केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त 2026 तक जापान की चार दिवसीय यात्रा करेंगे। वे टोक्यो, नागोया और ओसाका जाएंगे तथा भारत के अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, वाहन उद्योग, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और नवउद्यमों से जुड़े 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हैं। यात्रा का उद्देश्य भारत-जापान व्यापार और निवेश संबंधों को उनकी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के अंतर्गत और मजबूत करना है। टोक्यो में गोयल प्रमुख जापानी समूहों और औद्योगिक घरानों के शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे। वे 1,500 से अधिक प्रमुख जापानी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली जापान बिजनेस फेडरेशन, कीडानरेन के साथ गोलमेज सम्मेलन में भी भाग लेंगे। सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवउद्यम तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों के साथ जुड़ाव पर विशेष सत्र आयोजित करने की योजना है। गोयल जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री अकाज़ावा रयोसेई से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे जापान सरकार और संसद के वरिष्ठ सदस्यों से मिलेंगे तथा भारतीय समुदाय से संवाद करेंगे। मध्य जापान के औद्योगिक केंद्र नागोया में वे चुकेरेन और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ व्यापार संवर्धन कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। वे आइची प्रान्त के नेतृत्व और वाहन तथा इस्पात क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों से चर्चा करेंगे। यात्रा का समापन ओसाका में निवेशक और व्यापार संवर्धन कार्यक्रमों से होगा, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक और उपभोक्ता क्षेत्रों की प्रमुख जापानी कंपनियां भाग लेंगी। इनमें भारत के विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता बाजारों के अवसर बताए जाएंगे। इस प्रतिनिधिमंडल से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई गति तथा उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण और अगली पीढ़ी के उद्योगों में सहयोग के नए अवसर मिलने की अपेक्षा है। ये क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के लिए महत्वपूर्ण हैं।