ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के तहत निधि जारी करने की व्यवस्था बताई है। योजना में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों से मिले प्रस्तावों के आधार पर वित्तीय सहायता जारी होती है। यह सहायता हर राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के लिए तय लाभार्थी सीमा के अधीन रहती है। पूर्ण प्रस्ताव मिलते ही निधि जारी करने के लिए उन पर शीघ्र कार्रवाई की जाती है। पत्रों और समीक्षा बैठकों के ज़रिए राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों से नियमित रूप से कहा जाता है कि वे समय पर पूर्ण प्रस्ताव भेजें, ताकि लाभ देने की प्रक्रिया और वितरण सुचारु हो सके।

वर्ष 2026-27 से योजना की निधि एसएनए-स्पर्श व्यवस्था से जारी की जा रही है। एसएनए-स्पर्श से जुड़ने के बाद राज्य और विधायिका वाले संघ राज्य क्षेत्र मंत्रालय की जारी मूल स्वीकृति में से निधि का उपयोग कर सकते हैं। वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के लिए मंत्रालय ने योजना के तहत राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को ₹369.25 करोड़ की मूल स्वीकृति जारी की है। जुड़ने की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्य और संघ राज्य क्षेत्र इसी स्वीकृति का उपयोग लाभ बाँटने के लिए कर सकते हैं।

मंत्रालय बाकी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के साथ नियमित रूप से संपर्क कर रहा है, ताकि वे भी एसएनए-स्पर्श से जुड़ने की प्रक्रिया पूरी करें। उन्हें जल्द जोड़ने के लिए आवश्यक सहायता और तकनीकी सहयोग भी दिया जा रहा है। लिखित उत्तर के अनुबंध में पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य और संघ राज्य क्षेत्र के अनुसार लाभार्थियों की संख्या, लागू सीमा और जारी निधि का ब्यौरा दिया गया है। यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने 28 जुलाई 2026 को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।