कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से 30 अगस्त 2026 को लखनऊ में पीएम-एसईटीयू उद्योग सम्मेलन का आयोजन किया। सरकार, उद्योग, बहुपक्षीय संस्थान, रक्षा सार्वजनिक उपक्रम, सेक्टर स्किल काउंसिल और कौशल क्षेत्र के अन्य हितधारकों ने व्यावसायिक शिक्षा में उद्योग की भागीदारी बढ़ाने तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर चर्चा की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कौशल विकास और उद्यमिता तथा शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल उपस्थित रहे। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, अशोक लेलैंड, एनएसडीसी और अन्य रक्षा व विनिर्माण संगठनों के साथ विश्व बैंक के प्रतिनिधि भी जुड़े।
राजनाथ सिंह ने कहा कि विनिर्माण और प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनने का रास्ता कुशल मानव संसाधन पर निर्भर है। उन्होंने रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों से पीएम-एसईटीयू में सक्रिय साझेदारी का आग्रह किया और कहा कि सफलता मशीनों की संख्या से नहीं, बल्कि रोज़गार और बेहतर जीवन से मापी जाए। जयंत चौधरी ने बताया कि पीएम-एसईटीयू आईटीआई क्लस्टरों के विकास, संचालन और प्रबंधन में उद्योग को सक्रिय भूमिका देकर प्रशिक्षण और रोज़गार के बीच की खाई पाटता है। उन्होंने उद्योगों से सीएसआर से आगे बढ़कर आईटीआई का स्वामित्व लेने को कहा।
पीएम-एसईटीयू के तहत एक हब आईटीआई और चार स्पोक आईटीआई वाले क्लस्टर में 241 करोड़ रुपये तक निवेश आकर्षित हो सकता है। इसमें भारत सरकार 50 प्रतिशत, राज्य सरकारें 33 प्रतिशत और उद्योग भागीदार 17 प्रतिशत का योगदान देते हैं। प्रस्तावित विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) में एंकर उद्योग भागीदार को 51 प्रतिशत स्वामित्व मिलता है, जबकि केंद्र और राज्य सरकारों के पास 24.5 प्रतिशत-24.5 प्रतिशत स्वामित्व रहता है। उत्तर प्रदेश में आठ क्लस्टरों में 32 आईटीआई चिह्नित हैं; इनमें से सात अभी सहयोग के लिए खुले हैं। स्वीकृत प्रस्ताव पांच राज्यों के सात समूहों में 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रतिबद्ध उद्योग-नेतृत्व वाले निवेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। कार्यक्रम में एनएसडीसी और लखनऊ छावनी बोर्ड ने शौर्य अकादमी की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य सशस्त्र बलों, पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं के करियर के लिए युवाओं को तैयार करना है।
