प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय की पत्र सूचना कार्यालय विज्ञप्ति, प्रविष्टि तिथि 31 अगस्त 2026 (विज्ञप्ति संख्या 2305284), के अनुसार इस साल यह उनकी पहली मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता दिसंबर 2025 में दिल्ली में 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।
बिश्केक की इस बैठक में दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, गतिशीलता और लोगों के बीच आपसी संबंधों समेत कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने व्यापार, आर्थिक और सांस्कृतिक मामलों पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 27वें सत्र के नतीजों का स्वागत किया, जो 24 अगस्त 2026 को मॉस्को में आयोजित हुआ था।
दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत-रूस सहयोग पर भी बात की, खासकर 2026 में भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन पर। उन्होंने आपसी हित के अहम क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए, जिनमें पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में चल रहे संघर्ष शामिल हैं; इनका समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर असर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही संघर्षों को सुलझाने का सही रास्ता है।
दोनों नेता अपने देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। विज्ञप्ति के अनुसार यह साझेदारी लगातार महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद इसने मज़बूती बनाए रखी है। आगे देखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 12-13 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
