राजस्थान मंत्रिमंडल ने नई ग्रामीण आजीविका योजना को मंज़ूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। पहले यह सीमा 100 दिन थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीण रोजगार के साथ किसानों, राज्य कर्मचारियों और मानसून प्रबंधन से जुड़े फ़ैसले भी लिए गए।

योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका बढ़ाने और आधारभूत विकास को गति देना है। इसके तहत जल संरक्षण, आधारभूत संरचना निर्माण और आपदा प्रबंधन के काम कराए जा सकेंगे। पारदर्शिता के लिए डिजिटल निगरानी और महिलाओं व कमज़ोर वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया गया है।

बैठक में राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम, 1998 में संशोधन को मंज़ूरी दी गई। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और कर्मचारियों को उनकी वास्तविक सेवानिवृत्ति की तारीख तक बीमा सुरक्षा देगा। राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026 को भी मंज़ूरी मिली। इनके तहत श्रम विवादों की शिकायतें पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज होंगी, उनका तय समय में निपटारा होगा और श्रमिक संगठनों के चुनावों में गुप्त मतदान ज़रूरी होगा।

जिलों के प्रभारी मंत्रियों को बारिश से बनी परिस्थितियों की समीक्षा करने तथा बिजली, पेयजल, सड़क, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएँ देखने के निर्देश दिए गए। उन्हें कृषि व्यवस्थाओं की समीक्षा भी करनी है, ताकि किसानों को प्रमाणित बीज और अन्य ज़रूरी कृषि साधन समय पर मिल सकें। इस तरह बढ़ी हुई रोजगार गारंटी को ग्रामीण परिसंपत्तियों, जवाबदेह प्रशासन और स्थानीय तैयारी से जोड़ा गया है।