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तैयारी गाइड

BPSC आवेदन फ़ीस, दस्तावेज़ और आरक्षण प्रमाण-पत्र 2026

जुलाई 2026 तक, 72वीं संयुक्त परीक्षा में चुनी गई हर परीक्षा की फ़ीस ₹100 थी। पहचान के लिए आधार दर्ज न करने पर हर परीक्षा के लिए ₹200 अतिरिक्त बायोमेट्रिक फ़ीस भी देनी थी। पोर्टल पर प्रोफ़ाइल की जानकारी, लाइव फ़ोटो, हिंदी और अंग्रेज़ी हस्ताक्षर की तस्वीरें तथा चुने गए पद के लिए दिखाए गए दस्तावेज़ चाहिए थे; आरक्षण का दावा करने के लिए बिहार में अपनी श्रेणी के सही प्रमाण-पत्र ज़रूरी थे, जबकि मूल प्रमाण-पत्रों की जाँच बाद में दस्तावेज़ सत्यापन या इंटरव्यू के समय होती थी।

2026 चक्र में BPSC आवेदन फ़ीस कितनी थी?

जुलाई 2026 तक, 72वीं संयुक्त परीक्षा के विज्ञापन के अनुसार चुनी गई हर परीक्षा के लिए ₹100 फ़ीस थी। पहचान के लिए आधार संख्या दर्ज न करने पर चुनी गई हर परीक्षा के लिए ₹200 अतिरिक्त बायोमेट्रिक फ़ीस भी देनी थी। इस बार श्रेणी के हिसाब से अलग या रियायती फ़ीस नहीं थी; सभी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा फ़ीस ₹100 थी।

फ़ीस का हिस्साराशिकब लागू था
परीक्षा फ़ीसहर परीक्षा के लिए ₹100चुनी गई हर परीक्षा
बायोमेट्रिक फ़ीसहर परीक्षा के लिए ₹200 अतिरिक्तपहचान के लिए आधार संख्या दर्ज न होने पर

अगर उम्मीदवार ने एक से अधिक अलग परीक्षाएँ चुनी थीं, तो हर परीक्षा की फ़ीस अलग देनी थी। यह गाइड BPSC की किसी पुरानी फ़ीस तालिका को 2026 का नियम नहीं मानती।

BPSC पोर्टल पर फ़ीस का भुगतान कैसे होता था?

जुलाई 2026 तक, पोर्टल गाइड के मुताबिक उम्मीदवार को माय अकाउंट में फ़ीस भरने वाला हिस्सा खोलना था। इसके बाद SBI का ऑनलाइन भुगतान गेटवे खुलता था, जहाँ UPI, कार्ड और नेट बैंकिंग के विकल्प मिलते थे। भुगतान सफल होने पर माय अकाउंट में रसीद और भुगतान का इतिहास दिखता था। BPSC के आधिकारिक सवाल-जवाब के मुताबिक एक विज्ञापन या पद के लिए केवल एक ऑनलाइन भुगतान ज़रूरी है; राशि दो बार कटने पर अतिरिक्त लेनदेन के लिए बैंक से रिफंड या चार्जबैक माँगा जा सकता है। केवल भुगतान होने से अंतिम सबमिशन पूरा नहीं माना जाता था: चुने गए विज्ञापन के सामने आवेदन भी पूरा दिखना चाहिए था। पूरी OTR और सुधार प्रक्रिया के लिए [BPSC फॉर्म गाइड](/guides/bpsc-application-form-otr-correction-2026) देखें।

आवेदन पोर्टल पर कौन-सी जानकारी और अपलोड चाहिए थे?

जुलाई 2026 तक, पंजीकरण के लिए चालू ईमेल पता, मोबाइल नंबर, OTP से पुष्टि और 10वीं की मार्कशीट में दर्ज उम्मीदवार का नाम चाहिए था। प्रोफ़ाइल में निजी जानकारी, पते, 10वीं से आगे की पढ़ाई, लागू होने पर अनुभव और पहचान दस्तावेज़ का प्रकार व संख्या भरी जाती थी। तस्वीरों में लाइव फ़ोटो और हिंदी तथा अंग्रेज़ी हस्ताक्षर की अलग-अलग तस्वीरें ज़रूरी थीं। 72वीं संयुक्त परीक्षा के विज्ञापन और पोर्टल गाइड में हस्ताक्षर की तस्वीर के फ़ाइल आकार और पिक्सेल की अलग-अलग सीमाएँ दी गई थीं, इसलिए चुने गए विज्ञापन और मौजूदा अपलोड स्क्रीन पर दिख रही सीमाएँ ही माननी थीं। विज्ञापन चुनने के बाद पोर्टल उस पद के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची दिखाता था; ये फ़ाइलें डिजिलॉकर से ली जा सकती थीं या फोन अथवा कंप्यूटर से अपलोड की जा सकती थीं। इसलिए सुरक्षित सूची वही है जो पोर्टल दिखाए, किसी दूसरी BPSC भर्ती से ली गई सामान्य सूची नहीं।

आरक्षण के सही दावे के लिए कौन-से प्रमाण-पत्र चाहिए थे?

