पंजाब ने राजस्थान को नदी जल रॉयल्टी के ₹1.44 लाख करोड़ के दावे का नोटिस भेजा
Aसीधा उत्तर
पंजाब ने राजस्थान से 1961 से 2025 तक नदी जल की रॉयल्टी और मुआवजे के रूप में ₹1.44 लाख करोड़ मांगे हैं तथा भुगतान के लिए 30 दिन दिए हैं। हरियाणा से 2015-16 से साझा नहरों के संचालन और रखरखाव के ₹312 करोड़ बकाए की अलग मांग की गई है।
मुख्य तथ्य
पंजाब ने राजस्थान से 1961 से 2025 तक नदी जल की रॉयल्टी और मुआवजे के रूप में ₹1.44 लाख करोड़ मांगे हैं।
अंतिम मांग नोटिस में राजस्थान को राशि जमा करने के लिए 30 दिन दिए गए हैं।
पंजाब ने राजस्थान से जुड़े अपने दावे का आधार महाराजा बीकानेर के साथ हुआ 1920 का समझौता बताया है।
पंजाब के अनुसार, राजस्थान 1960-61 तक पानी का भुगतान करता रहा, हालांकि वह बाद के रॉयल्टी दावों को पहले खारिज कर चुका है।
पंजाब ने हरियाणा से भाखड़ा मेन लाइन और अन्य साझा नहरों के 2015-16 से बकाया खर्च के रूप में अलग से ₹312 करोड़ मांगे हैं।
पंजाब सरकार ने पड़ोसी राज्यों राजस्थान और हरियाणा को नदी जल आपूर्ति तथा नहरों के रखरखाव से जुड़े बकाए के भुगतान के लिए नोटिस भेजे हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल के अनुसार, राजस्थान से 1961 से 2025 तक नदी जल के उपयोग की रॉयल्टी और मुआवजे के रूप में ₹1.44 लाख करोड़ मांगे गए हैं। अंतिम मांग नोटिस में राजस्थान को 30 दिन के भीतर राशि जमा करने को कहा गया है। भुगतान नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
पंजाब ने राजस्थान के विरुद्ध अपने दावे का आधार 1920 में महाराजा बीकानेर के साथ हुए समझौते को बताया है। इसी समझौते के तहत पंजाब से राजस्थान को पानी जा रहा है। गोयल ने कहा कि राजस्थान 1960-61 तक इस पानी का भुगतान करता रहा। इसके बाद पिछली सरकारों ने बिना कारण बताए राशि लेना बंद कर दिया। मौजूदा सरकार अब उसी बकाए की वसूली कर रही है। पंजाब का कहना है कि 1920 के समझौते के आधार पर रॉयल्टी बकाया है, जबकि राजस्थान पहले ऐसे दावों को खारिज कर चुका है।
हरियाणा से की गई मांग का आधार अलग है। पंजाब ने भाखड़ा मेन लाइन और अन्य साझा नहरों के संचालन तथा रखरखाव का खर्च मांगा है। हरियाणा ने 2015-16 से रखरखाव का भुगतान बंद कर दिया था और बकाया ₹312 करोड़ बताया गया है। पंजाब के मुख्य सचिव ने हरियाणा के मुख्य सचिव को तुरंत भुगतान के लिए पत्र लिखा है। गोयल के अनुसार, भाखड़ा मेन लाइन और दूसरी नहरों के रखरखाव का पूरा खर्च पंजाब उठा रहा है। बकाया राशि नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। इस तरह राजस्थान से मांग नदी जल की रॉयल्टी और मुआवजे की है, जबकि हरियाणा से मांग साझा नहरों के संचालन और रखरखाव के खर्च की है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
राजस्थान को भेजे गए पंजाब के मांग नोटिस के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ₹1.44 लाख करोड़ की मांग 1961 से 2025 तक नदी जल की रॉयल्टी और मुआवजे से जुड़ी है।
2. राजस्थान को मांगी गई राशि जमा करने के लिए 60 दिन दिए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर A
कथन 1 सही है: पंजाब की ₹1.44 लाख करोड़ की मांग 1961 से 2025 तक नदी जल की रॉयल्टी और मुआवजे से जुड़ी है। कथन 2 गलत है, क्योंकि अंतिम मांग नोटिस में राजस्थान को राशि जमा करने के लिए 60 नहीं, 30 दिन दिए गए हैं।