केंद्र सरकार ने एलजीबीटीक्यू+ समुदाय—जिसमें इंटरसेक्स व्यक्ति भी शामिल हैं—के अधिकारों, कल्याण और सामाजिक समावेशन के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राज्यसभा में श्रीमती रजथी के प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने शिक्षा, रोज़गार, पहचान-पत्र और अन्य अधिकारों पर बहु-मंत्रालयीय कदम बताए, जिनमें खाद्य सुरक्षा, वित्तीय सेवाएँ, स्वास्थ्य देखभाल, भेदभाव से सुरक्षा तथा सुरक्षा और गरिमा शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019—जिसमें 2026 में संशोधन हुआ है—ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के संरक्षण और कल्याण का व्यापक कानूनी ढाँचा देता है और जन्मजात असमानताओं वाले इंटरसेक्स व्यक्तियों को ट्रांसजेंडर परिभाषा में जोड़ता है; अधिनियम और नियम भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा देते हैं और कल्याण व अन्य अधिकारों तक पहुँच आसान बनाते हैं। खाद्य और जन वितरण विभाग ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श दिया है कि समलैंगिक या क्वीयर संबंध में साथी को राशन कार्ड के लिए उसी परिवार या गृहस्थी का हिस्सा माना जाए और जारी करते समय भेदभाव न हो। वित्तीय सेवाएँ विभाग ने स्पष्ट किया कि क्वीयर समुदाय के लिए संयुक्त बैंक खाते पर कोई रोक नहीं है, और क्वीयर संबंध में व्यक्ति को खाताधारक की मृत्यु पर शेष राशि पाने के लिए नामांकित किया जा सकता है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जागरूकता, परिवर्तन उपचार का निषेध, लिंग पुनर्निर्धारण शल्यक्रिया, पाठ्यक्रम बदलाव, दूरस्थ परामर्श, संवेदनशीलता प्रशिक्षण तथा निकट संबंधी उपलब्ध न होने पर शव दावे संबंधी प्रावधान पर संचार जारी किए हैं। संचालक सामान्य स्वास्थ्य सेवा ने राज्य स्वास्थ्य विभागों को भेदभाव घटाने और स्वास्थ्य सेवा पहुँच सुनिश्चित करने संबंधी संचार जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लिंग विभेदन संबंधी विकार वाले शिशुओं और बच्चों के चिकित्सकीय हस्तक्षेप के दिशानिर्देश तैयार किए हैं, और क्वीयर समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों पर भी काम कर रहा है। गृह मंत्रालय ने जेलों में क्वीयर समुदाय के भेंट-अनुमति अधिकारों पर, तथा हिंसा, उत्पीड़न या दबाव की धमकियों से सुरक्षा पर सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी किए हैं।
केंद्र ने एलजीबीटीक्यू+ समावेशन उपाय दोहराए; 2026 संशोधन से ट्रांसजेंडर अधिनियम में इंटरसेक्स व्यक्ति जुड़े
केंद्र ने राशन कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और जेल भेंट-अनुमति समेत एलजीबीटीक्यू+ समावेशन के बहु-मंत्रालयीय उपाय दोहराए हैं, और बताया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019 में 2026 के संशोधन से इंटरसेक्स व्यक्ति परिभाषा में जुड़े हैं।
मुख्य तथ्य
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने 13 अगस्त 2026 को राज्यसभा में श्रीमती रजथी के प्रश्न के उत्तर में एलजीबीटीक्यू+ समावेशन उपाय दोहराए।
- ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019 में 2026 के संशोधन से जन्मजात असमानताओं वाले इंटरसेक्स व्यक्ति ट्रांसजेंडर परिभाषा में जुड़े।
- खाद्य और जन वितरण विभाग ने कहा कि समलैंगिक या क्वीयर साथी को राशन कार्ड के लिए उसी परिवार का हिस्सा माना जाए और भेदभाव न हो।
- वित्तीय सेवाएँ विभाग ने स्पष्ट किया कि क्वीयर समुदाय के लिए संयुक्त बैंक खाते पर रोक नहीं है और क्वीयर साथी को नामांकित किया जा सकता है।
- स्वास्थ्य उपायों में परिवर्तन उपचार का निषेध, लिंग पुनर्निर्धारण शल्यक्रिया, दूरस्थ परामर्श और लिंग विभेदन दिशानिर्देश शामिल हैं; गृह मंत्रालय ने जेल भेंट-अनुमति और हिंसा से सुरक्षा संबंधी परामर्श जारी किए।
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केंद्र की 2026 की पुनर्पुष्टि के अनुसार, ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019—जिसमें 2026 में संशोधन हुआ—ट्रांसजेंडर व्यक्ति की परिभाषा में किसे शामिल करता है?
मंत्रालय ने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019—जिसमें 2026 में संशोधन हुआ है—जन्मजात असमानताओं वाले इंटरसेक्स व्यक्तियों को ट्रांसजेंडर व्यक्ति की परिभाषा में शामिल करता है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से जुड़े किस अधिनियम में 2026 में संशोधन हुआ?
ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019 में 2026 में संशोधन हुआ, जिससे जन्मजात असमानताओं वाले इंटरसेक्स व्यक्ति परिभाषा में जुड़े।
राशन कार्ड पर खाद्य और जन वितरण विभाग ने क्या कहा?
समलैंगिक या क्वीयर संबंध में साथी को राशन कार्ड के लिए उसी परिवार या गृहस्थी का हिस्सा माना जाए और भेदभाव न हो।
क्वीयर समुदाय के लिए संयुक्त बैंक खाते पर रोक है क्या?
नहीं। वित्तीय सेवाएँ विभाग ने स्पष्ट किया कि संयुक्त बैंक खाता खोलने पर कोई रोक नहीं है, और क्वीयर संबंध में व्यक्ति को खाताधारक की मृत्यु पर शेष राशि के लिए नामांकित किया जा सकता है।
स्वास्थ्य संबंधी किन कदमों का उल्लेख हुआ?
जागरूकता, परिवर्तन उपचार का निषेध, लिंग पुनर्निर्धारण शल्यक्रिया, पाठ्यक्रम बदलाव, दूरस्थ परामर्श, संवेदनशीलता प्रशिक्षण, शव दावे संबंधी प्रावधान, संचालक सामान्य स्वास्थ्य सेवा के संचार, तथा लिंग विभेदन और मानसिक स्वास्थ्य दिशानिर्देश।
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