7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सीमा-पार नदियों पर सहयोग विषयक एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें भूटान की शाही सरकार का प्रतिनिधिमंडल और भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल शामिल थे। भूटान की ओर से ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योंपो गेम छेरिंग नेतृत्व कर रहे थे। भारत की ओर से जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री श्री सी आर पाटील नेतृत्व कर रहे थे। प्रेस सूचना ब्यूरो ने उसी दिन नई दिल्ली से इस वार्ता की जानकारी दी।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने जल संसाधन क्षेत्र में भारत और भूटान के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा की। खास ध्यान सीमा-पार नदी प्रबंधन, बाढ़ पूर्वानुमान और बाढ़ प्रबंधन, जलविज्ञान डेटा साझा करने तथा आपसी हित के अन्य विषयों पर रहा। दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने देखा कि मौजूदा व्यवस्थाएँ समय पर सूचना आदान-प्रदान और साझा नदी तंत्रों से जुड़े बाढ़ जोखिमों पर संयुक्त ध्यान को कैसे सहारा देती हैं।

मंत्रियों ने पुनात्सांगछू-1 जलविद्युत परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। यह परियोजना भूटान में भारत सरकार की साझेदारी से लागू हो रही है। उन्होंने इसे तेज़ी से आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने भूटान में मौजूदा जल-मौसम विज्ञान नेटवर्क के उन्नयन और मज़बूती के प्रस्तावों पर भी रचनात्मक बातचीत की। सीमा-पार नदियों पर जलविज्ञान डेटा साझा करने की मौजूदा व्यवस्था के सहयोग के दायरे को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

दोनों पक्षों ने सीमा-पार जल संसाधनों के टिकाऊ और आपसी लाभ वाले प्रबंधन के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने निरंतर तकनीकी सहयोग, आपसी विश्वास और नियमित संस्थागत संवाद के ज़रिए जल संसाधन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग और गहरा करने पर सहमति जताई। यह वार्ता जल संसाधन और जुड़े तकनीकी क्षेत्रों में भारत-भूटान सहयोग की निरंतरता को रेखांकित करती है।