केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने ज्ञान भारतम मिशन के तहत भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण और संवर्धन के लिए लगभग 20 संस्थानों — और जल्द ही 30 अन्य संस्थानों — के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए। प्रमुख संस्थानों में एशियाटिक सोसाइटी (कोलकाता), कश्मीर विश्वविद्यालय, हिंदी साहित्य सम्मेलन (प्रयागराज) और सरकारी प्राच्य पांडुलिपि पुस्तकालय (चेन्नई) शामिल हैं।

भारत में 60 से अधिक लिपियों और 80 भाषाओं में 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियां हैं। मिशन का लक्ष्य AI-आधारित पाठ-पहचान उपकरणों से इस विशाल भंडार का डिजिटलीकरण और सूचीकरण करना, संरक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करना और विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना है।