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CET 2026 जन स्वास्थ्य पाठ्यक्रम — नए अनुभाग के सभी 4 उप-विषय विस्तार से

आख़िरी अपडेट: जुलाई 2026 · 10 मिनट पढ़ें

त्वरित उत्तर

CET 2026 में जन स्वास्थ्य अब RSSB CET सीनियर सैकण्डरी (विज्ञापन 08/2026) और CET स्नातक (विज्ञापन 09/2026), दोनों पर लागू है। दोनों स्तरों में 4 आधिकारिक उप-विषय समान हैं: प्राथमिक चिकित्सा और CPR की बुनियादी बातें, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रकार और बचाव, युवाओं की शारीरिक और मानसिक फिटनेस, और सोशल मीडिया की लत से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम व बचाव। सीनियर सैकण्डरी में 120 प्रश्न और 240 अंक का संयुक्त पेपर है; स्नातक में 150 प्रश्न और 300 अंक का संयुक्त पेपर है। किसी भी अधिसूचना में जन स्वास्थ्य के लिए निश्चित अंक-विभाजन नहीं दिया गया है।

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CET 2026 में जन स्वास्थ्य प्राथमिकता क्यों है

CET सीनियर सैकण्डरी 2026 और CET स्नातक 2026, दोनों में जन स्वास्थ्य नया नामित अनुभाग है। RSSB विज्ञापन 08/2026 इसे सीनियर सैकण्डरी पेपर में जोड़ता है, और विज्ञापन 09/2026 वही 4 उप-विषय स्नातक पेपर में जोड़ता है।

यह उन उम्मीदवारों के लिए अच्छा मौका है जो चारों उप-विषय सीधे तरीके से पढ़ेंगे। इतिहास या भूगोल की तुलना में जन स्वास्थ्य पर प्रतिस्पर्धा कम होगी। हर उप-विषय पर 1-2 घंटे की लक्षित पढ़ाई काफी है।

  • उप-विषय 1: प्राथमिक चिकित्सा और CPR की बुनियादी बातें।
  • उप-विषय 2: नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रकार और बचाव।
  • उप-विषय 3: युवाओं की शारीरिक और मानसिक फिटनेस।
  • उप-विषय 4: सोशल मीडिया की लत से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम और निवारक उपाय।

उप-विषय 1 — प्राथमिक चिकित्सा और CPR की बुनियादी बातें

प्राथमिक चिकित्सा वह तत्काल देखभाल है जो पेशेवर चिकित्सा सहायता आने से पहले दी जाती है। इसका उद्देश्य जीवन बचाना, आगे के नुकसान को रोकना और रिकवरी को बढ़ावा देना है। परीक्षा में बुनियादी बातें मांगी गई हैं, इसलिए क्लिनिकल प्रक्रियाओं के बजाय परिभाषाएं, क्रियाक्रम और सामान्य प्रोटोकॉल पर ध्यान दें।

DRSABC क्रम: Danger — खतरे को दूर करें या खुद हटें; Response — पीड़ित के होश की जांच करें; Send for help — 112 पर कॉल करें; Airway — सिर पीछे झुकाकर और ठुड्डी उठाकर हवा का रास्ता खोलें; Breathing — सामान्य श्वास जांचें; CPR — सामान्य श्वास न हो तो दबाव शुरू करें।

CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन। सार्वजनिक उपयोग का मानक तरीका है 30 छाती दबाव और फिर 2 बचाव-श्वास। दबाव छाती के बीच में लगाएं, जोर से और तेज, लगभग 100–120 प्रति मिनट।

CET के लिए और जानें: AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर) का काम और बुनियादी संचालन; दम घुटने पर हेमलिक पकड़; रक्तस्राव पर दबाव और ऊंचाई; हड्डी टूटने पर स्थिरीकरण; जलन पर ठंडा पानी; बेहोश लेकिन सांस लेते व्यक्ति के लिए रिकवरी स्थिति।

उप-विषय 2 — नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रकार और बचाव

परीक्षा में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रकार और उनसे बचाव के उपाय शामिल हैं। प्रमुख वर्गीकरण और कानूनी ढांचा तैयार करें, न कि क्लिनिकल फार्माकोलॉजी।

परीक्षा के लिए मुख्य प्रकार: शामक और प्रशांतक जैसे नींद की गोलियां और बेंजोडायजेपाइन; अफीम-आधारित पदार्थ जैसे हेरोइन और मॉर्फीन; भांग-आधारित जैसे गांजा, चरस और भांग; उत्तेजक जैसे कोकीन, एम्फेटामाइन और तंबाकू-आधारित उत्पाद; और मतिभ्रम करने वाले जैसे LSD।

स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) नशीले पदार्थों को नियंत्रित करने वाला भारत का मुख्य कानून है। वर्ष 1985 याद रखें। मुख्य बिंदु: इसमें खेती, उत्पादन, कब्जा, बिक्री और परिवहन सभी शामिल हैं; दंडात्मक धाराओं के साथ नशेड़ियों के इलाज का प्रावधान भी है।

लत के लक्षण: सहनशीलता यानी उसी असर के लिए और खुराक चाहिए, बंद करने पर दिक्कत, जिम्मेदारियों की अनदेखी, नुकसान जानते हुए भी उपयोग। स्वास्थ्य प्रभाव: जिगर और गुर्दे की क्षति, तंत्रिका तंत्र का ह्रास, हृदय संबंधी तनाव, अवसाद और मनोविकृति सहित मानसिक बीमारियां।

समुदाय स्तर पर बचाव: स्कूलों और पंचायतों में जागरूकता अभियान, NMHP यानी राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत व्यसन मुक्ति केंद्र, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए MANODARPAN पहल, साथियों के बीच शिक्षा कार्यक्रम, और NDPS अधिनियम 1985 का सख्त पालन।

उप-विषय 3 — युवाओं की शारीरिक और मानसिक फिटनेस

यह उप-विषय युवाओं की शारीरिक और मानसिक फिटनेस पर केंद्रित है। परीक्षा का नजरिया खेल-विज्ञान नहीं, जन स्वास्थ्य है, इसलिए व्यायाम तकनीकों के बजाय मुख्य अवधारणाएं, संस्थाएं और नीति पढ़ें।

CET के लिए शारीरिक फिटनेस के तत्व: हृदय सहनशक्ति, मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति, लचीलापन और शरीर की बनावट। राष्ट्रीय पहलें: खेलो इंडिया जो जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देती है, FIT India आंदोलन, और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम।

युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य: पढ़ाई के दबाव, दोस्तों के बीच रिश्ते और परीक्षा की प्रतिस्पर्धा से तनाव और चिंता सामान्य है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीति 2014 मानसिक स्वास्थ्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दे के रूप में देखती है। KIRAN हेल्पलाइन 1800-599-0019 मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता देती है।

परीक्षा के लिए मुख्य अवधारणाएं: मानसिक बीमारी और तनाव का अंतर, मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करने वाले कारक जैसे सामाजिक समर्थन, नींद, व्यायाम और उद्देश्य, और शुरुआती पहचान और हस्तक्षेप में स्कूलों और समुदाय की भूमिका।

उप-विषय 4 — सोशल मीडिया की लत से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम

सोशल मीडिया की लत और उसके स्वास्थ्य जोखिम RSSB 2026 पाठ्यक्रम में जन स्वास्थ्य का स्पष्ट उप-विषय है। CET के लिए यह बिल्कुल नया क्षेत्र है और इसका कोई PYQ पूर्व उदाहरण नहीं है। इसे एक अलग नए अध्याय की तरह तैयार करें।

लत लगाने वाली ऐप डिजाइन: अनंत स्क्रॉल, पुश-नोटिफिकेशन, बदलते पुरस्कार वाले लाइक, स्ट्रीक मैकेनिज्म और एल्गोरिदमिक फीड को जानबूझकर इस तरह बनाया जाता है कि उपयोगकर्ता ज्यादा समय ऐप पर बिताए।

शारीरिक नुकसान: डिजिटल आंखों का तनाव जैसे रूखापन और धुंधलापन, गर्दन और मुद्रा की समस्या, रात को स्क्रीन देखने से नीली रोशनी के कारण नींद में बाधा, टचस्क्रीन उपयोग से बार-बार तनाव की चोट, और घर के बाहर कम निकलने से विटामिन D की कमी।

