तैयारी गाइड
राजस्थान LDC उत्तर कुंजी से मार्क्स कैसे निकालें
राजस्थान LDC के हर लिखित पेपर में प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2/3 मार्क्स जोड़ें और हर गलत उत्तर या पूरी तरह खाली छोड़े गए सवाल के लिए 2/9 मार्क्स घटाएँ; विकल्प E पर न मार्क्स जुड़ते हैं, न कटते हैं। पेपर I और पेपर II का हिसाब अलग निकालकर केवल लिखित स्कोर के अनुमान के लिए जोड़ें, टाइपिंग टेस्ट या अंतिम मेरिट के स्कोर के लिए नहीं। मौजूदा आधिकारिक स्थिति: RSSB की 2026 की ताज़ा उत्तर कुंजी सूची में LDC की कोई उत्तर कुंजी नहीं है।
राजस्थान LDC के लिखित पेपरों का आधिकारिक ढाँचा क्या है?
RSSB की 2026 अधिसूचना में दोनों लिखित पेपरों के लिए स्कोर का आधार एक जैसा है: 150 सवाल, अधिकतम 100 मार्क्स, हर सवाल के बराबर मार्क्स और एक-तिहाई नेगेटिव मार्किंग। पेपर II में 75 सामान्य हिंदी और 75 सामान्य अंग्रेज़ी के सवाल भी साफ़ बताए गए हैं। इसलिए दोनों लिखित स्कोर जोड़ने से पहले हर पेपर का हिसाब अलग निकालें।
| लिखित पेपर | सवाल | अधिकतम मार्क्स |
|---|---|---|
| पेपर I | 150 | 100 |
| पेपर II | 150 | 100 |
मौजूदा आधिकारिक स्थिति: RSSB की 2026 की ताज़ा उत्तर कुंजी सूची में LDC की कोई प्रविष्टि नहीं है। किसी गैर-आधिकारिक कुंजी से स्कोर न निकालें और जारी होने की तारीख न मानें। आधिकारिक कुंजी आने पर पेपर और कुंजी का संस्करण मिलाएँ, फिर हर जवाब को सही, गलत, विकल्प E या पूरी तरह खाली के रूप में गिनें।
LDC के मार्क्स निकालने का सही सूत्र क्या है?
हर पेपर में 150 सवाल और अधिकतम 100 मार्क्स हैं। सभी सवालों के मार्क्स बराबर हैं, इसलिए एक सवाल का मान 100 ÷ 150 = 2/3 मार्क्स है। आधिकारिक एक-तिहाई नेगेटिव मार्किंग का अर्थ है कि सवाल के मान का एक-तिहाई कटेगा: 1/3 × 2/3 = 2/9 मार्क्स। एक पेपर के लिए यह सूत्र लगाएँ:
पेपर का स्कोर = (सही × 2/3) − (गलत × 2/9) − (पूरी तरह खाली × 2/9)।
विकल्प E का मान 0 है। हिसाब लगाने से पहले पक्का करें कि सही + गलत + विकल्प E + पूरी तरह खाली = 150 हो। अंतिम चरण तक भिन्न में हिसाब रखें; पहले ही पूर्णांक या सीमित दशमलव तक राउंड करने पर कुल बदल सकता है। कैलकुलेटर में `(6 × सही − 2 × गलत − 2 × पूरी तरह खाली) ÷ 9` भी लगा सकते हैं। दोनों सूत्र एक जैसे हैं और केवल उस पेपर का लिखित अनुमान देते हैं।
विकल्प E और खाली सवाल का हिसाब कैसे होता है?
विकल्प E और पूरी तरह खाली जवाब एक बात नहीं हैं। RSSB के निर्देश के अनुसार सवाल हल न करने पर E का गोला भरना है। इससे कोई मार्क्स नहीं मिलते, लेकिन खाली जवाब वाली कटौती भी नहीं लगती। सवाल तभी पूरी तरह खाली है, जब A, B, C, D या E में से कोई गोला न भरा हो; तब उस सवाल के एक-तिहाई मार्क्स कटते हैं, जो यहाँ 2/9 मार्क्स हैं। आधिकारिक नियम यह भी कहता है कि 10% से अधिक सवालों में पाँचों में से कोई गोला न भरने पर अभ्यर्थी अयोग्य होगा। 150 सवालों के पेपर में 10% का अर्थ 15 है: 15 तक पूरी तरह खाली जवाबों पर अलग-अलग कटौती लगेगी, जबकि 16 या अधिक होने पर अयोग्यता की सीमा पार हो जाएगी। सूत्र लगाने से पहले विकल्प E और खाली जवाब अलग-अलग गिनें।
उदाहरण 1 में किए गए सवालों का स्कोर कैसे निकलेगा?
मान लें कि एक पेपर में 105 सही जवाब, 30 गलत जवाब, विकल्प E के 15 जवाब और कोई पूरी तरह खाली जवाब नहीं है। गिनती पूरी है: 105 + 30 + 15 + 0 = 150। सही जवाबों से 105 × 2/3 = 70 मार्क्स मिलेंगे। गलत जवाबों पर 30 × 2/9 = 20/3 मार्क्स कटेंगे। विकल्प E का मान 0 है और खाली जवाब की कोई कटौती नहीं है।
| उदाहरण 1 का चरण | मार्क्स |
|---|---|
| सही जवाबों के मार्क्स | 70 |
| गलत जवाबों की कटौती | 20/3 |
| विकल्प E और खाली का असर | 0 |
| पेपर का अनुमानित स्कोर | 190/3 = 63 1/3 |
इस उदाहरण से साफ़ है कि किए गए सवालों की संख्या ही स्कोर नहीं होती: 135 किए गए सवालों में सही और गलत दोनों जवाब हैं। विकल्प E वाले 15 जवाब गलत नहीं माने जाते और उनका असर 0 रहता है।
उदाहरण 2 में खाली जवाबों की कटौती कैसे जुड़ेगी?
