अमृत भारत स्टेशन योजना में राजस्थान के 85 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इनमें 18 स्टेशनों पर विकास कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी स्टेशनों पर काम अलग-अलग चरणों में चल रहा है। योजना का उद्देश्य स्टेशनों को यात्रियों के लिए ज़्यादा सुविधाजनक, सुरक्षित और आधुनिक बनाना है। इसके तहत स्टेशन भवन, प्रवेश और निकास द्वार, पार्किंग, आवागमन क्षेत्र, प्रतीक्षालय, प्लेटफ़ॉर्म, फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, शौचालय, दिशा-सूचक संकेत और दिव्यांगजन सुविधाएँ बेहतर की जा रही हैं। ज़रूरत और उपलब्धता के आधार पर भविष्य में स्टेशनों पर नगर केंद्र बनाने की भी योजना है।
जिन 18 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है, उनमें बाड़मेर, बूंदी, दौसा, डीग, देशनोक, फतेहनगर, फतेहपुर शेखावाटी, गंगापुर सिटी, गोगामेड़ी, गोटन, गोविंदगढ़, जैसलमेर, खैरथल, मंडलगढ़, मंडावर महवा रोड, राजगढ़, सोजत रोड और सोमेसर शामिल हैं। फालना में स्टेशन भवन, प्रवेश बरामदा, आवागमन क्षेत्र, पार्किंग, द्वार, प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन सुविधाएँ, दिशा-सूचक संकेत, प्लेटफ़ॉर्म की छत और सतह का काम पूरा हो गया है। वहाँ शौचालय खंड, 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट का काम जारी है। जवाई बांध में टिकट काउंटर, नया विश्राम कक्ष, दूसरे प्रवेश द्वार पर स्टेशन भवन और कई यात्री सुविधाएँ तैयार हो चुकी हैं; 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज और पेयजल केंद्र अभी बन रहे हैं।
राजस्थान में रेलवे विकास उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे, पश्चिम रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के तहत होता है। वर्ष 2026-27 में इन पांचों जोन की यात्री सुविधाओं के लिए ₹5,642 करोड़ आवंटित किए गए हैं। जून 2026 तक ₹1,696 करोड़ खर्च हो चुके थे।
