संचार मंत्रालय के डाक विभाग के अंतर्गत भारतीय डाक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 4,009 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक तिमाही राजस्व अर्जित किया और पहली बार 4,000 करोड़ रुपये का आँकड़ा पार किया। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही की तुलना में वर्ष-दर-वर्ष 22 प्रतिशत की वृद्धि है और तिमाही लक्ष्य 4,951 करोड़ रुपये का 81 प्रतिशत है। ये आँकड़े नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित तिमाही व्यवसाय समीक्षा बैठक में सामने आए, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की; इस अवसर पर संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी भी उपस्थित रहे। विभाग वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 19,803 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है। व्यवसाय के छह अंगों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। नागरिक-केंद्रित सेवाओं (सीसीएस) ने सर्वाधिक 86 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की, इसके बाद पार्सल (50 प्रतिशत), डाक (42 प्रतिशत), अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं वैश्विक व्यवसाय (34 प्रतिशत), पीएलआई/आरपीएलआई (20 प्रतिशत) और डाकघर बचत बैंक (10 प्रतिशत) का स्थान रहा। कुल मिलाकर आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल शीर्ष तीन डाक परिमंडल रहे। मंत्री ने शून्य लेनदेन वाले शाखा डाकघरों में उल्लेखनीय कमी और व्यय कवरेज अनुपात (ईसीआर) में सुधार को रेखांकित किया, जो पेंशन सहित 28 से बढ़कर 32 प्रतिशत और पेंशन को छोड़कर 41 से बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया। सिंधिया ने परिमंडलों के बीच परस्पर सीखने और क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया।