वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अपने पोर्टल पर मुक्त बिक्री और वाणिज्य प्रमाणपत्र (एफएससी) स्वचालित रूप से जारी करना शुरू कर दिया है। पत्र सूचना कार्यालय, दिल्ली ने 1 सितंबर 2026 को यह कदम निर्यातकों के लिए व्यापार में सरलता बढ़ाने की सरकारी पहलों के क्रम में बताया।

विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत ये प्रमाणपत्र उन वस्तुओं के निर्यातकों को जारी होते हैं जो औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के अंतर्गत नहीं आतीं। अब तक ऐसे प्रमाणपत्र डीजीएफटी के क्षेत्रीय प्राधिकरणों (आरए) की ओर से जांच और सत्यापन के बाद जारी किए जाते थे। नए इंतजाम में मौजूदा ढांचे के अनुसार पात्र आवेदनों पर स्वचालित निर्गमन के लिए विचार होगा; उन्हें संबंधित कर्मियों के पास सूक्ष्म जांच के लिए नहीं भेजा जाएगा।

स्वचालित तंत्र से एफएससी आवेदनों की एक महत्वपूर्ण श्रेणी के निपटारे में लगने वाला समय घटने और पुरानी कार्यालय प्रक्रिया से जुड़ा अनुपालन बोझ कम होने की उम्मीद है। जिन आवेदनों के सत्यापन की ज़रूरत होगी या जो स्वचालित निपटारे के मापदंड पूरे नहीं करते, उन्हें क्षेत्रीय प्राधिकरण के कर्मचारियों के पास भेजा जा सकता है। कुछ स्वतः स्वीकृत आवेदनों को भी प्रणाली के जोखिम प्रबंधन मापदंडों के अंतर्गत समीक्षा के लिए संबंधित क्षेत्रीय प्राधिकरण को भेजा जा सकता है।

इस कदम से अनावश्यक मानवीय दखल घटने, प्रक्रिया की पूर्वानुमेयता सुधरने और पात्र निर्यातकों को एफएससी तेज़ी से मिलने की उम्मीद है; जांच की ज़रूरत वाले आवेदनों के लिए उचित सत्यापन और निगरानी बनी रहेगी। स्वचालित, नियम-आधारित प्रक्रिया को मज़बूत कर और जोखिम-आधारित समीक्षा लागू कर यह पहल निर्यातकों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के लिए मुक्त बिक्री एवं वाणिज्य प्रमाणपत्र जारी करना अधिक कुशल, पारदर्शी और पूर्वानुमानयोग्य बनाने का लक्ष्य रखती है।