संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024 तथा संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024 पर गठित संयुक्त समिति ने अपने जारी अध्ययन दौरे के तहत 10 जुलाई 2026 को गोवा में विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श की शृंखला आयोजित की। श्री पी. पी. चौधरी की अध्यक्षता वाली इस समिति का उद्देश्य एक साथ चुनाव के विषय पर समाज के व्यापक वर्गों की राय जानना था।
दिन की शुरुआत राज्य के राजनीतिक नेतृत्व से बातचीत के साथ हुई, जिसमें गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत तथा मंत्रिमंडल के सदस्य श्री सुदिन धवलीकर, श्री दिगंबर कामत, श्री शुभाष शिरोडकर और श्री सुभाष फलदेसाई शामिल हुए। इसमें एक साथ चुनाव के क्रियान्वयन और उसके प्रभावों से जुड़े विविध पहलुओं पर चर्चा हुई। इसके बाद गोवा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों — मुख्य सचिव डॉ. वी. कंडावेलू, पुलिस महानिदेशक श्री आलोक कुमार, वित्त, गृह, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य तथा श्रम विभागों के प्रतिनिधि और गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. संजय गोयल — के साथ अनौपचारिक चर्चा हुई। इसमें एक साथ चुनाव कराने के लिए ज़रूरी प्रशासनिक, व्यवस्थागत, वित्तीय और निर्वाचन संबंधी तैयारियों तथा चुनौतियों पर विचार हुआ। समिति ने इच्छा जताई कि राज्य के विभाग अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों और एक साथ चुनाव के प्रभावों का अध्ययन करें।
दोपहर बाद के सत्र में समिति ने राजनीतिक गणमान्य व्यक्तियों तथा राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की राज्य इकाइयों के प्रतिनिधियों से संवाद किया, जिन्होंने एक साथ चुनाव के संवैधानिक, राजनीतिक और व्यावहारिक पहलुओं पर अपने विचार रखे। इसके बाद गोवा विश्वविद्यालय, IIT Goa, NIT Goa, वरिष्ठ अधिवक्ताओं तथा गोवा उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई, जिसमें प्रस्तावित निर्वाचन सुधारों पर शैक्षणिक, विधिक और संवैधानिक दृष्टिकोण सामने आए। दिन का अंतिम सत्र उद्योग एवं व्यापार संगठनों — ASSOCHAM, FICCI, CII, होटल उद्योग संघों, IRCTC, IREDA तथा ITDC — के साथ रहा, जिसमें संभावित आर्थिक, व्यावसायिक और शासन संबंधी प्रभावों पर राय ली गई।
ये परामर्श दोनों विधेयकों पर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले विविध वर्गों के मत और सुझाव जुटाने के समिति के प्रयास का हिस्सा हैं। समिति की 11 जुलाई 2026 को गोवा विधानसभा के अध्यक्ष तथा अन्य संगठनों से चर्चा प्रस्तावित थी।
