चीनी कीमतों में उछाल, गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल तथा डीलर स्टॉक सीमा 400 टन: प्रेस सूचना ब्यूरो का विश्लेषण
Aसीधा उत्तर
26 अगस्त 2026 की प्रेस सूचना ब्यूरो बैकग्राउंडर हालिया चीनी कीमत उछाल को अल्पकालिक आपूर्ति कारकों से जोड़ती है, 2026-27 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल बताती है, तथा डीलर स्टॉक सीमा 400 टन और 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात जैसे कदम गिनाती है।
मुख्य तथ्य
चीनी सीजन 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए उचित और लाभकारी मूल्य 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी पर 365 रुपये प्रति क्विंटल है—2016-17 के 9.5 प्रतिशत रिकवरी वाले 230 रुपये से 135 रुपये अधिक।
खुदरा चीनी 20 जुलाई 2026 को 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम से 20 अगस्त 2026 को 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम पहुँची (एक महीने में करीब 15.6 प्रतिशत); अगस्त 2024–जुलाई 2026 में सालाना बढ़ोतरी करीब 3 प्रतिशत थी।
मौजूदा सीजन का चीनी उत्पादन शुरुआती अनुमान करीब 343 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले करीब 306 लाख मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है; रेड रॉट, टॉप बोरर और जलभराव से नुकसान हुआ।
एथेनॉल के लिए डायवर्ट चीनी का हिस्सा 2022-23 के करीब 12 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में करीब 9 प्रतिशत रह गया; करीब तीन-चौथाई एथेनॉल अब अनाज, खासकर मक्का, से आता है।
1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक डीलर स्टॉक सीमा 400 टन है; 1 सितंबर 2026 से थोक उपभोक्ताओं को 15 दिन की खपत से ज़्यादा स्टॉक नहीं रखने दिया जाएगा।
सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी का शुल्क-मुक्त आयात मंज़ूर किया और 15 अक्टूबर 2026 से पेराई शुरू कर अक्टूबर उत्पादन 10 लाख मीट्रिक टन से ऊपर लाने की सलाह दी।
26 अगस्त 2026 की प्रेस सूचना ब्यूरो बैकग्राउंडर में भारत के चीनी उद्योग और खुदरा कीमतों में हालिया उछाल का विश्लेषण दिया गया है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक देश है। यह सेक्टर करीब 5 करोड़ किसानों तथा मिलों और जुड़े उद्योगों में करीब 5 लाख मज़दूरों को आजीविका देता है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार 2025-26 में गन्ना उत्पादन 500 एमएमटी पहुँचा, जो 2015-16 के 348.44 एमएमटी से करीब 43.5 प्रतिशत अधिक है; क्षेत्रफल 49.27 से 58.87 लाख हेक्टेयर हो गया। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र शीर्ष उत्पादक राज्य हैं। चीनी निर्यात 2025-26 में 8 लाख मीट्रिक टन रहा, जबकि 2016-17 में 0.47 लाख मीट्रिक टन था।
चीनी सीजन 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी पर 365 रुपये प्रति क्विंटल है—2016-17 के 9.5 प्रतिशत रिकवरी वाले 230 रुपये से 135 रुपये अधिक। खुदरा चीनी 20 जुलाई 2026 को 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम से 20 अगस्त 2026 को 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम पहुँची (एक महीने में करीब 15.6 प्रतिशत), जबकि अगस्त 2024 से जुलाई 2026 तक सालाना बढ़ोतरी करीब 3 प्रतिशत ही थी। मौजूदा सीजन का उत्पादन शुरुआती अनुमान करीब 343 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले करीब 306 लाख मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है; रेड रॉट, टॉप बोरर और जलभराव ने फ़सल को नुकसान पहुँचाया। अक्टूबर की पेराई तक मांग पूरा करने लायक स्टॉक बताया गया है। 2026-27 में वैश्विक कमी करीब 33 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है; अंतरराष्ट्रीय कीमतें 30 जून 2026 को 474 डॉलर प्रति टन से 20 अगस्त 2026 को 552 डॉलर प्रति टन पहुँचीं।
1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक डीलर स्टॉक सीमा 400 टन है; 1 सितंबर 2026 से थोक उपभोक्ताओं को 15 दिन की खपत से ज़्यादा स्टॉक नहीं रखने दिया जाएगा। मिलों पर संयुक्त भौतिक जाँच चल रही है। 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी का शुल्क-मुक्त आयात मंज़ूर किया गया है, और 15 अक्टूबर 2026 से पेराई शुरू कर अक्टूबर उत्पादन 10 लाख मीट्रिक टन से ऊपर लाने की सलाह दी गई है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
प्रेस सूचना ब्यूरो में बताए गए भारत के हालिया चीनी क्षेत्र कदमों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी पर 365 रुपये प्रति क्विंटल है।
2. चीनी डीलरों पर 400 टन की देशव्यापी स्टॉक सीमा 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक लागू है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर A
कथन 1 सही है: 2026-27 के लिए उचित और लाभकारी मूल्य 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी पर 365 रुपये प्रति क्विंटल है। कथन 2 गलत है: डीलरों पर 400 टन स्टॉक सीमा 1 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक लागू है, जनवरी–मार्च 2026 तक नहीं।