प्रकाशित: 24 जुलाई 2026इंडियन एक्सप्रेसविज्ञान-प्रौद्योगिकी
चांदीपुरा विषाणु से 2 मौतों के बाद सीमावर्ती जिलों में निगरानी की तैयारी
Aसीधा उत्तर
चांदीपुरा विषाणु से संक्रमित राजस्थान की 2 लड़कियों की गुजरात में मौत के बाद डूंगरपुर, सिरोही और उदयपुर में निगरानी की योजना बनाई गई। 24 जुलाई तक प्रकोप में 9 मौतों की पुष्टि हुई थी, जबकि इसका कोई खास इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है।
मुख्य तथ्य
चांदीपुरा विषाणु से संक्रमित राजस्थान की 2 लड़कियों की गुजरात में इलाज के दौरान मौत हो गई।
राजस्थान ने पश्चिमी सीमावर्ती जिलों डूंगरपुर, सिरोही और उदयपुर में निगरानी की योजना बनाई।
शुक्रवार, 24 जुलाई तक प्रकोप में 9 मौतों की पुष्टि हुई थी। इनमें गुजरात की 7 और राजस्थान की 2 मौतें थीं।
चांदीपुरा विषाणु रैब्डोविरिडी कुल का सदस्य है और फ्लेबोटोमाइन बालूमक्खियों तथा कुछ मच्छरों से फैलता है।
संक्रमण से मस्तिष्कशोथ हो सकता है और बुखार, बदन दर्द व सिरदर्द के बाद होश की अवस्था में बदलाव तथा दौरे पड़ सकते हैं।
मुख्य रूप से 15 साल से कम उम्र के बच्चे संवेदनशील होते हैं और इसका कोई खास इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है।
राजस्थान की 2 लड़कियों की गुजरात में इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों चांदीपुरा विषाणु से संक्रमित पाई गई थीं। इसके बाद राजस्थान ने अपने पश्चिमी सीमावर्ती जिलों डूंगरपुर, सिरोही और उदयपुर में निगरानी की योजना बनाई। शुक्रवार, 24 जुलाई तक मौजूदा प्रकोप में 9 मौतों की पुष्टि हो चुकी थी। इनमें गुजरात की 7 और राजस्थान की 2 मौतें शामिल थीं। यह जानकारी 24 जुलाई 2026 को प्रकाशित हुई।
चांदीपुरा विषाणु को सीएचपीवी भी कहा जाता है और यह रैब्डोविरिडी कुल का सदस्य है। इसका संक्रमण वाहकों से फैलता है। इन वाहकों में फ्लेबोटोमाइन बालूमक्खियाँ, विशेषकर फ्लेबोटोमस पैपाटासी, और एडीज एजिप्टी जैसे कुछ मच्छर शामिल हैं। संक्रमण से मस्तिष्कशोथ हो सकता है। शुरुआती लक्षणों में बुखार, बदन दर्द और सिरदर्द आते हैं। इसके बाद होश और समझ की अवस्था में बदलाव तथा दौरे पड़ सकते हैं। बीमारी तेजी से गंभीर हो सकती है।
इस संक्रमण की आशंका मुख्य रूप से 15 साल से कम उम्र के बच्चों में रहती है। राजस्थान की जिन 2 लड़कियों की मौत हुई, वे विषाणु से संक्रमित पाए जाने के बाद गुजरात में इलाज करा रही थीं। 24 जुलाई को उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार गुजरात में 7 और राजस्थान में 2 मौतों की पुष्टि हुई थी। राजस्थान की योजना सीमा से लगे 3 पश्चिमी जिलों में निगरानी करने की थी। चांदीपुरा विषाणु संक्रमण का कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं है और इससे बचाव का कोई टीका भी नहीं है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
चांदीपुरा विषाणु संक्रमण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस संक्रमण का खास इलाज उपलब्ध है।
2. इस संक्रमण से बचाव का टीका उपलब्ध है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर D
दोनों कथन गलत हैं। चांदीपुरा विषाणु संक्रमण का कोई खास इलाज नहीं है और इससे बचाव का कोई टीका भी उपलब्ध नहीं है।