तैयारी गाइड
राजस्थान महिला पर्यवेक्षक का विषयवार सिलेबस
राजस्थान महिला पर्यवेक्षक सिलेबस के खंड 1 में सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, गणित और सामान्य तर्कशक्ति, सामान्य ज्ञान तथा प्रबंधकीय गुण हैं; खंड 2 में पोषण और स्वास्थ्य की जानकारी व योजनाएं, बाल विकास और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा हैं। पेपर की सीमा तय करने के लिए आधिकारिक विषय और उपविषय देखें; अध्यायों का क्रम और रोज़ की समय-सारणी तैयारी की पसंद है, सिलेबस का अतिरिक्त नियम नहीं।
यह सिलेबस किस भर्ती और पेपर पर लागू होता है?
यह मार्गदर्शिका RSSB के विज्ञापन संख्या 05/2024 की पर्यवेक्षक (महिला) सीधी भर्ती 2024 और बोर्ड की 21 मार्च 2024 को दर्ज अलग “पर्यवेक्षक (महिला) 2024: परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम” पर आधारित है। विज्ञापन में इस मार्गदर्शिका से संबंधित भर्ती की पहचान समेकित बाल विकास सेवाओं (महिला एवं बाल विकास विभाग), राजस्थान के लिए राजस्थान महिला एवं बाल विकास (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम 1998, यथा संशोधित, के तहत पर्यवेक्षक (महिला) सीधी भर्ती 2024 के रूप में दी गई है। इस सिलेबस का उपयोग करने से पहले अपने आधिकारिक विज्ञापन में छपा भर्ती का पूरा नाम मिलाएं। परीक्षा की मुख्य जानकारी के लिए [महिला पर्यवेक्षक](/mahila-supervisor) पेज खोलें। यह मार्गदर्शिका केवल पर्यवेक्षक (महिला) पेपर की विषय-सीमा बताती है; पात्रता, रिक्तियां, आवेदन और चयन भर्ती विज्ञापन के विषय हैं।
आधिकारिक पेपर विषयवार कैसे बंटा है?
आधिकारिक अंश के अनुसार पेपर स्नातक स्तर का है और इसमें पोषण, स्वास्थ्य, आरंभिक बाल देखभाल और शिक्षा पर विशेष ध्यान है। यह वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय है तथा गलत उत्तर पर अंक नहीं कटते। नीचे दी गई विषय-सूची आधिकारिक क्रम और अंक ज्यों के त्यों रखती है; इसमें अध्यायवार अंक-विभाजन नहीं गढ़ा गया है।
| खंड | आधिकारिक विषय | अंक |
|---|---|---|
| 1 | सामान्य हिंदी | 25 |
| 1 | सामान्य अंग्रेजी | 15 |
| 1 | गणित और सामान्य तर्कशक्ति | 25 |
| 1 | सामान्य ज्ञान | 30 |
| 1 | प्रबंधकीय गुण | 20 |
| 2 | पोषण | 10 |
| 2 | जीवन के अलग-अलग चरणों में पोषण का महत्व | 8 |
| 2 | गर्भावस्था में देखभाल | 8 |
| 2 | टीकाकरण | 8 |
| 2 | अलग-अलग स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम | 15 |
| 2 | कुपोषण | 8 |
| 2 | सामान्य बीमारियों की जानकारी | 8 |
| 2 | बाल विकास का परिचय | 10 |
| 2 | पूर्व-प्राथमिक शिक्षा का परिचय | 10 |
पोषण और स्वास्थ्य की सात पंक्तियों के कुल 65 अंक हैं; आधिकारिक दस्तावेज में 65 अंक की एक पंक्ति देने के बजाय हर उपविषय के अंक अलग छपे हैं।
हिंदी, अंग्रेजी, गणित और तर्कशक्ति की सीमा क्या है?
