केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम) भारत सरकार का एकीकृत डिजिटल जन शिकायत मंच है। यह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहता है और केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों, राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को जोड़ता है। नागरिक ऑनलाइन, सीपीग्राम मोबाइल ऐप या 2.5 लाख से अधिक ग्राम स्तरीय उद्यमियों से जुड़े 5 लाख से अधिक सामान्य सेवा केंद्रों के ज़रिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डाक से मिली शिकायतों को भी डिजिटल रूप में बदलकर प्रणाली पर डाला जाता है। पंजीकरण के समय मिली विशिष्ट संख्या से शिकायत की स्थिति देखी जा सकती है।

प्रदर्शन से जुड़े आँकड़े निपटारे में लगने वाले समय में बड़ी कमी दिखाते हैं। केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में औसत समय 2014 के 157 दिन से घटकर 2025 में 15 दिन रह गया, जबकि 2026 का औसत 14 दिन दर्ज किया गया। जून 2026 में 1,99,968 शिकायतें सुलझाई गईं। लगातार 46 महीनों तक हर महीने 1 लाख से अधिक मामलों का निपटारा हुआ। जनवरी से जून 2026 के बीच नागरिक संतुष्टि दर 76% रही। जून 2026 तक 1,09,125 शिकायत निवारण अधिकारी सीपीग्राम से जुड़े थे और उसी महीने 83,544 नए उपयोगकर्ता पंजीकृत हुए।

अगस्त 2024 के दिशा-निर्देशों ने शिकायत निवारण की तय समय-सीमा 30 दिन से घटाकर 21 दिन कर दी। निपटारे के बाद प्रतिपुष्टि कॉल सेंटर नागरिक की संतुष्टि जानता है। असंतुष्ट नागरिक अपील कर सकता है, जिसका नोडल अपीलीय प्राधिकारी को 30 दिन में निपटारा करना होता है। सुधारों में शिकायतों को स्वतः सही अधिकारी तक भेजना, वास्तविक समय में विश्लेषण, शिकायत निवारण मूल्यांकन सूचकांक, राज्यों के शिकायत पोर्टलों से जुड़ाव, सेवोत्तम ढाँचे के तहत नियमित प्रशिक्षण और अलग डेटा रणनीति इकाई शामिल हैं। अंग्रेज़ी के अलावा 22 अनुसूचित भाषाओं में शिकायत दर्ज की जा सकती है; भाषिणी अधिकारियों को नागरिक की भाषा में जवाब देने में मदद करती है।