वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने भारत–चिली व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए 26 अगस्त 2026 को सैंटियागो, चिली में चिली गणराज्य की अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की उप-मंत्री सुश्री पाउला एस्टेवेज वेन्स्टीन से मुलाकात की। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की प्रेस सूचना ब्यूरो विज्ञप्ति के अनुसार वार्ता अगले चरण में पहुँच गई है और भारत–चिली सीईपीए से व्यापार तथा निवेश संबंध मज़बूत होने की उम्मीद है; वर्ष के अंत तक वार्ता पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत ने दोनों देशों के व्यवसायों और लोगों के लिए सार्थक अवसर बनाने पर ध्यान रखते हुए भारत–चिली आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करने में खुलेपन, निरंतर जुड़ाव और संतुलित दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ग्लोबल साउथ के सदस्यों के रूप में भारत और चिली की साझा पहचान तथा साझा रणनीतिक दृष्टिकोण द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग गहरा करने और साझा समृद्धि बढ़ाने का मज़बूत आधार देते हैं।

दोनों पक्षों ने भारत–चिली के मज़बूत और बढ़ते संबंधों को आगे बढ़ाने तथा यह पक्का करने पर ज़ोर दिया कि सीईपीए साझा उद्देश्यों और आकांक्षाओं को दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए ठोस व वाणिज्यिक रूप से सार्थक अवसरों में बदले। वाणिज्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा, खनिज, कृषि, मशीनरी और इंजीनियरिंग सहित कई क्षेत्रों में बढ़ते आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाएँ बताईं।

सीईपीए वार्ताओं के सफल समापन से दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक साझेदारी को और गति मिलेगी। भारत इस वर्ष के भीतर सीईपीए वार्ताएँ पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है; मकसद एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी ढाँचा तैयार करना है जो दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए न्यायसंगत और वाणिज्यिक रूप से सार्थक परिणाम दे। सीईपीए से व्यापार और निवेश वृद्धि के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है, जिससे प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और लचीली आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग बढ़ेगा तथा भारत व चिली के बीच दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग का मज़बूत आधार बनेगा।