मान लें कि एक पेपर में 90 सही जवाब, 35 गलत जवाब, विकल्प E के 20 जवाब और 5 पूरी तरह खाली जवाब हैं। गिनती पूरी है: 90 + 35 + 20 + 5 = 150। सही जवाबों से 90 × 2/3 = 60 मार्क्स मिलेंगे। गलत जवाबों पर 35 × 2/9 = 70/9 मार्क्स और खाली जवाबों पर 5 × 2/9 = 10/9 मार्क्स कटेंगे। विकल्प E का मान 0 रहेगा। अनुमानित स्कोर 60 − 70/9 − 10/9 = 460/9, यानी 51 1/9 मार्क्स है। 5 खाली जवाब 10% से अधिक वाली अयोग्यता सीमा के भीतर हैं, फिर भी हर खाली जवाब की कटौती लगेगी। इन खाली जवाबों की जगह विकल्प E भरा होता तो केवल 10/9 मार्क्स की कटौती बचती; सही जवाब के मार्क्स नहीं मिलते।
उदाहरण 3 में पेपर I और पेपर II कैसे जोड़े जाएँगे?
दोनों पेपरों का हिसाब अलग निकालें। पेपर I में मान लें कि 100 सही, 35 गलत, विकल्प E के 10 और 5 खाली जवाब हैं; कुल 150 है। इसका स्कोर 100 × 2/3 − 35 × 2/9 − 5 × 2/9 = 520/9, यानी 57 7/9 है। पेपर II में मान लें कि 92 सही, 40 गलत, विकल्प E के 8 और 10 खाली जवाब हैं; इनका कुल भी 150 है। इसका स्कोर 92 × 2/3 − 40 × 2/9 − 10 × 2/9 = 452/9, यानी 50 2/9 है। दोनों का लिखित अनुमान 520/9 + 452/9 = 200 में से 108 है। किसी पेपर में 15 से अधिक खाली जवाब नहीं हैं। यह मिला हुआ लिखित अनुमान है, टाइपिंग टेस्ट का स्कोर या अंतिम मेरिट का अनुमान नहीं।
लिखित स्कोर को टाइपिंग और मेरिट से अलग क्यों रखें?
उत्तर कुंजी से केवल पहले चरण के उन 2 लिखित पेपरों का अनुमान निकल सकता है, जिनकी आधिकारिक कुंजी उपलब्ध हो। पेपर I, पेपर II और दोनों के मिले हुए लिखित स्कोर को अलग पंक्तियों में रखें; इनमें दूसरे चरण के टाइपिंग टेस्ट के मार्क्स न जोड़ें। आधिकारिक परीक्षा योजना के अनुसार पहले और दूसरे चरण के मार्क्स अंतिम मेरिट तय करने में गिने जाते हैं, इसलिए केवल उत्तर कुंजी से निकला लिखित अनुमान अंतिम मेरिट का स्कोर नहीं है। इससे अगले चरण की पात्रता या अंतिम चयन का नतीजा भी तय नहीं होता। अपने पेपर के लिए RSSB की बताई हुई आधिकारिक कुंजी का सही संस्करण इस्तेमाल करें। बाद की कुंजी में कोई उत्तर बदले तो अनुमान से कुल न बदलें, बल्कि उस जवाब का हिसाब दोबारा लगाएँ। इस चक्र की आधिकारिक सूचना में स्कोर का कोई खास तरीका दिया जाए तो उसके सही शब्दों के अनुसार हिसाब लगाएँ; यह गाइड ऐसा कोई नियम नहीं जोड़ती जो उपलब्ध LDC स्रोत में नहीं है।
आधिकारिक स्रोत
इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
LDC में एक सही जवाब के कितने मार्क्स मिलते हैं?
एक सही जवाब के 2/3 मार्क्स मिलते हैं, क्योंकि हर लिखित पेपर के 100 मार्क्स 150 सवालों में बराबर बँटे हैं। अंतिम जोड़ तक इसे भिन्न में ही रखें।
LDC में एक गलत जवाब पर कितने मार्क्स कटते हैं?
एक गलत जवाब पर 2/9 मार्क्स कटते हैं। यह एक सवाल के 2/3 मार्क्स का एक-तिहाई है, पूरे 1 मार्क का एक-तिहाई नहीं।
क्या विकल्प E से राजस्थान LDC का स्कोर घटता है?
नहीं। विकल्प E बताता है कि सवाल हल नहीं किया गया, इसलिए उसका मान 0 रहता है और पूरी तरह खाली जवाब वाली कटौती नहीं लगती। इसे गलत और खाली जवाबों से अलग गिनें।
LDC में कोई सवाल पूरी तरह खाली छोड़ने पर क्या होगा?
A, B, C, D या E में से कोई गोला न भरने पर जवाब पूरी तरह खाली माना जाता है और 2/9 मार्क्स कटते हैं। 150 सवालों के पेपर में ऐसे 15 से अधिक जवाब आधिकारिक 10% से अधिक वाली अयोग्यता सीमा पार करते हैं।
क्या पेपर I और पेपर II के स्कोर जोड़े जा सकते हैं?
हाँ, दोनों पेपरों का अलग हिसाब निकालने के बाद उन्हें 200 में से लिखित अनुमान के लिए जोड़ सकते हैं। इसे टाइपिंग टेस्ट या अंतिम मेरिट का स्कोर न कहें।