जुलाई 2026 तक, 72वीं संयुक्त परीक्षा में आरक्षण केवल बिहार के स्थायी निवासी को मिलता था, बशर्ते उसने ऑनलाइन आवेदन में अपनी श्रेणी का दावा किया हो। दावा सही प्रमाण-पत्र से मेल खाना चाहिए था: SC या ST के लिए जाति और स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, BC या EBC के लिए क्रीमीलेयर रहित प्रमाण-पत्र तथा EWS के लिए सक्षम अधिकारी से जारी आय और संपत्ति प्रमाण-पत्र। विवाहित महिला के लिए जाति या क्रीमीलेयर रहित प्रमाण-पत्र पिता के नाम और पते से जारी होना ज़रूरी था। बिहार से बाहर के उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे, लेकिन बिहार का आरक्षण नहीं ले सकते थे। ये आरक्षण के दावे की शर्तें थीं; पहले श्रेणी चुनकर बाद में प्रमाण जुटाने की छूट नहीं थी।

प्रमाण-पत्र की तारीख और जारी करने वाले अधिकारी का कौन-सा नियम मानें?

जुलाई 2026 तक, 72वीं संयुक्त परीक्षा में आरक्षण के दावे के लिए इस्तेमाल हर प्रमाण-पत्र ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 31 मई 2026 को या उससे पहले जारी होना ज़रूरी था। अपनी श्रेणी के लिए बताया गया प्रमाण-पत्र ही लगाएँ, उसे बिहार के सक्षम अधिकारी से जारी कराएँ और उसकी संख्या व जारी होने की तारीख ठीक वैसे ही भरें जैसे दस्तावेज़ पर लिखी है। आयु गिनने की अलग तारीख या किसी नियम के लागू होने की तारीख को प्रमाण-पत्र की अंतिम तारीख न मानें। EWS के लिए सक्षम अधिकारी से जारी आय और संपत्ति प्रमाण-पत्र तथा BC या EBC के लिए बिहार का क्रीमीलेयर रहित प्रमाण-पत्र इस्तेमाल करें; समान नाम वाले केंद्रीय प्रमाण-पत्र को अपने-आप बराबर न मानें। पोर्टल वैधता या जारी होने की तारीख माँगे तो वही जानकारी भरें जो दस्तावेज़ से साबित होती हो। प्रमाण-पत्र न होने या उसकी जानकारी दावे से मेल न खाने पर आरक्षण का दावा अस्वीकार हो सकता है, भले सामान्य आवेदन जमा हो गया हो।

आवेदन में क्या देना था और दस्तावेज़ सत्यापन तक क्या रखना था?

जुलाई 2026 तक, ऑनलाइन आवेदन में उम्मीदवार के दावे दर्ज होते थे और चुने गए पद के लिए पोर्टल पर माँगी गई फ़ाइलें ली जाती थीं। उम्मीदवार को आवेदन की बिना माँगी हार्ड कॉपी या अतिरिक्त कागज़ आयोग को भेजने की जरूरत नहीं थी। BPSC आवेदन में भरी गई पढ़ाई, अनुभव और आरक्षण की जानकारी को फिलहाल सही मानकर आगे की प्रक्रिया करता था; मूल प्रमाण-पत्रों का मिलान बाद में दस्तावेज़ सत्यापन या इंटरव्यू के समय होता था। जमा आवेदन, फ़ीस की रसीद और हर दावे में इस्तेमाल प्रमाण-पत्र संभालकर रखें, लेकिन उनकी प्रतियों को मूल प्रमाण-पत्र का विकल्प न मानें। इसलिए आवेदन और बाद के सत्यापन का काम अलग-अलग है। अगले चरण के कागज़ और निजी जानकारी वाले फॉर्म के लिए [BPSC इंटरव्यू और DAF गाइड](/guides/bpsc-interview-daf-personality-test-2026) तथा पूरी परीक्षा की जानकारी के लिए [BPSC परीक्षा पेज](/bpsc) देखें।

अंतिम सबमिशन से पहले क्या जाँचें?

