रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी रक्षा कंपनी जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल के साथ ₹1,943 करोड़ का अनुबंध किया है। इसके तहत भारतीय नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन उच्च-ऊंचाई लंबे एन्ड्योरेंस यानी हाले दूर से संचालित विमान प्रणालियाँ 30 महीने के लिए लीज पर ली गई हैं। अनुबंध रक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक अधिग्रहण ए. अनबारासु की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। मंत्रालय के अनुसार, उन्नत प्रणालियों, अत्याधुनिक सेंसर और जटिल पेलोड से लैस ये प्रणालियाँ नौसेना की समुद्री क्षेत्र जागरूकता को काफी बढ़ाएँगी। ये विशाल समुद्री क्षेत्रों पर लगातार खुफिया, निगरानी और टोही कवरेज देंगी तथा हिंद महासागर क्षेत्र में घटनाओं की निगरानी और प्रतिक्रिया की भारत की क्षमता को मज़बूत करेंगी। पिछले साल दिसंबर में रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए हाले आरपीएएस लीज करने की मंज़ूरी दी थी। फिलहाल नौसेना 2020 में भारत-चीन सीमा तनाव के बीच एक वर्ष के लिए लीज पर लिए गए दो एमक्यू9ए संचालित करती है; बाद में उनका लीज बढ़ाया गया। दो नई प्रणालियों के जुड़ने से नौसेना का भंडार चार इकाइयों तक पहुँचेगा, जिससे पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों पर एक साथ बेहतर कवरेज संभव होगा। अब तक केवल दो हाले आरपीएएस होने से दोनों मोर्चों पर एक साथ कवरेज सीमित था। नई लीज उन 31 एमक्यू-9बी हाले आरपीएएस की आपूर्ति शुरू होने तक जारी रहने की उम्मीद है। इन 31 प्रणालियों के लिए भारत और अमेरिका ने 2024 में करीब 3.5 अरब डॉलर यानी ₹28,000 करोड़ से अधिक का सौदा किया था। नई लीज प्रणालियों का विन्यास लगभग उन्हीं 31 प्लेटफॉर्म जैसा होगा। खुफिया, निगरानी और टोही के अलावा ये लंबी उड़ान मिशनों में पहाड़ों और समुद्री क्षेत्र के रणनीतिक लक्ष्यों पर सटीक हमले भी कर सकती हैं। जनरल एटॉमिक्स के अनुबंध के तहत भारत में वैश्विक रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल सुविधा बनेगी, कुछ एमक्यू-9बी यहाँ जोड़े जाएँगे और घटकों का एक हिस्सा स्वदेशी स्रोतों से आएगा। सी गार्डियन की प्रमुख विशेषताएँ हैं: पंखों का फैलाव 79 फीट यानी 24 मीटर, लंबाई 38 फीट यानी 11.6 मीटर, 40 घंटे की उड़ान क्षमता, अधिकतम ऊंचाई 40,000 फीट यानी 12,192 मीटर और 6,000 समुद्री मील की दूरी।
रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन हाले आरपीएएस ₹1,943 करोड़ में लीज पर लिए
रक्षा मंत्रालय ने जनरल एटॉमिक्स के साथ ₹1,943 करोड़ का 30 महीने का लीज अनुबंध कर नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन हाले आरपीएएस लिए हैं। इससे उच्च-ऊंचाई लंबे एन्ड्योरेंस भंडार चार इकाइयों तक पहुँचेगा और खरीदे गए 31 एमक्यू-9बी की आपूर्ति तक अंतर भरा जाएगा।
मुख्य तथ्य
- रक्षा मंत्रालय ने जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल के साथ ₹1,943 करोड़ का अनुबंध कर नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन हाले आरपीएएस 30 महीने के लिए लीज पर लिए।
- ये प्रणालियाँ समुद्री क्षेत्र जागरूकता बढ़ाएँगी और हिंद महासागर क्षेत्र पर लगातार खुफिया, निगरानी तथा टोही कवरेज देंगी।
- नौसेना फिलहाल 2020 से लीज पर दो एमक्यू9ए चलाती है; दो नई प्रणालियों से भंडार चार इकाइयों तक पहुँचेगा और पूर्वी-पश्चिमी कवरेज बेहतर होगा।
- पिछले साल दिसंबर में मंत्रालय ने नौसेना के लिए हाले आरपीएएस लीज की मंज़ूरी दी थी; नई लीज 31 एमक्यू-9बी की आपूर्ति शुरू होने तक जारी रहेगी।
- 2024 में भारत और अमेरिका ने सशस्त्र बलों के लिए 31 एमक्यू-9बी हाले आरपीएएस पर करीब 3.5 अरब डॉलर यानी ₹28,000 करोड़ से अधिक का सौदा किया।
- जनरल एटॉमिक्स के अनुबंध के तहत भारत में वैश्विक रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल सुविधा बनेगी; कुछ जोड़ाई और स्वदेशी घटक सोर्सिंग भी होगी।
अभ्यास प्रश्न MCQ
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भारतीय नौसेना के लिए एमक्यू-9बी सी गार्डियन लीज के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रक्षा मंत्रालय ने जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल के साथ ₹1,943 करोड़ का अनुबंध कर दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन हाले आरपीएएस 30 महीने के लिए लीज पर लिए। 2. ये प्रणालियाँ भारतीय नौसेना की समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमताओं को काफी बढ़ाएँगी। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। मंत्रालय ने जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल के साथ ₹1,943 करोड़ का अनुबंध कर दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन हाले आरपीएएस 30 महीने के लिए लीज पर लिए हैं और कहा है कि ये प्रणालियाँ नौसेना की समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमताओं को काफी बढ़ाएँगी।
स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नई सी गार्डियन लीज की कीमत और अवधि क्या है?
रक्षा मंत्रालय ने जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल के साथ ₹1,943 करोड़ का अनुबंध कर नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन हाले आरपीएएस 30 महीने के लिए लीज पर लिए हैं।
इस लीज के बाद नौसेना के पास कितनी उच्च-ऊंचाई लंबे एन्ड्योरेंस प्रणालियाँ होंगी?
पहले से लीज पर दो एमक्यू9ए के साथ दो नई प्रणालियाँ जुड़ने से नौसेना का भंडार चार इकाइयों तक पहुँच जाएगा।
इस लीज से जुड़ी बड़ी एमक्यू-9बी खरीद क्या है?
2024 में भारत और अमेरिका ने सशस्त्र बलों के लिए 31 एमक्यू-9बी हाले आरपीएएस पर करीब 3.5 अरब डॉलर यानी ₹28,000 करोड़ से अधिक का सौदा किया था; नई लीज उनकी आपूर्ति शुरू होने तक जारी रहेंगी।
निगरानी के अलावा ये प्रणालियाँ और क्या कर सकती हैं?
खुफिया, निगरानी और टोही के अलावा ये लंबी उड़ान मिशनों में पहाड़ों और समुद्री क्षेत्र के रणनीतिक लक्ष्यों पर सटीक हमले भी कर सकती हैं।
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