प्रकाशित: 24 अक्टूबर 2025टॉपिक
ज्ञान भारतम मिशन: पांडुलिपि संरक्षण के लिए 20 संस्थानों से MoU
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने ज्ञान भारतम मिशन के तहत भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण और संवर्धन के लिए लगभग 20 संस्थानों — और जल्द ही 30 अन्य संस्थानों — के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए। प्रमुख संस्थानों में एशियाटिक सोसाइटी (कोलकाता), कश्मीर विश्वविद्यालय, हिंदी साहित्य सम्मेलन (प्रयागराज) और सरकारी प्राच्य पांडुलिपि पुस्तकालय (चेन्नई) शामिल हैं।
भारत में 60 से अधिक लिपियों और 80 भाषाओं में 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियां हैं। मिशन का लक्ष्य AI-आधारित पाठ-पहचान उपकरणों से इस विशाल भंडार का डिजिटलीकरण और सूचीकरण करना, संरक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करना और विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
ज्ञान भारतम मिशन भारत की किस विरासत के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण पर केंद्रित है?
व्याख्या · सही उत्तर Bज्ञान भारतम मिशन भारत की पांडुलिपि विरासत पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण और राष्ट्रीय सूची व डिजिटल माध्यमों से उनकी पहुंच बढ़ाना है। इसलिए सही उत्तर पांडुलिपियाँ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ज्ञान भारतम मिशन क्या है?
**ज्ञान भारतम मिशन** **केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय** की पहल है, जिसका उद्देश्य भारत की पांडुलिपि विरासत का संरक्षण, डिजिटाइजेशन और प्रचार करना है। एशियाटिक सोसायटी और कश्मीर विश्वविद्यालय सहित लगभग **20 संस्थानों** के साथ MoU हस्ताक्षरित किए गए (30 और होने हैं)।
भारत में कितनी पांडुलिपियाँ हैं और कितनी भाषाओं में?
भारत में **60 से अधिक लिपियों और 80 भाषाओं** में **1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियाँ** हैं, जिससे यह विश्व की सबसे समृद्ध पांडुलिपि परंपराओं में से एक है। **ज्ञान भारतम मिशन** का लक्ष्य AI-आधारित उपकरणों से इन्हें डिजिटाइज करना है।
ज्ञान भारतम मिशन के तहत किन संस्थानों ने MoU पर हस्ताक्षर किए?
**ज्ञान भारतम मिशन** के तहत प्रमुख संस्थानों में **एशियाटिक सोसायटी (कोलकाता), कश्मीर विश्वविद्यालय (श्रीनगर), हिंदी साहित्य सम्मेलन (प्रयागराज) और सरकारी प्राच्य पांडुलिपि पुस्तकालय (चेन्नई)** ने MoU पर हस्ताक्षर किए। लगभग 20 MoU हुए और 30 और होने हैं।
ज्ञान भारतम मिशन भारत की पांडुलिपियाँ कैसे डिजिटाइज करेगा?
**ज्ञान भारतम मिशन** भारत की 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को डिजिटाइज और सूचीबद्ध करने के लिए **पाठ पहचान के लिए AI-आधारित उपकरण** का उपयोग करेगा। इसके तहत **संरक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने** और **विशेषज्ञों को प्रशिक्षित** करने की भी योजना है।
पांडुलिपि संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन किस मंत्रालय ने शुरू किया?
**केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय** ने भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, डिजिटाइजेशन और प्रचार के लिए **ज्ञान भारतम मिशन** शुरू किया। लगभग 20 संस्थानों के साथ MoU हुए और 30 और होने हैं।