केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, जो भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं, ने कोयंबटूर के सेंट्रल एकेडमी फॉर स्टेट फॉरेस्ट सर्विस (सीएएसएफओएस) में सोसाइटी की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। अप्रैल में पिछले नामांकित सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने के बाद, तीन साल के कार्यकाल के लिए हुए सोसाइटी के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक थी।

सोसाइटी को संबोधित करते हुए यादव ने भारत की जैविक विरासत के संरक्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान की भूमिका पर जोर दिया और डब्ल्यूआईआई के अनुसंधान, प्रशिक्षण व नीति-सहायता ढांचों को 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय ब्लूप्रिंट से पूरी तरह जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्थान के रोडमैप में मानव-वन्यजीव संघर्ष समाधान, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रबंधन और क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

बैठक में डब्ल्यूआईआई के निदेशक और सोसाइटी के सदस्य-सचिव डॉ. जी.एस. भारद्वाज ने संस्थान की स्थापना के बाद से उपलब्धियों और मौजूदा प्राथमिकताओं का ब्योरा दिया, साथ ही पिछली बैठक के निर्णयों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश की।

सांसद अतुल गर्ग और गुजरात के राज्य मंत्री (वन एवं पर्यावरण) प्रवीन माली सहित नए नामांकित व पदेन सदस्यों ने बैठक में सक्रिय भागीदारी की। धन्यवाद प्रस्ताव के साथ बैठक संपन्न हुई, जिसमें इस प्रमुख संस्थान के लिए अगले तीन वर्षों का वैज्ञानिक एजेंडा तय किया गया।