प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर, 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया। 5 साल के इस अभियान में 17 संबंधित मंत्रालयों के 25 उपाय शामिल हैं। इसका लक्ष्य 63,843 गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमियां दूर करना, स्वास्थ्य, शिक्षा और आंगनवाड़ी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाना, आजीविका के अवसर बढ़ाना और 30 राज्यों व संघ राज्यक्षेत्रों के 549 जिलों में स्थित 2,911 ब्लॉकों के 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभ पहुंचाना है। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने राज्य सरकारों और संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों से पात्र गांवों की सूची मांगी है। पात्रता के लिए गांव में जनजातीय आबादी बहुमत में होनी चाहिए, कुल आबादी कम-से-कम 500 हो और जनजातीय निवासियों की हिस्सेदारी कम-से-कम 50 प्रतिशत हो। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों के 11 ब्लॉकों के 591 गांव अभियान की ग्राम सूची में शामिल किए गए हैं। क्रियान्वयन के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय संबंधित मंत्रालयों के साथ नियमित अंतर-मंत्रालयी और समन्वय बैठकें करता है। राज्यों और जिला अधिकारियों के साथ भी नियमित समीक्षा बैठकें होती हैं। प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन के लिए पीएमयू का प्रावधान है। अभियान में पीएमएवाई-जी के तहत 20 लाख आवास, पीएमजीएसवाई के तहत 25,000 किलोमीटर सड़कें, 1,000 मोबाइल चिकित्सा इकाइयां, 2,000 नए आंगनवाड़ी केंद्र, समग्र शिक्षा के तहत 1,000 छात्रावास और उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख एलपीजी कनेक्शन जैसे लक्ष्य शामिल हैं। इसके अलावा 2,000 संस्थानों में सौर छत संयंत्र, 700 पोषण वाटिकाएं, जनजातीय जिलों में 30 कौशल विकास केंद्र और जिम्मेदार पर्यटन के तहत 1,000 होमस्टे का लक्ष्य भी रखा गया है।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के दायरे में 63,843 गांव
5 साल का धरती आबा अभियान 17 मंत्रालयों के 25 उपायों के ज़रिए 63,843 जनजातीय बहुल गांवों में सुविधाएं और आजीविका बेहतर करने पर केंद्रित है। इसके क्रियान्वयन में गांवों की तय पात्रता, मंत्रालयों के बीच तालमेल, मैदानी समीक्षा और पीएमयू की व्यवस्था शामिल है।
मुख्य तथ्य
- 5 साल के अभियान में 17 मंत्रालयों के 25 उपायों के जरिए 63,843 गांव शामिल किए गए हैं।
- इसका लक्ष्य 30 राज्यों व संघ राज्यक्षेत्रों के 549 जिलों के 2,911 ब्लॉकों में 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभ पहुंचाना है।
- पात्र गांव में जनजातीय आबादी बहुमत में, कुल आबादी कम-से-कम 500 और जनजातीय निवासियों की हिस्सेदारी कम-से-कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए।
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों के 11 ब्लॉकों के 591 गांव अभियान की सूची में हैं।
- नियमित अंतर-मंत्रालयी, राज्य और जिला समीक्षा के साथ पीएमयू क्रियान्वयन में सहायक है।
6-अक्ष वर्गीकरण
अभ्यास प्रश्न MCQ
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धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे 2 अक्टूबर, 2024 को शुरू किया गया। 2. इसके 25 उपायों को 25 संबंधित मंत्रालय लागू करते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 सही है क्योंकि अभियान 2 अक्टूबर, 2024 को शुरू हुआ था। कथन 2 गलत है क्योंकि अभियान के 25 उपायों को 25 नहीं, बल्कि 17 संबंधित मंत्रालय लागू करते हैं।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान कब शुरू हुआ?
प्रधानमंत्री ने इसे 2 अक्टूबर, 2024 को शुरू किया।
अभियान में कितने गांव शामिल करने का लक्ष्य है?
5 साल में 63,843 गांवों को शामिल करने का लक्ष्य है।
किस गांव को सूची में शामिल करने की पात्रता है?
गांव में जनजातीय आबादी बहुमत में हो, कुल आबादी कम-से-कम 500 हो और जनजातीय निवासियों की हिस्सेदारी कम-से-कम 50 प्रतिशत हो।
अभियान के क्रियान्वयन और निगरानी की व्यवस्था क्या है?
जनजातीय कार्य मंत्रालय संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय बैठकें और राज्य व जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें करता है। पीएमयू भी निगरानी और क्रियान्वयन में सहायता करता है।
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