मानसिक नुकसान: दूसरों से तुलना और मान्यता मांगने से चिंता, निष्क्रिय स्क्रॉलिंग से जुड़ा अवसाद, FOMO यानी छूट जाने का डर, साइबरबुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न, ध्यान लगाने की क्षमता में कमी, और फ़िल्टर की गई सामग्री से शरीर की छवि को लेकर तनाव।

निवारक उपाय: फोन सेटिंग या ऐप से स्क्रीन समय सीमा, तय डिजिटल डिटॉक्स समय, नोटिफिकेशन प्रबंधन, फोन-मुक्त स्थान और समय, स्कूलों में अभिभावक नियंत्रण और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम, आमने-सामने सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देना, और ध्यान बनाए रखने के लिए माइंडफुलनेस अभ्यास।

CET 2026 के लिए जन स्वास्थ्य कैसे पढ़ें

हर उप-विषय के लिए 1–2 घंटे का अलग सत्र रखें, कुल चार सत्र। CET के लिए जन स्वास्थ्य के PYQ उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए RSSB स्वास्थ्य विभाग के राज्यस्तरीय पाठ्यक्रम और NCERT स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा पाठ्यपुस्तकों को आधार सामग्री के रूप में उपयोग करें।

हर उप-विषय के लिए एक पेज की फैक्टशीट बनाएं जिसमें हो: मुख्य परिभाषा, आधिकारिक ढांचा या अधिनियम जैसे NDPS Act 1985 या KIRAN हेल्पलाइन, 3–5 सबसे परीक्षा-उपयोगी तथ्य, और बचने वाली सामान्य गलतफहमियां।

पहले पढ़ने के बाद दोहराई MCQ अभ्यास से करें न कि फिर से पढ़कर। MCQ परीक्षा के लिए पहचान-आधारित याददाश्त को याद-आधारित याददाश्त में बदल देते हैं। भेद वाले प्रश्नों पर ध्यान दें जैसे कौन सा शामक है और कौन सा उत्तेजक, कौन सा प्रोटोकॉल किस आपातस्थिति में, और NDPS Act का वर्ष और मुख्य धारा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या CET 2026 में जन स्वास्थ्य नया विषय है?

हां। CET 2026 में जन स्वास्थ्य नया नामित अनुभाग है और अब सीनियर सैकण्डरी तथा स्नातक, दोनों स्तरों पर लागू है। RSSB विज्ञापन 08/2026 में यह सीनियर सैकण्डरी के लिए और विज्ञापन 09/2026 में स्नातक के लिए समान 4 आधिकारिक उप-विषयों के साथ दिया गया है।

CET 2026 जन स्वास्थ्य अनुभाग के 4 उप-विषय कौन से हैं?

4 आधिकारिक उप-विषय हैं: (1) प्राथमिक चिकित्सा और CPR की बुनियादी बातें, (2) नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रकार और बचाव, (3) युवाओं की शारीरिक और मानसिक फिटनेस, और (4) सोशल मीडिया की लत से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम और निवारक उपाय।

CET 2026 में प्राथमिक चिकित्सा और CPR क्या पढ़ना होगा?

इन पर ध्यान दें: प्राथमिक चिकित्सा क्या होती है और कब दी जाती है, DRSABC क्रम (Danger, Response, Send for help, Airway, Breathing, CPR), CPR में 30 छाती दबाव और 2 बचाव-श्वास का क्रम, AED का बुनियादी संचालन, और दम घुटना, जलन, रक्तस्राव, हड्डी टूटना और बेहोशी जैसी स्थितियों में सामान्य प्राथमिक चिकित्सा।

CET 2026 के लिए नशीले पदार्थों की कौन सी श्रेणियां पढ़नी होंगी?

