पीएम विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई। इसका उद्देश्य अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों और शिल्पकारों को पूरा सहयोग देना है। इनमें बढ़ई, नाव बनाने वाले, धातु कारीगर, स्वर्णकार, कुम्हार, राजमिस्त्री, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले सहित कई कारीगर शामिल हैं। विज्ञप्ति जारी होने तक 24.29 लाख लाभार्थी बुनियादी कौशल प्रशिक्षण ले चुके थे। कौशल प्रशिक्षण में आधुनिक औजारों, बेहतर कार्य-पद्धतियों, नए डिज़ाइनों, डिजिटल लेन-देन, विपणन और उद्यम चलाने से जुड़ी जानकारी दी जाती है। सफल पंजीकरण और तीन स्तरों की जांच के बाद कारीगर योजना के लाभ ले सकते हैं। इनमें कौशल सुधार, ऋण सहायता, आधुनिक औजार, डिजिटल प्रोत्साहन और विपणन सहयोग शामिल हैं। कारीगरों को व्यापार मेलों और राज्य-स्तरीय प्रदर्शनियों में अपने हस्तशिल्प दिखाने और बेचने के अवसर मिलते हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से मिलने वाली ऑनलाइन विपणन सहायता का उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बिक्री बढ़ाना है। लाभार्थियों का उद्यम असिस्ट प्लेटफ़ॉर्म पर भी पंजीकरण किया जाता है। इससे उन्हें अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ और अपना काम बढ़ाने, औजारों व व्यवसाय को आधुनिक बनाने तथा उद्यमी के रूप में औपचारिक अर्थव्यवस्था से जुड़ने के लिए प्राथमिक क्षेत्र का ऋण मिल सकता है। आईआईएम मुंबई के समवर्ती मूल्यांकन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 11,591 लाभार्थी शामिल थे। इसमें बैंक अधिकारियों, कॉमन सर्विस सेंटर, इंडिया पोस्ट कर्मियों और प्रशिक्षण केंद्रों की राय भी ली गई। प्रशिक्षण के बाद 93% लोगों ने आय में सामान्य से महत्वपूर्ण बढ़ोतरी बताई। देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 1,500 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम या शिविर, 50 से अधिक कार्यशालाएं, 82 राज्य-स्तरीय प्रदर्शनियां, 37 व्यापार मेले और 50 से अधिक फ्लैश मॉब आयोजित किए जा चुके हैं।
पीएम विश्वकर्मा में 24.29 लाख लाभार्थियों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण
पीएम विश्वकर्मा के तहत 18 पारंपरिक व्यवसायों के 24.29 लाख लाभार्थियों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण मिल चुका है। योजना कौशल, ऋण, औजार, डिजिटल प्रोत्साहन और विपणन सहयोग देती है; आईआईएम मुंबई के मूल्यांकन में 93% लोगों ने प्रशिक्षण के बाद आय में सामान्य से महत्वपूर्ण बढ़ोतरी बताई।
मुख्य तथ्य
- पीएम विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई और इसमें 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगर व शिल्पकार शामिल हैं।
- विज्ञप्ति जारी होने तक 24.29 लाख लाभार्थी बुनियादी कौशल प्रशिक्षण ले चुके थे।
- सफल पंजीकरण और तीन स्तरों की जांच के बाद कौशल, ऋण सहायता, आधुनिक औजार, डिजिटल प्रोत्साहन और विपणन सहयोग मिलता है।
- आईआईएम मुंबई के 11,591 लाभार्थियों वाले मूल्यांकन में 93% लोगों ने प्रशिक्षण के बाद आय में सामान्य से महत्वपूर्ण बढ़ोतरी बताई।
- विपणन सहयोग में व्यापार मेले, राज्य-स्तरीय प्रदर्शनियां और ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से ऑनलाइन सहायता शामिल है।
6-अक्ष वर्गीकरण
अभ्यास प्रश्न MCQ
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पीएम विश्वकर्मा के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह योजना केवल शहरी क्षेत्रों के कारीगरों तक सीमित है। 2. सफलतापूर्वक पंजीकृत कारीगर एक स्तर की जांच के बाद योजना के सभी लाभ ले सकते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
चौथा विकल्प सही है। कथन 1 गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में देश के ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में कार्यक्रमों का उल्लेख है। कथन 2 भी गलत है, क्योंकि सफलतापूर्वक पंजीकृत कारीगर तीन स्तरों की जांच के बाद सभी लाभ ले सकते हैं, एक स्तर की जांच के बाद नहीं।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम विश्वकर्मा के तहत कितने लाभार्थियों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण मिला है?
विज्ञप्ति जारी होने तक 24.29 लाख लाभार्थी बुनियादी कौशल प्रशिक्षण ले चुके थे।
पीएम विश्वकर्मा योजना कब शुरू हुई और इसमें कितने व्यवसाय शामिल हैं?
योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई और इसमें 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं।
आईआईएम मुंबई के मूल्यांकन में क्या सामने आया?
मूल्यांकन में शामिल 93% लोगों ने प्रशिक्षण के बाद आय में सामान्य से महत्वपूर्ण बढ़ोतरी बताई।
कारीगरों को विपणन में किस तरह सहयोग मिलता है?
उन्हें व्यापार मेलों और राज्य-स्तरीय प्रदर्शनियों में भाग लेने के अवसर तथा ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से ऑनलाइन विपणन सहायता मिलती है।
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