प्रकाशित: 10 जुलाई 2026PIBशासन
PM SVANidhi के तहत 'स्ट्रीट फूड हब' के लिए चुने गए पहले कस्बों में लखनपुर शामिल
11 जुलाई 2026 को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने PM SVANidhi के तहत जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर में 'स्ट्रीट फूड हब' को मंजूरी दे दी है। उधमपुर संसदीय क्षेत्र में पड़ने वाला लखनपुर पहले ही बैच में स्वीकृत कस्बों में है।
इस पहल का मकसद ऐसी सुव्यवस्थित, साफ-सुथरी और विश्वस्तरीय जगहें बनाना है, जहाँ रेहड़ी-पटरी वाले सम्मान के साथ अपना कारोबार कर सकें और उन्हें टिकाऊ आजीविका मिले; साथ ही भारत के खान-पान की विरासत सामने आए और बड़े पर्यटन स्थल जीवंत फूड स्ट्रीट में बदल सकें।
PM SVANidhi के तहत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय देश भर में अधिकतम 50 स्ट्रीट फूड हब बनाने का प्रस्ताव रखता है। प्राथमिकता उन शहरों-कस्बों को मिलती है जिनमें पर्यटन की प्रबल संभावना, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व तथा अपनी खास खान-पान परंपरा हो, और जो Swadesh Darshan, PRASHAD, UNESCO विश्व धरोहर स्थलों व UNESCO रचनात्मक शहरों से जुड़ सकें। हर स्वीकृत परियोजना को 4 करोड़ रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं — पहली किस्त 30 प्रतिशत, दूसरी 50 प्रतिशत और बाकी 20 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद। जिन शहरों ने अपनी स्ट्रीट वेंडिंग योजना अधिसूचित कर दी है, उन्हें 25 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है।
तकनीकी मदद मंत्रालय के शहरी नियोजन उत्कृष्टता केंद्रों और AMRUT से पैसा पाने वाले नियोजन केंद्रों से मिलती है। इसमें आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय और FSSAI पूरी सरकार के तालमेल के साथ मिलकर काम करते हैं। मंत्रालय को 32 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से 126 प्रस्ताव मिले, जिनमें 106 शहरी स्थानीय निकाय और 7 जनगणना कस्बे शामिल थे।
लखनपुर का हब लखनपुर बाजार में दो समूहों में, 1,754.25 वर्ग मीटर में बनेगा और डोगरा व्यंजनों को बढ़ावा देगा। पठानकोट की ओर से जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार पर और श्री माता वैष्णो देवी के रास्ते पर होने के कारण चल रही श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान इसका महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि लखनपुर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
PM SVANidhi के तहत चल रही 'स्ट्रीट फूड हब' पहल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय देश भर में अधिकतम 50 स्ट्रीट फूड हब बनाने का प्रस्ताव रखता है।
2. हर स्वीकृत स्ट्रीट फूड हब परियोजना को 4 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दो बराबर किस्तों में जारी की जाती है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Aकथन 1 सही है: PM SVANidhi के तहत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय देश भर में अधिकतम 50 स्ट्रीट फूड हब बनाने का प्रस्ताव रखता है। कथन 2 गलत है: हर स्वीकृत परियोजना को मिलने वाले 4 करोड़ रुपये दो बराबर किस्तों में नहीं, बल्कि तीन किस्तों में जारी होते हैं — पहली किस्त 30 प्रतिशत, दूसरी 50 प्रतिशत और बाकी 20 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद। चूँकि सिर्फ कथन 1 ही सही है, इसलिए उत्तर 'केवल 1' है। विकल्प B और D इसलिए गलत हैं क्योंकि वे सही कथन 1 को नकारते हैं, और विकल्प C इसलिए गलत है क्योंकि वह कथन 2 में दी गई किस्तों की गलत व्यवस्था को मान लेता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM SVANidhi के तहत स्ट्रीट फूड हब पहल क्या है?
यह ऐसी पहल है जिसके तहत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय देश भर में अधिकतम 50 स्ट्रीट फूड हब बनाने का प्रस्ताव रखता है। इसका मकसद ऐसी सुव्यवस्थित, साफ-सुथरी और विश्वस्तरीय जगहें बनाना है, जहाँ रेहड़ी-पटरी वाले सम्मान के साथ कारोबार कर सकें और उन्हें टिकाऊ आजीविका मिले, साथ ही भारत के खान-पान की विरासत भी सामने आए।
हर स्वीकृत स्ट्रीट फूड हब को कितनी वित्तीय मदद मिलती है और वह कैसे जारी होती है?
हर स्वीकृत परियोजना को 4 करोड़ रुपये मिलते हैं, जो तीन किस्तों में जारी होते हैं — पहली किस्त 30 प्रतिशत, दूसरी 50 प्रतिशत और बाकी 20 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद। जिन शहरों ने अपनी स्ट्रीट वेंडिंग योजना अधिसूचित कर दी है, उन्हें 25 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलता है।
लखनपुर की मंजूरी क्यों महत्वपूर्ण है?
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले का लखनपुर पहले ही बैच में स्वीकृत कस्बों में है। यह पठानकोट की ओर से जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार पर और श्री माता वैष्णो देवी के रास्ते पर पड़ता है, इसलिए चल रही श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान यह हब वहाँ से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और यात्रियों के काम आएगा।
स्ट्रीट फूड हब के लिए शहरों का चयन किन आधारों पर होता है?
प्राथमिकता उन शहरों-कस्बों को मिलती है जिनमें पर्यटन की प्रबल संभावना, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व और अपनी खास खान-पान परंपरा हो, तथा जो Swadesh Darshan, PRASHAD, UNESCO विश्व धरोहर स्थलों और UNESCO रचनात्मक शहरों जैसी योजनाओं से जुड़ सकें।
मंत्रालय को स्ट्रीट फूड हब के लिए कितने प्रस्ताव मिले?
मंत्रालय को 32 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से 126 प्रस्ताव मिले, जिनमें 106 शहरी स्थानीय निकाय और 7 जनगणना कस्बे शामिल थे।