ये श्रेणियां तैयार करें: शामक और प्रशांतक, अफीम जैसे हेरोइन और मॉर्फीन, भांग जैसे गांजा और चरस, उत्तेजक जैसे कोकीन और एम्फेटामाइन, और मतिभ्रम करने वाले जैसे LSD। NDPS अधिनियम 1985, लत के लक्षण, स्वास्थ्य पर असर और समुदाय स्तर पर बचाव के उपाय भी पढ़ें।

CET 2026 जन स्वास्थ्य में सोशल मीडिया की लत का उप-विषय क्या है?

पाठ्यक्रम में सोशल मीडिया की लत से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम और निवारक उपाय दिए गए हैं। पढ़ें: ऐप्स की लत लगाने वाली बनावट, आंखों पर तनाव, खराब मुद्रा और नींद में बाधा जैसे शारीरिक नुकसान, चिंता, अवसाद, FOMO और साइबरबुलिंग जैसे मानसिक नुकसान, और स्क्रीन समय सीमा, डिजिटल डिटॉक्स और अभिभावक नियंत्रण जैसे बचाव। यह बिल्कुल नया पाठ्यक्रम बिंदु है।

CET 2026 में जन स्वास्थ्य के कितने अंक होंगे?

RSSB ने किसी भी स्तर के लिए विषयवार अंक-विभाजन नहीं दिया है। सीनियर सैकण्डरी में 120 प्रश्न और 240 अंक का संयुक्त पेपर है। स्नातक में 150 प्रश्न और 300 अंक का संयुक्त पेपर है। जन स्वास्थ्य को तय अंक मानकर नहीं, बल्कि संयुक्त पेपर के हिस्से के रूप में तैयार करें।

CET 2026 जन स्वास्थ्य अनुभाग को असरदार तरीके से कैसे तैयार करें

1

RSSB 08/2026 और 09/2026 से 4 आधिकारिक उप-विषय मिलाएं

चारों उप-विषय सीनियर सैकण्डरी और स्नातक, दोनों के लिए समान हैं: प्राथमिक चिकित्सा और CPR, नशीले पदार्थों के प्रकार और बचाव, युवाओं की शारीरिक और मानसिक फिटनेस, और सोशल मीडिया की लत के स्वास्थ्य जोखिम। किसी द्वितीयक स्रोत का उपयोग करने से पहले संबंधित आधिकारिक विज्ञापन में जन स्वास्थ्य की सूची सीधे देखें।

2

हर उप-विषय की एक फैक्टशीट बनाएं

हर उप-विषय के लिए एक-एक पेज की फैक्टशीट बनाएं जिसमें हो: मुख्य परिभाषा, आधिकारिक ढांचा या कानून जैसे NDPS Act 1985 या KIRAN 1800-599-0019, 3–5 परीक्षा-उपयोगी तथ्य, और बचने वाले सामान्य गलत उत्तर। कुल चार फैक्टशीट बनाएं।

3

हर उप-विषय 90 मिनट के एक अलग सत्र में पढ़ें

यह नया अनुभाग है और PYQ नहीं हैं, इसलिए पाठ्यक्रम से जुड़े आधार-मटेरियल से पढ़ें। NCERT स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा और RSSB के आधिकारिक स्वास्थ्य परिपत्रों का उपयोग करें। परीक्षा-स्तर की गहराई के लिए हर उप-विषय पर 90 मिनट काफी हैं।

4

हर सत्र के बाद MCQ से अभ्यास करें

पढ़ाई के बाद उस उप-विषय पर 10–15 MCQ करें। भेद पर ध्यान दें: कौन सा उत्तेजक है और कौन सा शामक, कौन सा प्राथमिक चिकित्सा प्रोटोकॉल किस पर लागू होता है, NDPS Act की कौन सी धारा क्या कहती है। इससे पाठ-आधारित याददाश्त MCQ-उत्तर की याददाश्त में बदलती है।

5

इसे कम-प्रतिस्पर्धा क्षेत्र मानें

2026 में जन स्वास्थ्य पूरी तरह नया होने के कारण अधिकांश उम्मीदवार इसे कम आंकेंगे। इसे एक स्कोरिंग मॉड्यूल मानें। चारों उप-विषयों की मजबूत तैयारी आपको वह बढ़त देगी जो पुराने CET की तैयारी में नहीं है।

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