राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के 5वें चरण में जयपुर के लिए करीब ₹2,233 करोड़ के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। यह योजना शहर में हर मानसून के दौरान होने वाले जलभराव, जगह-जगह लगने वाले जाम, उफनती सीवर लाइनों और कचरा निस्तारण जैसी समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सबसे अधिक जोर सीवर व्यवस्था को मज़बूत करने पर रहेगा। बारिश में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी व्यवस्था विकसित करने और ठोस कचरा प्रबंधन को आधुनिक बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा यातायात प्रबंधन, केंद्रीय निगरानी और नियंत्रण केंद्र को मज़बूत करने, विरासत संरक्षण तथा पर्यटन से जुड़े काम भी प्रस्तावित हैं। यह जयपुर-केंद्रित योजना एक बड़े राज्यव्यापी प्रस्ताव का हिस्सा है। 5वें चरण में राजस्थान के 84 शहरों में करीब ₹9,500 करोड़ के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। राजधानी की बढ़ती आबादी और शहरी फैलाव को देखते हुए इस राशि का सबसे बड़ा हिस्सा जयपुर के आधारभूत ढाँचे पर खर्च करने की योजना है। कामों की सूची अभी अंतिम नहीं है। परियोजनाओं को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, पूर्व पार्षदों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके लिए 5 अगस्त से 11 अगस्त तक संवाद कार्यक्रम रखे गए हैं, ताकि काम शहर की वास्तविक ज़रूरतों के अनुसार तय हों। परियोजना को एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक के सहयोग से लागू किया जाएगा। इस प्रकार प्रस्ताव में बुनियादी शहरी सेवाओं, यातायात, निगरानी, विरासत और पर्यटन के साथ जनभागीदारी को भी स्थान दिया गया है।