भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने भारत के ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए पीएलआई-ऑटो योजना को 23 सितंबर 2021 को मंजूरी दी थी। ₹25,938 करोड़ के बजटीय प्रावधान वाली इस योजना का उद्देश्य उन्नत ऑटोमोटिव उत्पादों के लिए देश की विनिर्माण क्षमता बढ़ाना है।
31 मार्च 2026 तक स्वीकृत आवेदकों ने ₹44,326 करोड़ के निवेश की सूचना दी थी। योजना में 31 मार्च 2027 तक ₹42,500 करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा गया था। यानी आवेदकों की ओर से बताया गया निवेश तय तारीख से पहले ही घोषित लक्ष्य से अधिक हो चुका था।
विज्ञप्ति में इससे जुड़े दो अन्य कदमों की जानकारी भी दी गई। सिंटरित दुर्लभ-मृदा स्थायी चुंबकों के निर्माण को बढ़ावा देने वाली योजना के तहत प्रस्ताव आमंत्रित करने की सूचना 20 मार्च 2026 को जारी की गई थी। वहीं, पीएम ई-ड्राइव योजना में ऑटोमोटिव परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए पूंजीगत संपत्तियाँ बनाने के लिए ₹780 करोड़ के अनुदान का प्रावधान किया गया है। 20 जुलाई 2026 तक इन एजेंसियों को ₹16.63 करोड़ दिए जा चुके थे।
इस तरह विज्ञप्ति में पीएलआई-ऑटो का मंजूर बजटीय प्रावधान और निवेश की स्थिति, स्थायी चुंबकों से जुड़ी प्रस्ताव प्रक्रिया तथा पीएम ई-ड्राइव के तहत परीक्षण एजेंसियों के लिए अनुदान का ब्योरा दिया गया है। परीक्षा की दृष्टि से ₹25,938 करोड़ के बजटीय प्रावधान, ₹42,500 करोड़ के निवेश लक्ष्य, ₹44,326 करोड़ के सूचित निवेश और ₹780 करोड़ के अनुदान प्रावधान के बीच अंतर याद रखना ज़रूरी है। इस अनुदान में से तय तारीख तक ₹16.63 करोड़ दिए जा चुके थे।