जुलाई 2026 तक, BPSC आवेदन को पूरा मानने से पहले यह अंतिम जाँच करें:

  • नाम और माता-पिता के नाम को 10वीं के रिकॉर्ड से मिलाएँ।
  • चालू ईमेल पता, मोबाइल नंबर और पहचान दस्तावेज़ की संख्या जाँचें।
  • पढ़ाई और अनुभव की हर जानकारी को उसके प्रमाण-पत्र से मिलाएँ।
  • साफ़ लाइव फ़ोटो लें और पोर्टल पर दिखाए गए सही आकार में दोनों ज़रूरी हस्ताक्षर तस्वीरें अपलोड करें।
  • चुना हुआ विज्ञापन खोलें और केवल उसी में माँगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें।
  • आरक्षण श्रेणी, प्रमाण-पत्र का प्रकार, जारी करने वाला अधिकारी, संख्या और तारीख मिलाएँ।
  • चुनी गई हर परीक्षा के लिए ₹100 दें और आधार दर्ज न होने पर हर परीक्षा के लिए ₹200 जोड़ें।
  • आवेदन जमा होने की पुष्टि करें, फिर आवेदन की प्रति, रसीद और भुगतान का इतिहास सुरक्षित रखें।

जमा आवेदन के बिना केवल भुगतान रसीद होना पूरा फॉर्म होने के बराबर नहीं है।

आधिकारिक स्रोत

इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।

  1. bpsc.bihar.gov.in
  2. bpsc.bihar.gov.in
  3. bpsc.bihar.gov.in
  4. bpsc.bihar.gov.in
  5. bpsc.bihar.gov.in
  6. bpsconline.bihar.gov.in
  7. bpsconline.bihar.gov.in
  8. bpsconline.bihar.gov.in
  9. bpsconline.bihar.gov.in
  10. bpsconline.bihar.gov.in
  11. bpsconline.bihar.gov.in
  12. bpsconline.bihar.gov.in
  13. bpsconline.bihar.gov.in
  14. bpsconline.bihar.gov.in
  15. bpsc.bihar.gov.in
  16. bpsc.bihar.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 2026 में BPSC 72वीं संयुक्त परीक्षा की फ़ीस श्रेणी के अनुसार अलग थी?

नहीं। जुलाई 2026 तक, हर उम्मीदवार के लिए चुनी गई हर परीक्षा की फ़ीस ₹100 थी। पहचान के लिए आधार दर्ज न होने पर हर परीक्षा के लिए ₹200 अतिरिक्त बायोमेट्रिक फ़ीस लगती थी।

क्या OTR के समय पढ़ाई और आरक्षण के सभी प्रमाण-पत्र अपलोड करने थे?

नहीं। जुलाई 2026 तक, OTR से प्रोफ़ाइल बनती थी, जबकि चुना गया विज्ञापन उस पद के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची दिखाता था। उसी सूची के दस्तावेज़ अपलोड करें; दूसरी भर्ती की सामान्य सूची न जोड़ें।

क्या बिहार से बाहर का उम्मीदवार BPSC आरक्षण माँग सकता था?

नहीं। जुलाई 2026 तक, बिहार से बाहर के उम्मीदवार 72वीं संयुक्त परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते थे, लेकिन बिहार का आरक्षण नहीं माँग सकते थे। आरक्षण के दावे के लिए बिहार के स्थायी निवास का प्रमाण और लागू श्रेणी का प्रमाण-पत्र ज़रूरी था।

विवाहित महिला के जाति या क्रीमीलेयर रहित प्रमाण-पत्र पर किसका नाम होना चाहिए था?

जुलाई 2026 तक, 72वीं संयुक्त परीक्षा के विज्ञापन में विवाहित महिला का जाति या क्रीमीलेयर रहित प्रमाण-पत्र पिता के नाम और पते से जारी होना ज़रूरी था। केवल पति के नाम और पते पर बना प्रमाण-पत्र उस तय शर्त को पूरा नहीं करता था।

क्या सफल फ़ीस भुगतान से BPSC फॉर्म पूरा हो जाता था?

नहीं। जुलाई 2026 तक, भुगतान के बाद रसीद और भुगतान का इतिहास दिखता था, लेकिन उम्मीदवार को चुने गए विज्ञापन का आवेदन पूरा करके जमा भी करना था। जमा आवेदन और रसीद दोनों सुरक्षित रखें।