केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कैरियर सेवा पोर्टल के ज़रिए सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह जानकारी केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने राज्यसभा में सदस्य श्री राजिंदर गुप्ता के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। मंत्री ने सदन को बताया कि सरकार ने UNFPA-भारत की इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023 के निष्कर्षों पर ध्यान दिया है, जिसमें देश की बुज़ुर्ग आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की आबादी 2022 में 10.4 प्रतिशत से बढ़कर 2050 तक 20.8 प्रतिशत हो जाएगी और सदी के अंत तक 36 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी। रिपोर्ट में ऐसी नीतियों की ज़रूरत पर भी ज़ोर है जो बुज़ुर्गों, खासकर असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को आजीविका के अवसर और पुनर्रोजगार के व्यवस्थित रास्ते तथा आय की सुरक्षा दें। NCS परियोजना के तहत सरकार ने राज्यों और संस्थानों के सहयोग से 407 मॉडल करियर सेंटर मंज़ूर किए हैं। 2015 में पोर्टल की शुरुआत के बाद से इस पर 6.46 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वालों और 58.76 लाख नियोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के 1.89 लाख नौकरी चाहने वाले शामिल हैं। वर्तमान में 60 वर्ष से अधिक आयु के उम्मीदवारों के लिए उपयुक्त 1.68 लाख रिक्तियां पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों समेत 2.29 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वालों को नियोक्ताओं ने पोर्टल के ज़रिए शॉर्टलिस्ट किया है।