राजस्थान सरकार ने सरोगेसी से जुड़े मातृत्व अवकाश पर महिला सरकारी कर्मचारियों के सेवा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब राज्य की महिला सरकारी कर्मचारी सरोगेट मदर बनने पर निर्धारित सरोगेसी मातृत्व अवकाश का लाभ ले सकेंगी। इस मामले में सरकार ने राजस्थान सिविल सेवा (छुट्टी) नियम, 1971 में ज़रूरी संशोधन किए हैं।

संशोधित नियमों के तहत सरोगेट मदर बनने वाली महिला सरकारी कर्मचारी को नियमानुसार मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। यह सुविधा मान्यता प्राप्त सरोगेसी प्रक्रिया के तहत ही लागू होगी। इसके लिए संबंधित कर्मचारी को अधिकृत चिकित्सा बोर्ड या सक्षम स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

संशोधित नियमों में सरोगेट मदर बनने वाली महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिन के मातृत्व अवकाश का प्रावधान है। जो महिला कर्मचारी किसी अन्य दंपती के लिए सरोगेट मदर बनती हैं, उन्हें नियमानुसार प्रसव से पहले और बाद की निर्धारित अवधि का अवकाश मिलेगा। वहीं सरोगेसी के ज़रिए बच्चे को जन्म देने वाली कमीशनिंग मदर को भी बच्चे की देखभाल के लिए 180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा।

यह सुविधा महिला कर्मचारी की पूरी सेवा अवधि में अधिकतम दो जीवित बच्चों के जन्म या सरोगेसी के मामलों तक सीमित रहेगी।

पहले सेवा नियमों में सरोगेसी को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण महिला कर्मचारियों को अवकाश स्वीकृति में प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब नए प्रावधान के बाद सरोगेसी से जुड़े मामलों में अवकाश की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और नियमबद्ध हो जाएगी। राज्य सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों को सरोगेसी से जुड़े आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई कर अवकाश स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं।