UIDAI दिवस पर नया आधार ऐप लॉन्च: मोबाइल नंबर अपडेट और परिवार प्रोफ़ाइल का प्रबंधन ऑनलाइन
Aसीधा उत्तर
UIDAI ने 28 जनवरी 2026 (UIDAI दिवस) को नया आधार ऐप लॉन्च किया, जिससे मोबाइल नंबर/पता ऑनलाइन अपडेट करना, परिवार के कई प्रोफ़ाइल प्रबंधित करना और नामांकन केंद्र जाए बिना सुरक्षित तरीके से आधार साझा करना संभव होगा।
मुख्य तथ्य
UIDAI ने 28 जनवरी 2026 (UIDAI दिवस) को नया आधार ऐप लॉन्च किया।
ऐप से केंद्र जाए बिना मोबाइल नंबर और पता ऑनलाइन अपडेट किया जा सकता है।
परिवार प्रबंधन की मल्टी-प्रोफ़ाइल सुविधा से कई आधार कार्ड संभाले जा सकते हैं।
सहमति से आधार सुरक्षित तरीके से साझा करने पर भौतिक दस्तावेज़ों की ज़रूरत खत्म हो जाती है।
ऐप नामांकन केंद्रों पर निर्भरता घटाकर आधार सेवाओं को आसान बनाता है।
1.4 अरब से अधिक आधार धारक अब आसान डिजिटल सेवाओं तक पहुँच सकते हैं।
28 जनवरी 2026 को UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने अपनी वर्षगांठ पर नई दिल्ली में नया आधार ऐप शुरू किया। नया ऐप नागरिकों को आधार नामांकन केंद्रों पर जाए बिना मोबाइल नंबर और पता ऑनलाइन बदलने, एक ही इंटरफेस से परिवार के कई आधार प्रोफ़ाइल संभालने और सहमति आधारित नियंत्रणों के साथ आधार विवरण सुरक्षित तरीके से साझा करने की सुविधा देता है।
ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन शामिल है। नागरिक वर्चुअल ID (VID) और QR-कोड आधारित मास्क्ड आधार बना सकते हैं, जिससे पूरा आधार नंबर उजागर नहीं होता।
राजस्थान में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, PM किसान और MGNREGS जैसी योजनाओं के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए आधार से जोड़ना महत्वपूर्ण है। नया ऐप ग्रामीण क्षेत्रों में भौतिक नामांकन केंद्रों का बोझ कम करेगा।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: समझाएं कि UIDAI दिवस 2026 पर लॉन्च नया आधार ऐप डिजिटल इंडिया उद्देश्यों को कैसे आगे बढ़ाता है व राजस्थान में अंतिम-मील लाभ वितरण पर इसके प्रभाव पर चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द):
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने 28 जनवरी 2026 को संशोधित आधार ऐप लॉन्च किया, जिसमें मोबाइल नंबर व पता ऑनलाइन अपडेट करने, परिवार की कई प्रोफ़ाइल संभालने, चेहरा प्रमाणीकरण और सहमति-आधारित वर्चुअल आईडी साझा करने की सुविधा है। राजस्थान में यह मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, पीएम किसान व मनरेगा के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को मजबूत करेगा।
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तृतीय पक्षों से पहचान संबंधी जानकारी साझा करते समय पूरा आधार नंबर उजागर होने से बचाने के लिए आधार से जुड़े कौन-से गोपनीयता-सुरक्षा उपाय उपयोग किए जा सकते हैं?
व्याख्या · सही उत्तर A
UIDAI वर्चुअल आईडी को 16 अंकों की अस्थायी और बदली जा सकने वाली संख्या के रूप में देता है, जिसे प्रमाणीकरण या e-KYC में आधार नंबर की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। मास्क्ड आधार और सुरक्षित QR-आधारित साझा करना भी पूरा आधार नंबर उजागर होने से बचाते हैं। इसलिए विकल्प A सही गोपनीयता-सुरक्षा उपाय बताता है।
UIDAI दिवस क्या है और 29 जनवरी 2026 को कौन-सी बड़ी शुरुआत हुई?
UIDAI दिवस प्रत्येक वर्ष 29 जनवरी को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है। 29 जनवरी 2026 को UIDAI ने एक नया आधार ऐप शुरू किया, जिससे नामांकन केंद्र गए बिना मोबाइल नंबर और पता ऑनलाइन अपडेट करना, परिवार के कई प्रोफ़ाइल का प्रबंधन करना और सहमति के आधार पर आधार को सुरक्षित तरीके से साझा करना संभव हो गया।
2026 में शुरू हुए आधार ऐप की प्रमुख नई सुविधाएं क्या हैं?
2026 के आधार ऐप में तीन प्रमुख सुविधाएं हैं: (1) नामांकन केंद्र जाए बिना मोबाइल नंबर और पता ऑनलाइन अपडेट करने की स्व-सेवा सुविधा; (2) मल्टी-प्रोफ़ाइल परिवार प्रबंधन, जिससे एक उपयोगकर्ता परिवार के कई सदस्यों के आधार विवरण संभाल सकता है; और (3) सहमति के आधार पर आधार को डिजिटल रूप से साझा करने की सुविधा, जिससे भौतिक दस्तावेज ले जाने या फोटोकॉपी की ज़रूरत खत्म होती है।
UIDAI क्या है और यह किस कानून के तहत स्थापित हुआ?
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ तथा सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 के तहत स्थापित एक वैधानिक प्राधिकरण है। यह आधार संख्या जारी करने, बायोमेट्रिक डेटाबेस बनाए रखने और 1.4 अरब से अधिक निवासियों के लिए सभी आधार सेवाओं की देखरेख के लिए जिम्मेदार है।
नया आधार ऐप गोपनीयता और डेटा सुरक्षा संबंधी चिंताओं को कैसे दूर करता है?
ऐप में सहमति-आधारित साझाकरण की व्यवस्था है, यानी आधार डेटा केवल धारक की स्पष्ट अनुमति से ही साझा होता है। इसमें मास्क्ड आधार और QR-आधारित सत्यापन तंत्र है, जिससे भौतिक दस्तावेजों के दुरुपयोग से होने वाली पहचान चोरी का जोखिम कम होता है। आधार अधिनियम और नियम डेटा उपयोग को अधिकृत उद्देश्यों तक सीमित रखते हैं।
भारत में डिजिटल शासन और कल्याण वितरण के लिए आधार का क्या महत्व है?
आधार 1.4 अरब से अधिक नामांकन के साथ विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है। यह प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), JAM त्रयी (जन धन-आधार-मोबाइल), बैंकिंग और दूरसंचार के लिए e-KYC, और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की नींव है। 2026 का ऐप अपडेट डिजिटल इंडिया के तहत सहज, नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं के सरकारी लक्ष्य को आगे बढ़ाता है।
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