मुंबई के ‘सहकार नव-क्रांति’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए सुरक्षा संचालन केंद्र और मुख्य बैंकिंग की देशव्यापी साझा सेवाएँ शुरू कीं। उन्होंने NUCFDC के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया। यह करीब 1,400 शहरी सहकारी बैंकों के लिए साझा संगठन है। इसकी ‘बैंक इन ए बॉक्स’ सेवा में मुख्य बैंकिंग व्यवस्था, डिजिटल भुगतान, क्लाउड सेवाएँ, नियामकीय अनुपालन और दूसरी आधुनिक सुविधाएँ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर मिलेंगी। इससे एक शाखा वाला बैंक भी अलग-अलग व्यवस्थाओं की खरीद और रखरखाव का भारी खर्च उठाए बिना आधुनिक सेवाएँ दे सकेगा। NUCFDC सामूहिक अनुबंध करेगा, ज़रूरी सॉफ्टवेयर खरीदेगा और रखरखाव संभालेगा। सुरक्षा संचालन केंद्र चौबीसों घंटे साइबर निगरानी, तुरंत मार्गदर्शन और सुरक्षा देगा। साझा सुविधाओं में डिजिटल फोरेंसिक, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण, म्यूल हंटर, सामूहिक साइबर बीमा, धोखाधड़ी रोकने वाली प्रणालियाँ और जोखिम प्रबंधन भी शामिल हैं। NUCFDC और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के समझौते से छोटे से छोटे शहरी सहकारी बैंक की शाखा तक कम लागत में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक पहुँचाने का लक्ष्य है। NUCFDC भारतीय रिज़र्व बैंक के मानकों का पालन, कर्मचारी प्रशिक्षण और नियामकीय बदलावों की जानकारी देने में भी मदद करेगा। अमित शाह ने कहा कि संगठन का उद्देश्य मुनाफ़ा कमाना नहीं, बल्कि इन बैंकों को व्यवस्थित कर राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। इन बैंकों में करीब ₹6 लाख करोड़ की जमाराशि है और ये छोटे व्यापारियों, कुटीर उद्योगों, छोटे व मझोले उद्यमों, स्थानीय उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और मध्यम वर्ग को सेवाएँ देते हैं।
NUCFDC ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए साझा डिजिटल और साइबर सुरक्षा सेवाएँ शुरू कीं
NUCFDC ने करीब 1,400 शहरी सहकारी बैंकों के लिए साझा तकनीक और साइबर सुरक्षा व्यवस्था शुरू की है। ‘बैंक इन ए बॉक्स’, चौबीसों घंटे निगरानी और फोरेंसिक सहायता से छोटे बैंकों को आधुनिक बैंकिंग सेवाएँ कम लागत और बेहतर सुरक्षा के साथ मिल सकेंगी।
मुख्य तथ्य
- NUCFDC को करीब 1,400 शहरी सहकारी बैंकों के साझा संगठन के रूप में तैयार किया गया है।
- ‘बैंक इन ए बॉक्स’ में मुख्य बैंकिंग व्यवस्था, डिजिटल भुगतान, क्लाउड सेवाएँ और नियामकीय अनुपालन एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर मिलेंगे।
- सुरक्षा संचालन केंद्र चौबीसों घंटे साइबर निगरानी, मार्गदर्शन और सुरक्षा देगा।
- NUCFDC और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के समझौते से छोटी बैंक शाखाओं तक साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक की सहायता पहुँचेगी।
- सामूहिक अनुबंध, सॉफ्टवेयर की खरीद और रखरखाव की साझा व्यवस्था से बैंकों की लागत घटेगी।
- शहरी सहकारी बैंकों में कुल मिलाकर करीब ₹6 लाख करोड़ की जमाराशि है।
6-अक्ष वर्गीकरण
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
NUCFDC की साझा सेवाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. NUCFDC का मुख्य उद्देश्य शहरी सहकारी बैंकों से मुनाफ़ा कमाना है। 2. सुरक्षा संचालन केंद्र केवल बैंक के कामकाजी समय में साइबर निगरानी देगा। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है?
दोनों कथन गलत हैं। NUCFDC का उद्देश्य मुनाफ़ा कमाना नहीं, बल्कि शहरी सहकारी बैंकों को व्यवस्थित कर उनकी मदद करना है। सुरक्षा संचालन केंद्र चौबीसों घंटे साइबर निगरानी, तुरंत मार्गदर्शन और सुरक्षा देगा।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शहरी सहकारी बैंकों के लिए NUCFDC की क्या भूमिका है?
यह साझा संगठन के रूप में तकनीकी और संस्थागत मदद, प्रशिक्षण, अनुपालन और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा।
‘बैंक इन ए बॉक्स’ में क्या मिलेगा?
इसमें मुख्य बैंकिंग व्यवस्था, डिजिटल भुगतान, क्लाउड सेवाएँ, नियामकीय अनुपालन और दूसरी आधुनिक बैंकिंग सुविधाएँ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर मिलेंगी।
सुरक्षा संचालन केंद्र बैंकों की कैसे मदद करेगा?
यह चौबीसों घंटे साइबर निगरानी, तुरंत मार्गदर्शन और डिजिटल खतरों से सुरक्षा देगा।
NUCFDC ने राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय से समझौता क्यों किया है?
इसका उद्देश्य छोटे से छोटे शहरी सहकारी बैंक की शाखा तक कम लागत में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक की सहायता पहुँचाना है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें