राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) ने 'खुशी शाला' कार्यक्रम शुरू कर राजस्थान को प्राथमिक विद्यालयों में संरचित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनाया। यह कार्यक्रम कक्षा 1–5 के छात्रों के लिए है और भावनात्मक लचीलापन, सफलता-असफलता से निपटने की क्षमता, माइंडफुलनेस, करुणा और आत्म-खोज को बढ़ावा देता है। क्षमतालय फाउंडेशन और अमेरिकी गैर-लाभकारी संस्था 'ब्रायो' के सहयोग से कक्षा 1–5 के लिए विशेष पुस्तिकाएं तैयार की गई हैं। 2024 में सिरोही और बाँसवाड़ा जिलों के 30-30 विद्यालयों में 120 शिक्षकों के साथ पायलट परियोजना चलाई गई। पूर्ण क्रियान्वयन में प्रत्येक जिले में 40 मास्टर ट्रेनर और राज्यभर में लगभग 12,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। खुशी शाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के समग्र विकास और विद्यालय शिक्षा में सुखद वातावरण के लक्ष्यों के अनुरूप है।
राजस्थान ने 'खुशी शाला' शुरू की — प्राथमिक विद्यालयों में सुनियोजित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम लागू करने वाला देश का पहला राज्य
राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) ने 'खुशी शाला' कार्यक्रम शुरू कर राजस्थान को प्राथमिक विद्यालयों में संरचित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनाया। यह कार्यक्रम कक्षा 1–5 के छात्रों के लिए है और भावनात्मक लचीलापन, सफलता-असफलता से निपटने की क्षमता, माइंडफुलनेस, करुणा और आत्म-खोज को बढ़ावा देता है। क्षमतालय फाउंडेशन और अमेरिकी गैर-लाभकारी संस्था 'ब्रायो' के सहयोग से कक्षा 1–5 के लिए विशेष पुस्तिकाएं तैयार की गई हैं। 2024 में सिरोही और बाँसवाड़ा जिलों के 30-30 विद्यालयों में 120 शिक्षकों के साथ पायलट परियोजना चलाई गई। पूर्ण क्रियान्वयन में प्रत्येक जिले में 40 मास्टर ट्रेनर और राज्यभर में लगभग 12,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। खुशी शाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के समग्र विकास और विद्यालय शिक्षा में सुखद वातावरण के लक्ष्यों के अनुरूप है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान प्राथमिक विद्यालयों में सुव्यवस्थित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना।
- RSCERT का 'खुशी शाला' कार्यक्रम कक्षा 1–5 के छात्रों के लिए है।
- यह बच्चों में भावनात्मक लचीलापन, माइंडफुलनेस, करुणा और स्वयं को समझने की क्षमता बढ़ाता है।
- 2024 में सिरोही और बाँसवाड़ा के 30-30 विद्यालयों में 120 शिक्षकों के साथ पायलट चरण चलाया गया।
- पूर्ण क्रियान्वयन में राज्यभर में लगभग 12,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
- कार्यक्रम NEP 2020 में समग्र विकास पर दिए गए बल के अनुरूप है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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राजस्थान के खुशिशाला कार्यक्रम से निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही रूप से जुड़ा है?
खुशिशाला राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से लागू कार्यक्रम है। यह कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए है और गतिविधि-आधारित कक्षा कार्य के जरिए भावनात्मक स्वास्थ्य, सामाजिक-भावनात्मक सीख, धैर्य और जीवन-कौशल पर ध्यान देता है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'खुशी शाला' कार्यक्रम क्या है और इसे किसने शुरू किया?
'खुशी शाला' प्राथमिक विद्यालय के छात्रों (कक्षा 1–5) के लिए एक संरचित मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण कार्यक्रम है, जिसे राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) ने शुरू किया।
राष्ट्रीय स्तर पर 'खुशी शाला' ऐतिहासिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान प्राथमिक विद्यालयों में संरचित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया — इस तरह 'खुशी शाला' स्कूल मानसिक स्वास्थ्य नीति में एक अग्रणी पहल है।
'खुशी शाला' का पायलट कहाँ हुआ और पायलट चरण में कितने शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया?
2024 में सिरोही और बाँसवाड़ा के 30-30 विद्यालयों में पायलट किया गया, जिसमें 120 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।
'खुशी शाला' कार्यक्रम के पूर्ण क्रियान्वयन का लक्ष्य क्या है?
पूर्ण क्रियान्वयन में राजस्थान के सभी जिलों में लगभग 12,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
'खुशी शाला' राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ कैसे जुड़ती है?
'खुशी शाला' NEP 2020 के समग्र विकास पर बल के अनुरूप है — यह केवल शैक्षणिक उपलब्धि से आगे जाकर बच्चों में भावनात्मक लचीलापन, माइंडफुलनेस और आत्म-खोज को बढ़ावा देती है।
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