खंड 1 में सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी अलग विषय हैं; इनके बाद गणित और सामान्य तर्कशक्ति का संयुक्त विषय है। सामान्य हिंदी में संधि और संधि-विच्छेद, सामासिक पद और समास-विग्रह, उपसर्ग-प्रत्यय, पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थक शब्द, शब्द-युग्म, कारण सहित शब्द और वाक्य की शुद्धि, कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य, सकर्मक, अकर्मक और पूर्वकालिक क्रियाएं, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरे-लोकोक्तियां और अंग्रेजी के तकनीकी शब्दों के समानार्थक हिंदी शब्द शामिल हैं। सामान्य अंग्रेजी में काल और काल-क्रम, कर्तृवाच्य-कर्मवाच्य, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कथन, वाक्य-परिवर्तन, उपपद और निर्धारक, संबंधसूचक शब्द, सरल हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद, कर्ता-क्रिया मेल सहित वाक्य-सुधार, विशेषण की अवस्थाएं, संयोजक और गलत इस्तेमाल हुए शब्द, आधिकारिक व तकनीकी शब्दावली और उनके हिंदी रूप, समानार्थी-विलोम शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द तथा उपसर्ग-प्रत्यय से शब्द-निर्माण शामिल हैं। गणित में अनुपात-समानुपात, प्रतिशत, लाभ-हानि, बट्टा तथा साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज हैं। तर्कशक्ति में कथन और मान्यताएं, कथन और तर्क, कथन और निष्कर्ष, दिशा-बोध, आयु संबंधी सवाल, रक्त-संबंध और संकेत-भाषा शामिल हैं। इन आधिकारिक उपविषयों की तैयारी अलग-अलग दर्ज करें, फिर उनके नीचे अपने पढ़ाई के काम जोड़ें। संसाधन चुनने के लिए [हिंदी अध्ययन-सामग्री मार्गदर्शिका](/guides/mahila-supervisor-books-hindi-study-material-2026) देखें और इस मार्गदर्शिका को सिलेबस सूची की तरह रखें।
सामान्य ज्ञान और प्रबंधकीय गुणों में क्या शामिल है?
सामान्य ज्ञान और प्रबंधकीय गुण खंड 1 के अलग-अलग विषय हैं। सामान्य ज्ञान में राजस्थान के इतिहास, संस्कृति और भूगोल का राज्य के विशेष संदर्भ में अध्ययन, रोज़मर्रा का विज्ञान तथा विश्व, भारत और राजस्थान की समसामयिकी शामिल है। प्रबंधकीय गुणों में नेतृत्व क्षमता, गुण और कौशल सहित नेतृत्व विकास; समन्वय, समूह कार्य और मिलकर काम करने की समझ; संचार की परिभाषा, प्रकृति, माध्यम और रुकावटें; समय प्रबंधन; तथा समुदाय और सामुदायिक संगठनों की समझ, संगठन के सिद्धांत, सामुदायिक विकास, जनभागीदारी और समुदाय को संगठित करने सहित सामुदायिक संगठन शामिल हैं। सामान्य ज्ञान को केवल समसामयिकी तक सीमित न करें और प्रबंधकीय गुणों को तर्कशक्ति में न मिलाएं। दोनों के लिए तैयारी की अलग पंक्तियां रखें। आधिकारिक प्रश्न पत्र दिखाते हैं कि RSSB ने इन क्षेत्रों से सवाल कैसे पूछे, लेकिन वे छपे सिलेबस को बढ़ा या हटा नहीं सकते। आधिकारिक विषय दर्ज करने के बाद [MCQ अभ्यास](/mcq) में जांचे हुए प्रश्न हल करें।
पोषण और स्वास्थ्य के कौन-से विषय साफ तौर पर दिए गए हैं?
खंड 2 में पोषण और स्वास्थ्य के सात उपविषय अलग-अलग दिए गए हैं। पोषण में संतुलित आहार; बड़े और सूक्ष्म पोषक तत्त्व; कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन और आयोडीन, विटामिन ए, आयरन, जिंक व कैल्शियम जैसे सूक्ष्म खनिजों की कमी से होने वाली बीमारियां; तथा उनसे बचाव शामिल हैं। जीवन के अलग-अलग चरणों में पोषण के तहत किशोरावस्था, गर्भावस्था, दूध पिलाने वाली माताएं, नवजात, शिशु, बाल्यावस्था और वयस्क अवस्था आती हैं। गर्भावस्था में देखभाल के तहत वज़न की निगरानी, मां और शिशु की सुरक्षा, गर्भावस्था के खतरों से बचाव और प्रसव-पूर्व स्वास्थ्य जांच आती है। टीकाकरण में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के टीके, टीकाकरण का महत्व और टीका न लगने के नुकसान शामिल हैं। स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और समेकित बाल विकास सेवाओं की योजनाएं तथा समेकित बाल विकास सेवाओं का परिचय, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उद्देश्य, सेवाएं और योजनाएं शामिल हैं। कुपोषण में जन्म से पहले और जन्म के बाद के कारण व बचाव के उपाय आते हैं। सामान्य बीमारियों में दस्त, उल्टी, आंख और नाल का संक्रमण, खसरा, गलघोंटू, टिटनेस, काली खांसी, टीबी और निमोनिया शामिल हैं। सातों को तैयारी सूची में अलग पंक्ति दें, क्योंकि सामान्य स्वास्थ्य के एक ही सार से हर आधिकारिक उपविषय पूरा नहीं होता।
बाल विकास और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की सीमा कहां है?
