कोयला मंत्रालय ने सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण की प्रोत्साहन योजना में कोई आवेदन नहीं आने के दावे को समय से पहले किया गया आकलन बताया है। आवेदन का पहला चरण 7 सितंबर 2026 तक खुला है। मंत्रालय के अनुसार, उसे जानकारी मिली है कि तालचर फ़र्टिलाइज़र्स लिमिटेड और एनटीपीसी लिमिटेड ने ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन जमा किए हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 मई 2026 को 37,500 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान के साथ योजना को मंज़ूरी दी थी। इसका उद्देश्य घरेलू कोयले और लिग्नाइट से सिनगैस, मेथनॉल, अमोनिया और यूरिया जैसे उत्पाद बनाना है। इन उत्पादों के लिए घरेलू संसाधनों का अधिक इस्तेमाल आयातित कच्चे माल पर निर्भरता घटाने तथा ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करने में सहायक होगा।

मंत्रालय ने बताया कि बड़े गैसीकरण संयंत्रों के लिए विस्तृत तैयारी ज़रूरी होती है। परियोजना विकासकर्ताओं को प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट बनानी होती है, तकनीक के विकल्पों का आकलन करना होता है और कच्चे माल की व्यवस्था पहचाननी होती है। विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने से पहले परियोजना के आर्थिक पक्ष को भी देखना पड़ता है। इसी वजह से आवेदन देने के कई अवसर रखे गए हैं। एक चरण समाप्त होने के अगले दिन नया चरण शुरू होगा और दो महीने तक चलेगा।

योजना से लगभग 25 परियोजनाओं को सहायता मिलने, 2.5–3 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने और करीब 50,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होने की उम्मीद है। यह 2030 तक 10 करोड़ टन कोयला गैसीकरण क्षमता के व्यापक लक्ष्य में भी योगदान देगी। निवेश, रोज़गार और क्षमता के ये आँकड़े अपेक्षाएँ तथा लक्ष्य हैं; इन्हें पहले ही पूरी हो चुकी उपलब्धियाँ नहीं समझना चाहिए।