जुड़ते। चयन में लिखित पेपरों का हिस्सा इस तरह है:

लिखित हिस्सामार्क्सचयन में भूमिका
पेपर 1200लिखित परीक्षा का स्कोर
पेपर 2300लिखित परीक्षा का स्कोर
कुल500परीक्षा के बाद की जांच से पहले स्कोर का आधार

इसलिए अभ्यर्थी समझें कि दोनों पेपरों के मार्क्स चयन में गिने जाते हैं। यह तालिका केवल अंकों के आधार पर होने वाली चयन प्रक्रिया समझाती है और विषयवार पूरी आधिकारिक परीक्षा योजना की जगह नहीं लेती। अभ्यर्थी अपने विषय और भर्ती चक्र की आधिकारिक सामग्री जरूर जांचें।

RPSC वरिष्ठ अध्यापक की मेरिट कैसे बनती है?

वरिष्ठ अध्यापक भर्ती को आधिकारिक रूप से केवल लिखित प्रतियोगी परीक्षा वाली भर्ती माना गया है। इसका मतलब है कि मेरिट का स्कोर लिखित परीक्षा से बनता है; मेरिट क्रम को ऊपर या नीचे करने वाला कोई अलग इंटरव्यू स्कोर नहीं होता। लिखित परीक्षा में अच्छा स्कोर मिलने भर से नियुक्ति पक्की नहीं होती। सिफारिश करने से पहले RPSC भर्ती नियम लागू करता है और पात्रता जांचता है। अस्थायी रूप से चुने गए अभ्यर्थी को फॉर्म में किए दावे मूल दस्तावेजों से साबित करने होते हैं। इसलिए पहले दोनों पेपरों के कुल प्रदर्शन पर ध्यान दें, फिर फॉर्म में किए हर दावे के सबूत जांच के लिए तैयार रखें। अस्थायी चयन को अंतिम ज्वाइनिंग आदेश न मानें।

वरिष्ठ अध्यापक दस्तावेज जांच में क्या होता है?

विज्ञापन में पात्रता जांच को परीक्षा के बाद की जरूरत बताया गया है, इंटरव्यू नहीं। अस्थायी रूप से चयन होने पर अभ्यर्थी को विस्तृत ऑनलाइन आवेदन भरना होता है और सभी ज़रूरी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियों के साथ ई-प्रवेश पत्र की प्रति अपलोड करनी होती है। इसके बाद RPSC मूल दस्तावेजों से पात्रता जांचता है। सीधा नियम यह है कि फॉर्म में किया हर दावा जांच के समय मौजूद मूल दस्तावेजों से मिलना चाहिए। मूल दस्तावेजों से सामने आई पात्रता की गड़बड़ी लिखित स्कोर से ठीक नहीं होती। फॉर्म जमा करने की तारीखों और दस्तावेजों से जुड़े निर्देशों के लिए विस्तृत आवेदन की सूचना देखें, क्योंकि शुरुआती परीक्षा प्रवेश पत्र अपने-आप पात्रता साबित नहीं करता। अस्थायी चयन इस जांच के अधीन रहता है।

क्या अस्थायी चयन से नियुक्ति पक्की हो जाती है?

नहीं। अस्थायी चयन के बाद पात्रता और मूल दस्तावेजों की जांच होती है, और विज्ञापन चयन के बाद मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी मांगता है। यह प्रमाण-पत्र नियुक्ति अधिकारी को देना होता है और इसमें अभ्यर्थी को राज्य सेवा के लिए फिट बताया जाना चाहिए। इसका मतलब है कि RPSC परीक्षा कराकर सिफारिश करता है, जबकि विभाग नियुक्ति करता है। इसलिए अभ्यर्थी RPSC या विभाग की हर अगली सूचना पढ़े, उसकी समय-सीमा पूरी करे और जमा किए दस्तावेजों की प्रतियां ज्वाइनिंग पूरी होने तक संभालकर रखे। नियुक्ति तभी आगे बढ़ सकती है जब लिखित नतीजा मान्य हो, पात्रता और दस्तावेजों की जांच पूरी हो और मेडिकल फिटनेस लागू नियमों के अनुसार सही हो। दस्तावेज जांच का वास्तविक कार्यक्रम और नियुक्ति की तारीख बाद में जारी होते हैं; उन्हें किसी पुराने वरिष्ठ अध्यापक चक्र या दूसरी RPSC शिक्षक भर्ती से न मानें।

आधिकारिक स्रोत

इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।

  1. rpsc.rajasthan.gov.in
  2. rpsc.rajasthan.gov.in
  3. rpsc.rajasthan.gov.in
  4. rpsc.rajasthan.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या RPSC सेकंड ग्रेड शिक्षक चयन में इंटरव्यू होता है?

नहीं। RPSC ने वरिष्ठ अध्यापक को केवल लिखित प्रतियोगी परीक्षा वाली श्रेणी में रखा है, इसलिए इस पद के लिए इंटरव्यू का कोई चरण या स्कोर नहीं है।

वरिष्ठ अध्यापक चयन में कितने लिखित पेपर होते हैं?

आधिकारिक परीक्षा योजना में दो पेपर हैं। पेपर 1 के 200 मार्क्स और पेपर 2 के 300 मार्क्स हैं, इसलिए लिखित परीक्षा कुल 500 मार्क्स की है।

क्या वरिष्ठ अध्यापक की मेरिट लिखित मार्क्स से बनती है?

हां। भर्ती में अंक केवल लिखित प्रतियोगी परीक्षा के मिलते हैं और इंटरव्यू के मार्क्स नहीं जुड़ते; सिफारिश और नियुक्ति से पहले पात्रता और दस्तावेज जांच फिर भी होती है।

क्या प्रवेश पत्र वरिष्ठ अध्यापक पद की पात्रता पक्की करता है?

नहीं। RPSC अस्थायी चयन के बाद मूल दस्तावेजों से पात्रता जांचता है, इसलिए प्रवेश पत्र से पात्रता की अंतिम पुष्टि नहीं होती।

क्या अस्थायी चयन ही ज्वाइनिंग आदेश है?

नहीं। मूल दस्तावेजों और पात्रता की जांच बाकी रहती है, और नियुक्ति आगे बढ़ने से पहले चुने गए अभ्यर्थी को ज़रूरी मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र नियुक्ति अधिकारी को देना होता है।