पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में अक्टूबर 2025 की शुरुआत में भीषण भूस्खलन से कम से कम 24 लोगों की मौत हुई, और कई अन्य लोगों के लापता होने की आशंका थी। ये भूस्खलन पूर्वी हिमालय की तलहटी में भारी और लगातार वर्षा के कारण हुए — यह क्षेत्र अपनी भूवैज्ञानिक संरचना, भारी मानसूनी वर्षा और भूमि उपयोग में तेज़ बदलावों के कारण ढलानों के खिसकने के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।

उप-हिमालयी क्षेत्र में स्थित दार्जिलिंग पहाड़ियों में विशेष रूप से मानसून की वापसी के दौरान भूस्खलन की आशंका रहती है, क्योंकि उस समय मिट्टी में पानी अधिक भरा रहता है। अवरुद्ध सड़कों और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण बचाव कार्यों में बाधा आई। इस आपदा ने नाजुक हिमालयी पारिस्थितिक तंत्र में आपदा तैयारी से जुड़ी बार-बार सामने आने वाली चुनौतियों को रेखांकित किया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को खोज एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया।