प्रकाशित: 9 जुलाई 2026PIBअर्थव्यवस्था
सरकार ने एमएसएमई को समय पर भुगतान के लिए सीपीएसई पर ट्रेड्स अनिवार्य किया
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने सभी कार्यरत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (ट्रेड्स) का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। अब सीपीएसई एमएसएमई से खरीदी गई वस्तुओं एवं सेवाओं के सभी बीजकों का निपटान केवल आरबीआई-अधिकृत ट्रेड्स प्लेटफॉर्मों के ज़रिए करेंगे।
30 जून 2026 को जारी यह अधिसूचना केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणा को लागू करती है। इसका मकसद एमएसएमई के भुगतान में होने वाली लंबी देरी को खत्म करना और उन्हें शीघ्र, संपार्श्विक-मुक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है। सीपीएसई ट्रेड्स के ज़रिए निपटाए गए एमएसएमई बीजकों का विवरण सार्वजनिक करेंगे और अपने वार्षिक लेखापरीक्षण में ट्रेड्स पंजीकरण व अनुपालन पर वैधानिक लेखापरीक्षक का प्रमाण-पत्र भी लेंगे।
उद्यम पंजीकरण पोर्टल तथा उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर 8.70 करोड़ से अधिक उद्यम पंजीकृत हैं, जो 38 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देते हैं। एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। भुगतान में देरी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रही है, जिससे कार्यशील पूंजी अटकती है और विकास की गति धीमी पड़ती है।
ट्रेड्स वर्ष 2017 से चल रहा आरबीआई-विनियमित इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफ़ॉर्म है, जहाँ बैंक और एनबीएफसी प्रतिस्पर्धी बोली से बीजकों की डिस्काउंटिंग करते हैं और वित्तपोषण संपार्श्विक-मुक्त तथा बिना रिकोर्स के मिलता है। वर्तमान में पाँच ट्रेड्स प्लेटफॉर्म चल रहे हैं — आरएक्सआईएल, एम1एक्सचेंज, इनवॉइसमार्ट, सी2ट्रेड्स और डीटीएक्स। इसके ज़रिए बीजक डिस्काउंटिंग का मूल्य वित्त वर्ष 2021-22 के ₹40,000 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹3.47 लाख करोड़ हो गया है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सीपीएसई द्वारा एमएसएमई बीजकों के निपटान के लिए ट्रेड्स के उपयोग का आदेश केंद्रीय बजट 2020-21 के ज़रिए लाया गया था।
2. ट्रेड्स पर एमएसएमई को दिए जाने वाले वित्तपोषण के लिए एमएसएमई आपूर्तिकर्ता को संपार्श्विक देना आवश्यक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Dदोनों कथन गलत हैं। यह आदेश केंद्रीय बजट 2026-27 के ज़रिए लाया गया और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने इसे 30 जून 2026 को अधिसूचित किया, न कि केंद्रीय बजट 2020-21 के ज़रिए। ट्रेड्स पर वित्तपोषण संपार्श्विक-मुक्त और बिना रिकोर्स के आधार पर मिलता है, इसलिए एमएसएमई को कोई संपार्श्विक देने की आवश्यकता नहीं होती।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने क्या अधिसूचित किया है?
मंत्रालय ने सभी कार्यरत सीपीएसई के लिए एमएसएमई से खरीदी गई वस्तुओं व सेवाओं के सभी बीजकों का निपटान केवल आरबीआई-अधिकृत ट्रेड्स प्लेटफॉर्मों के ज़रिए करना अनिवार्य कर दिया है। यह अधिसूचना 30 जून 2026 को जारी हुई और केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणा को लागू करती है।
ट्रेड्स क्या है?
ट्रेड्स (ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम) वर्ष 2017 से चल रहा आरबीआई-विनियमित इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफ़ॉर्म है, जहाँ एमएसएमई कॉरपोरेट खरीदारों, सरकारी विभागों व सार्वजनिक उपक्रमों से मिलने वाली व्यापारिक देय राशियों की डिस्काउंटिंग करा सकते हैं; बैंक व एनबीएफसी प्रतिस्पर्धी बोली से बीजकों को संपार्श्विक-मुक्त और बिना रिकोर्स के वित्तपोषित करते हैं।
वर्तमान में कौन-से ट्रेड्स प्लेटफॉर्म चल रहे हैं?
वर्तमान में पाँच प्लेटफॉर्म चल रहे हैं — आरएक्सआईएल, एम1एक्सचेंज, इनवॉइसमार्ट, सी2ट्रेड्स और डीटीएक्स।
नए आदेश के तहत सीपीएसई पर कौन-सी अनुपालन ज़िम्मेदारियां होंगी?
सीपीएसई को ट्रेड्स के ज़रिए निपटाए गए एमएसएमई बीजकों का विवरण सार्वजनिक करना होगा और अपने वार्षिक लेखापरीक्षण में ट्रेड्स पंजीकरण व अनुपालन पर वैधानिक लेखापरीक्षक का प्रमाण-पत्र लेना होगा।
ट्रेड्स पर बीजक डिस्काउंटिंग कितनी बढ़ी है?
ट्रेड्स पर बीजक डिस्काउंटिंग का मूल्य वित्त वर्ष 2021-22 के ₹40,000 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹3.47 लाख करोड़ हो गया है।