1 सितंबर 2026 को पत्र सूचना कार्यालय, दिल्ली ने बताया कि भारतीय रेलवे ने उत्तरी रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन के शेष 712 रूट किलोमीटर खंडों पर कवच वर्जन 4.0 लागू करने की मंज़ूरी दे दी है। स्वीकृत कार्य की कुल लागत 170 करोड़ रुपये है।

स्वीकृत काम के अंतर्गत स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली की तैनाती से डिवीजन के रेलवे सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मज़बूती मिलेगी। कवच 4.0 लागू होने से चिन्हित खंडों में ट्रेन संचालन के लिए एक उन्नत सुरक्षा परत उपलब्ध होगी।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार कवच स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसे परिचालन सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह खतरे के सिग्नल पार करने (एसपीएडी) से रोकने में मदद करता है, असुरक्षित स्थितियों से बचने के लिए ज़रूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगाता है, गंभीर परिस्थितियों में ट्रेन की गति नियंत्रित करता है और टक्करों का जोखिम काफी हद तक कम करता है।

मुरादाबाद डिवीजन की यह मंज़ूरी भारतीय रेलवे की उस लगातार कोशिश का हिस्सा है जिसमें पूरे नेटवर्क पर कवच कवरेज बढ़ाया जा रहा है और रेलवे सिग्नलिंग तथा ट्रेन सुरक्षा प्रणालियों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। विज्ञप्ति संख्या 2305330 में रेल मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय रेलवे ने डिवीजन के शेष 712 रूट किलोमीटर के लिए 170 करोड़ रुपये की स्वीकृति का यही ढांचा रखा है।

कुल मिलाकर आधिकारिक पाठ से पाँच साफ़ बातें निकलती हैं — विज्ञप्ति की तारीख 1 सितंबर 2026, क्षेत्र उत्तरी रेलवे का मुरादाबाद डिवीजन, शेष लंबाई 712 रूट किलोमीटर, प्रणाली कवच वर्जन 4.0, और लागत 170 करोड़ रुपये, जो चिन्हित खंडों पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा तैनाती से सुरक्षा मज़बूत करने से जुड़ी है।