सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की है। अध्यक्ष पद पर श्री भगवत प्रसाद मकवाना और उपाध्यक्ष पद पर श्री कैशब बिहारी की नियुक्ति हुई है। श्री मनोज कुमार बाल्मीकि, श्रीमती सुषमा गौड़ियाल और श्री रवि रामू कालोसे को आयोग का सदस्य बनाया गया है। ये नियुक्तियाँ मौजूदा आयोग के शेष कार्यकाल यानी 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेंगी।
अध्यक्ष मकवाना अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं और सामाजिक कार्यों, खासकर अनुसूचित जातियों के कल्याण एवं सशक्तिकरण में व्यापक अनुभव रखते हैं। इससे पहले वह उत्तराखंड सरकार के सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष रह चुके हैं। वह एनएचपीसी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक भी रहे हैं और हाथ से मैला ढोने वाले के रूप में रोज़गार पर रोक तथा उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 के अंतर्गत गठित केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य भी रहे हैं।
उपाध्यक्ष कैशब बिहारी अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं, ओडिशा के निवासी हैं और पेशे से किसान हैं। वह अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और समाज के अन्य वंचित वर्गों के कल्याण एवं उत्थान की कोशिशों से जुड़े रहे हैं। सदस्य मनोज कुमार बाल्मीकि उद्यमी हैं और 2019 से 2022 तक उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य रहे हैं। सदस्य सुषमा गौड़ियाल बरेली कॉलेज, बरेली के हिंदी विभाग में प्रोफेसर हैं; उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्री ली है तथा राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की पूर्व सदस्य भी रही हैं। उनके शैक्षणिक कार्य और शोध में दलित साहित्य, डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, महिला सशक्तिकरण और समकालीन सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे शामिल हैं। सदस्य रवि रामू कालोसे सेवानिवृत्त नगरपालिका इंजीनियर हैं, उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है और सफाई कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर काम करते रहे हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने नवनियुक्त टीम का स्वागत किया है। मंत्रालय को विश्वास है कि उनका सामूहिक अनुभव आयोग को उसके दायित्व पूरे करने में मज़बूती देगा तथा पूरे देश में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक भलाई की रक्षा में योगदान देगा।
