पत्र सूचना कार्यालय द्वारा जारी प्रधानमंत्री कार्यालय के संबोधन पाठ के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 सितंबर 2026 को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 का उद्घाटन किया और उद्घाटन संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि यह फेस्ट में उनकी लगातार तीसरी उपस्थिति है। संबोधन में भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के चेयरमैन क्रिस गोपाल कृष्णन का भी उल्लेख रहा।

वैश्विक संघर्षों, अनिश्चितता, ऊर्जा और वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव तथा व्यापार तनाव की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री ने कहा कि अप्रैल से जून का तिमाही दौर विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रहा। फिर भी भारत 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जिससे दुनिया को नया भरोसा मिला। उन्होंने हाल ही में जापान की एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग को ए-श्रेणी में अपग्रेड किए जाने का भी जिक्र किया—तीन दशक बाद आया यह अपग्रेड विकास की रफ्तार, व्यापक आर्थिक स्थिरता और बीते वर्षों के संरचनात्मक सुधारों पर दुनिया के भरोसे को दर्शाता है।

भारत की फिनटेक कहानी का बड़ा आधार यूपीआई को बताया गया। 25 अगस्त को यूपीआई ने अपने 10 वर्ष पूरे किए। अकेले अगस्त महीने में यूपीआई पर 2,400 करोड़ से ज़्यादा लेनदेन हुए—औसतन करीब 10 मिनट में देशभर में 50 लाख से ज़्यादा यूपीआई लेनदेन। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा है कि यूपीआई केवल एक तकनीक की कहानी नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत कहानी है। भारत का यूपीआई अब दुनिया के 11 देशों में सक्रिय है। सिंगापुर के भुगतान तंत्र से जुड़ाव पहले ही हो चुका है; अगला लक्ष्य अन्य देशों और बाज़ारों से भी ऐसा कनेक्शन बनाना है, ताकि विदेश में काम करने वाले भारतीयों—जो दुनिया में सबसे ज़्यादा धन भेजते हैं—की लेनदेन लागत घटे और पैसा तेज़ी से परिवारों तक पहुँचे।

प्रधानमंत्री ने वित्तीय समावेशन को पीएम स्वनिधि से जोड़ा, जिसने लाखों स्ट्रीट वेंडरों को औपचारिक ऋण और स्वनिधि क्रेडिट कार्ड से जोड़ा। अध्ययन बताते हैं कि लाभार्थियों की औसत वार्षिक आय 20 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ी। योजना को 2030 तक बढ़ाने का फ़ैसला हुआ है, और इसकी सफलता में यूपीआई की बड़ी भूमिका बताई गई। उन्होंने भुगतान के साथ-साथ ऋण, बीमा, बचत, निवेश और पेंशन का हिस्सा बढ़ाने को कहा तथा चार प्राथमिकताएँ रखीं—भारत में उच्च स्तरीय साइबर सुरक्षा, उद्योग के अपने नैतिक डेटा संरक्षण मानक, मज़बूत फिनटेक नियामक-उद्योग नवाचार पारिस्थितिकी, और कंपनियों की पारदर्शी रेटिंग के लिए फिनटेक उपभोक्ता संरक्षण सूचकांक।