20 अगस्त 2026 को आवासन और शहरी कार्य एवं विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली मास्टर प्लान 2047 (एमपीडी-2047) जारी किया। इस मौके पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के पूंजी विकास विभाग की सचिव सुश्री डी. थारा, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा, दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री एन. सरवण कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान शहर की भविष्य की आवास ज़रूरतों को पूरा करने पर ध्यान देता है और लगभग 40 लाख नए सस्ते आवास बनाने की योजना रखता है। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक परिवहन कॉरिडोर को मज़बूत करने और बेहतर कनेक्टिविटी वाले शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति शामिल की गई है। मुख्यमंत्री ने ज़ोर दिया कि ज़्यादा फ्लोर एरिया रेशियो के प्रावधानों से पुनर्विकास के नए रास्ते खुलेंगे और यह प्लान 'जहां झुग्गी, वहां मकान' के विजन को भी मज़बूत करेगा।
एमपीडी-2047 दो अलग नियोजन दृष्टिकोण अपनाता है—मौजूदा ब्राउनफील्ड क्षेत्रों के लिए क्षेत्र-आधारित पुनर्विकास और ग्रीनफील्ड क्षेत्रों के लिए आरओडब्ल्यू-आधारित योजना। मौजूदा इलाकों के पुनर्विकास में न्यूनतम ज़रूरत 40,000 वर्ग मीटर से घटाकर 3,000 वर्ग मीटर की गई है, जिससे लगभग 7 लाख अतिरिक्त घर बन सकते हैं। मेट्रो कॉरिडोर के साथ टीओडी जोन में लगभग 18 लाख किफायती घर प्रस्तावित हैं। झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के लिए सम्मानजनक घरों से 17 लाख से ज़्यादा निवासियों को फ़ायदा होना है। लैंड पूलिंग नीति लागू कर करीब 200 वर्ग किलोमीटर में शहरी विस्तार से लगभग 12 लाख नए घर और 600 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क बनाने की योजना है। लगभग 1,500 हेरिटेज संपत्तियों का संरक्षण; 13 प्रमुख पुनर्स्थापन परियोजनाओं के ज़रिए यमुना बाढ़ क्षेत्र के लगभग 1,700 हेक्टेयर की सुरक्षा, संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्स्थापना; तथा यमुना बाढ़ क्षेत्र के किनारे 52 किलोमीटर का साइकिल ट्रैक भी इस प्लान में शामिल हैं।
