27 अगस्त 2026 को भारत निर्वाचन आयोग ने चेन्नई में चुनावी साक्षरता क्लब (इएलसी 2.0) और इसीआई नेट पर अपना तीसरा क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया। मकसद युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता मज़बूत करना था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आज के छात्र कल के लोकतंत्र के ध्वजवाहक हैं और पूरे भारत में चुनावी साक्षरता क्लब दुनिया के सबसे पुराने तथा सबसे बड़े लोकतंत्र की रीढ़ को मज़बूत करने में मदद करेंगे।

तमिलनाडु और पुडुचेरी के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों तथा शिक्षकों से उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और युवाओं को शामिल करना तथा चुनावी प्रक्रिया में उनका भरोसा और जानकारीपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र के भविष्य में निवेश है। उन्होंने बताया कि चुनाव संविधान, कानून और आयोग के निर्देशों के अनुसार तथा दलों, उम्मीदवारों या प्रतिनिधियों की निगरानी में पारदर्शी तरीके से होते हैं। छात्रों और युवा मतदाताओं को चुनावी प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्य, मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना और आयोग की भूमिका से परिचित होना ज़रूरी है।

इएलसी 2.0 की टैगलाइन "लर्न डेमोक्रेसी लीड डेमोक्रेसी" है। इसका मकसद क्लबों को व्यवस्थित, दिखने वाले और डिजिटल रूप से सक्षम मंच बनाना है, ताकि युवा और पहली बार वोट देने वाले लोकतंत्र समझें और सार्थक भाग लें। वोटर सूची से मतदान तक सेवा देने वाले इसीआई नेट के साथ खास इएलसी पोर्टल से सालभर साक्षरता गतिविधियाँ चलेंगी और देशभर में व्यवस्थित इएलसी नेटवर्क बनेगा। लगभग 15 लाख स्कूलों में करीब 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से ज़्यादा शिक्षक हैं; उच्च शिक्षा में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय, करीब 70,000 शिक्षण संस्थान और अनुमानित 4.33 करोड़ नामांकित छात्र हैं। इस नेटवर्क से इएलसी 2.0 तथ्यों और अनुभव पर आधारित चुनावी शिक्षा बढ़ाएगा।

इससे पहले तमिलनाडु के 500 से ज़्यादा बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) से बातचीत में श्री ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में उनकी सेवा सराही और हाल के विधानसभा चुनावों में 4.93 करोड़ वोट तथा 86.03 प्रतिशत मतदान—राज्य इतिहास का सर्वोच्च—के लिए बधाई दी। छात्रों और बीएलओ ने प्रश्नोत्तर सत्र में भी भाग लिया।