RSSB ने बाल विकास का परिचय और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा का परिचय खंड 2 में 10-10 अंक के दो अलग विषय रखे हैं। बाल विकास में बढ़ोतरी और विकास की बुनियादी अवधारणाएं, विकास को समझाने वाले सिद्धांत, विकास के महत्वपूर्ण चरण, विकास पर आनुवंशिकता और वातावरण का असर, जन्म से पहले का विकास, पहले 3 वर्ष का विकास और 3 से 6 वर्ष की उम्र का विकास शामिल है। पूर्व-प्राथमिक शिक्षा में उसकी अवधारणा और औचित्य, उम्र के अनुसार सीखने की श्रेणियां और स्तर, बच्चे के सीखने की प्रक्रिया और मानसिक क्षमताएं, शारीरिक और मोटर कौशल का विकास, सोच-समझ का विकास, भाषा विकास, सामाजिक और भावनात्मक विकास तथा रचनात्मक और सौंदर्य-बोध का विकास शामिल है। बच्चों की देखभाल के काम में ये विषय आपस में जुड़े हैं, फिर भी दोनों को पोषण और स्वास्थ्य की सात पंक्तियों से अलग रखें। तैयारी का कोई स्रोत पढ़ाई का क्रम बदल सकता है, लेकिन आधिकारिक दायरा नहीं बदल सकता। दोनों विषयों के लिए अलग पंक्ति रखें और दोहराने के लिए बनाए गए छोटे नोट्स सही विषय की पंक्ति के नीचे जोड़ें।
तैयारी सूची को प्रिंट करके कैसे इस्तेमाल करें?
इस सूची को प्रिंट करें और किसी पंक्ति पर निशान तभी लगाएं, जब उस विषय की पढ़ाई, छोटे सार का दोहराव और प्रश्न अभ्यास पूरा हो जाए।
- [ ] सामान्य हिंदी
- [ ] सामान्य अंग्रेजी
- [ ] गणित और सामान्य तर्कशक्ति
- [ ] सामान्य ज्ञान
- [ ] प्रबंधकीय गुण
- [ ] पोषण
- [ ] जीवन के अलग-अलग चरणों में पोषण का महत्व
- [ ] गर्भावस्था में देखभाल
- [ ] टीकाकरण
- [ ] अलग-अलग स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम
- [ ] कुपोषण
- [ ] सामान्य बीमारियों की जानकारी
- [ ] बाल विकास का परिचय
- [ ] पूर्व-प्राथमिक शिक्षा का परिचय
यह क्रम केवल तैयारी दर्ज करने के लिए आधिकारिक विषय-क्रम का पालन करता है। आप कमज़ोर विषय पहले पढ़ सकते हैं या जुड़े विषयों का दोहराव साथ कर सकते हैं, लेकिन उस क्रम पर “तैयारी का क्रम” लिखें, ताकि उसे RSSB का नियम या बनाया हुआ अंक-विभाजन न समझा जाए।
आधिकारिक स्रोत
इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह पर्यवेक्षक (महिला अधिकारिता) का सिलेबस है?
नहीं। यह मार्गदर्शिका विज्ञापन संख्या 05/2024 की पर्यवेक्षक (महिला) सीधी भर्ती 2024 के लिए है। RSSB ने पर्यवेक्षक (महिला अधिकारिता) को अलग दर्ज किया है, इसलिए सिलेबस अपनाने से पहले भर्ती का पूरा नाम मिलाएं।
क्या सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी अलग विषय हैं?
हां। आधिकारिक परीक्षा योजना में सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी खंड 1 के अलग विषय हैं, इसलिए दोनों की तैयारी अलग दर्ज करें।
क्या प्रबंधकीय गुण तर्कशक्ति का हिस्सा है?
नहीं। गणित और सामान्य तर्कशक्ति एक आधिकारिक विषय है, जबकि प्रबंधकीय गुण दूसरा विषय है। दोनों के लिए अलग पंक्तियां रखें।
क्या यह सूची अध्यायवार अंक-विभाजन तय करती है?
नहीं। इसमें केवल आधिकारिक विषय-क्रम और छपे अंक रखे गए हैं। किताबों, अध्यायों और दोहराव का क्रम तैयारी की पसंद है।
क्या आधिकारिक प्रश्न पत्र सिलेबस की जगह ले सकता है?
नहीं। आधिकारिक प्रश्न पत्र दिखाता है कि विषयों पर सवाल कैसे पूछे गए, लेकिन घोषित विषय-सीमा परीक्षा योजना और सिलेबस तय करते हैं। दोनों का उपयोग अलग-अलग काम के लिए करें।
