राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को पीएम ई-बस सेवा के तहत 71 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य जयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषणमुक्त बनाना है। इससे इन शहरों के लोगों को सुगम और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा मिलेगी। नई बसों में से 24 को जयपुर से प्रत्यक्ष रूप से रवाना किया गया। ये बसें जयपुर और भीलवाड़ा के लिए तय की गई हैं। अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के लिए निर्धारित 47 बसों का शुभारंभ आभासी रूप से हुआ। योजना के व्यापक लक्ष्य के तहत राजस्थान के 9 शहरों—जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर, अलवर और सीकर—में कुल 1,150 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जानी हैं। पहले चरण में 675 बसों को मंज़ूरी मिली थी। इनमें से 68 अत्याधुनिक बसों की सेवा पहले ही शुरू हो चुकी थी। जयपुर को 45, भीलवाड़ा को 18 और बीकानेर को 5 बसें मिली थीं। योजना में 475 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों को भी मंज़ूरी दी गई है। बसों के सुचारु संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और बस स्टैंड जैसी ज़रूरी सुविधाएँ तेज़ी से विकसित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य शहरी परिवहन तंत्र को मज़बूत करने के साथ प्रदूषण के स्तर में प्रभावी कमी लाना है। इसी आयोजन में राज्यभर के 1,421 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ। इनमें सड़क निर्माण और सुधार, यातायात व्यवस्था, जल निकासी, सीवरेज प्रणाली और सुरक्षित सबवे से जुड़े काम शामिल हैं। समारोह में श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के तहत 1,32,421 पात्र लाभार्थियों को करीब ₹126 करोड़ की सहायता भी दी गई। इसका उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहारा देना तथा सामाजिक सुरक्षा को मज़बूत करना है।
राजस्थान में पीएम ई-बस सेवा के तहत 7 शहरों के लिए 71 इलेक्ट्रिक बसें शुरू
राजस्थान ने पीएम ई-बस सेवा के तहत 7 शहरों के लिए 71 इलेक्ट्रिक बसें शुरू कीं। यह पहल 9 शहरों में 1,150 ई-बसें चलाने के बड़े लक्ष्य और उससे जुड़ी शहरी सुविधाओं का हिस्सा है।
मुख्य तथ्य
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम ई-बस सेवा के तहत 71 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई।
- ये बसें जयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के लिए हैं।
- जयपुर से 24 बसें प्रत्यक्ष रूप से रवाना हुईं, जबकि 47 बसों का आभासी शुभारंभ हुआ।
- योजना के तहत राजस्थान के 9 शहरों में कुल 1,150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य है।
- पहले चरण में मंज़ूर 675 बसों में से 68 की सेवा पहले शुरू हो चुकी थी; 475 अतिरिक्त बसों को भी मंज़ूरी मिली है।
- सुचारु संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और बस स्टैंड विकसित किए जा रहे हैं।
अभ्यास प्रश्न MCQ
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राजस्थान की व्यापक इलेक्ट्रिक बस योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कुल 1,150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य केवल 7 शहरों तक सीमित है। 2. योजना के तहत 475 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों को मंज़ूरी मिली है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है?
कथन 1 गलत है, क्योंकि 1,150 बसें चलाने का लक्ष्य 7 नहीं, बल्कि 9 शहरों के लिए है। कथन 2 सही है। योजना में 475 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों को मंज़ूरी मिली है।
स्रोत: अमर उजाला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कितनी इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गईं?
पीएम ई-बस सेवा के तहत कुल 71 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गईं।
नई बसों का लाभ किन 7 शहरों को मिलेगा?
जयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर को।
71 बसों का शुभारंभ किस तरह हुआ?
जयपुर से 24 बसें प्रत्यक्ष रूप से रवाना की गईं और 47 बसों का आभासी शुभारंभ हुआ।
योजना के तहत राजस्थान का बड़ा लक्ष्य क्या है?
राज्य के 9 शहरों में कुल 1,150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य है।
बसों के लिए कौन-सी सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं?
चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और बस स्टैंड विकसित किए जा रहे हैं।
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