4 सितंबर 2026 को प्रेस सूचना ब्यूरो, दिल्ली की विज्ञप्ति में बताया गया कि राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने ऑडिट की गुणवत्ता, आश्वासन और प्रौद्योगिकी पर एक सलाहकार समिति का गठन किया है।

यह गठन राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण नियम, 2018 के नियम 15 और नियम 16 के अनुसार हुआ है। ये नियम एनएफआरए को अधिनियम के अंतर्गत अपने कामों को प्रभावी ढंग से निपटाने के लिए समितियाँ, अध्ययन समूह और कार्य बल बनाने तथा ऑडिट, लेखा मानकों और लेखापरीक्षा गुणवत्ता के महत्व और जागरूकता बढ़ाने के उपयुक्त कदम उठाने का अधिकार देते हैं।

नई सलाहकार समिति में कई क्षेत्रों के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल हैं। वे ऑडिट की गुणवत्ता पर गहरा असर डालने वाले विषयों पर सुझाव और इनपुट देंगे। समिति में एनएफआरए के कई हितधारक समूहों का प्रतिनिधित्व है—पेशेवर, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ), लेखापरीक्षा समितियाँ, स्वतंत्र निदेशक, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, नियामक और उद्योग।

विज्ञप्ति के अनुसार यह सलाहकार समिति इस प्रकार की तीसरी समिति है। पहली तकनीकी सलाहकार समिति थी, जिसका गठन 2020 में हुआ था और जिसका कार्यकाल दिसंबर 2022 में समाप्त हो गया। इससे पहले जुलाई 2024 में एनएफआरए ने लेखा परीक्षक–लेखा परीक्षा समिति के संसाधनों पर सलाह देने के लिए जाने-माने विशेषज्ञों का एक सलाहकार समूह बनाया था। उस समूह के काम में लेखा परीक्षक–लेखा परीक्षा समिति के बीच विचार-विमर्श (स्टाफ) श्रृंखला तथा लेखा परीक्षा समितियों और स्वतंत्र निदेशकों के साथ आउटरीच गतिविधियाँ शामिल थीं।

सलाहकार समूह और सलाहकार समिति का विवरण एनएफआरए की वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रेस सूचना ब्यूरो की इस सामग्री की रिलीज़ आईडी 2306836 है।